कुलभूषण जाधव के बारे में ये बातें जानकर चौंक जाएंगे आप और बेनकाब हो जाएगा पाक

 2017-04-16 11:35:53.0

कुलभूषण जाधव के बारे में ये बातें जानकर चौंक जाएंगे आप और बेनकाब हो जाएगा पाक

तहलका न्यूज वेब टीम

पाकिस्तान ने कुलभूषण जाधव को भारतीय एजेंसी रॉ का एजेंट बताते हुए फांसी की सजा का एलान कर दिया है. भारत इस बात का पुरजोर विरोध कर रहा है. लेकिन पाकिस्तान के दावों से इतर जाधव के बारे में जो बातें सामने आ रही हैं, वे पाकिस्तान के झूठ को बेनकाब कर रही हैं.

एक वेबसाइट के मुताबिक़ रॉ के पूर्व अधिकारियों के अनुसार पाकिस्तान के दावों में कई विरोधाभास हैं. रॉ अधिकारियों के अनुसार ऐसी 7 प्रमुख बातें ऐसी हैं, जिनसे ये साबित होता है कि कुलभूषण जाधव रॉ के एजेंट हो ही नही सकते.


1. कुलभूषण जाधव महाराष्ट्र के रहने वाले हैं और नेवी में काम करते हैं. रॉ अपने मिशन के लिए पाकिस्तान की सीमा के आसपास के इलाकों को चुनती हैं, जिन्हें लोकल बोली और संस्कृति की अच्छी नॉलेज हो और पाकिस्तान के लोगों में लोगों से आसानी से घुलमिल सकते हों. इस पैरामीटर पर कुलभूषण रॉ मिशन के लिए फिट हैं ही नहीं.

2. अगर कभी रॉ कभी पाकिस्तान के मिशन पर सीं से दूर रहने वालोंको भेजती भी है तो ऐसे एजेंट का चुनाव किया जाता है जो वहां की बोली जल्द से जल्द सीख ले और संकृति में जल्द से जल्द घुलमिल जाए. ऐसे ऑपरेशन का पीरियड भी बहुत छोटा होता है. ऐसी स्थिति में अगर कुलभूषण जाधव रॉ एजेंट होते तो उनका मिशन इतना लम्बा नही हो सकता.
 
3. रॉ के किसी भी मिशन पर कोई भी एजेंट इंडियन पासपोर्ट के साथ नहीं जाता. खासतौर से वह पाकिस्तान में कभी भी इंडियन पासपोर्ट पर एंट्री नही करता. पाकिस्तान ने खुद इस बात का दावा किया है कि कुलभूषण के पास इंडियन पासपोर्ट रिकवर हुआ है. कुलभूषण पर आरोप लगया गया है कि वह ईरान के रास्ते अवैध तरीके से पाकिस्तान में एंट्री कर रहा था, जबकि रॉ के उसूलों के खिलाफ जाकर कोई भी एजेंट ऐसी गलती नहीं करेगा.

4. रॉ का काम करने का तरीका ऐसा है कि जब किसी एजेंट को बॉर्डर क्रॉस कराया जाए तो उस देश में रॉ का कोई भरोसेमंद सोर्स मौजूद हो और वह एजेंट के आने से पाहले उसकी सुरक्षित एंट्री की पुख्ता तैयारियां कर चुका हो. ऐसा करने से रॉ के ऑपरेशन फूलप्रूफ होते हैं और उसके एजेंट एंट्री के समय कभी नहीं पकड़े जाते.

5. पाकिस्तान का दावा है कि कुलभूषण भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल से मिला था, जबकि रह्स्त्रिया सुरक्षा सलाहकार कभी भी किसी रॉ एजेंट से डायरेक्ट नही मिलते.

6. पाकिस्तान द्वारा जारी किये गए वीडियो में भी कई लूपहोल्स हैं, जारी हुए वीडियो में कुलभूषण कह रहे हैं कि वे नेवी से रिटायर हो चुके हैं. एक बार वे कहते हैं कि उन्होंने साल 2001 में नेवी छोड़ दी थी. दूसरी बार कहते हैं किवे नेवी से 2022 में रिटायर होंगे. इस वीडियो को देखकर साफ़ जाहिर हो रहा है कि कुलभूषण या तो टॉर्चर होने के कारण स्टेबल नहीं हैं या फिर फिर वे किसी ड्रग के प्रभाव में बात कर रहे हैं.

7. कुलभूषण बिज़नेस हैं और वे एक विवादित इलाके में काम कर रह थे. रॉ की पालिसी के अनुसार ऐसे इलाके में काम करने वाले बिज़नेसमेन केवल जानकारी का आदान-प्रदान करते हैं. रॉ ऐसे बिज़नेसमैन को कभी किसी खतरनाक असाइनमेंट के लिए इंगेज नहीं करता.

रॉ में काम कर चुके अफसरों के अनुसार ये ऐसे विरोधाभास हैं जो साबित करते हैं कि कुलभूषण जाधव किसी भी हाल में रॉ एजेंट हो ही नहीं सकते.


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