Breaking News
  • Breaking News Will Appear Here

VIDEO: इस IPS ऑफिसर ने देश में शुरू की थी SWAT FORCE

 Anurag Tiwari |  2017-02-11 07:52:05.0

VIDEO: इस IPS ऑफिसर ने देश में शुरू की थी SWAT FORCE

तहलका न्यूज ब्यूरो


लखनऊ .
यूपी एटीएस के आईजी असीम अरुण एक इंस्टिट्यूशन बिल्डिंग ऑफिसर के रूप में जाने जाते हैं. अमेरिका की तर्ज पर भारत में स्वाट टीम शुरू करने का श्रेय भी इन्ही को जाता है.

शुक्रवार को चुनाव आयोग ने वाराणसी के आईजी रहे एसके भगत का ट्रान्सफर कर उनकी जगह यूपी एटीएस के आईजी असीम अरुण को तैनाती दी.लेकिन इसके दूसरे दिन ही उनका ट्रान्सफर रद्द कर दिया गया.


क्या है स्वाट?

साल 2010 में अलीगढ़ में बतौर एसएसपी तैनात रहे असीम अरुण ने सबसे पहले भारत में स्वाट टीम की परिकल्पना को जन्म दिया था. यूपी के लिए गर्व की बात यह है कि कामनवेल्थ गेम्स में जिस स्वाट टीम ने सुरक्षा की व्यवस्था संभाली थी, उस टीम को अलीगढ़ की स्वाट टीम ने ही ट्रेनिंग दे थी. SWAT का फुल फॉर्म स्पेशल वेपन्स एण्ड टैक्टिस है और नाम के अनुरूप ही स्वाट टीम मेंबर्स को ट्रेनिंग दी जाती है. वाराणसी के नए आईजी असीम अरुण अपने करियर की शुरुआत में प्राइम मिनिस्टर मनमोहन सिंह की सुरक्षा में तैनात एसपीजी का हिस्सा रहे हैं. वे यूएन की पीस कीपिंग फ़ोर्स का हिस्सा भी रह चुके हैं.



क्या है स्वाट का काम करने का तरीका

स्वाट टीम मूल रूप से शहर में होने वाली हाईरिस्क वाली वारदातों जैसे बंधक बनाये जाने जैस स्थिति, अचानक गोलीबारी जैसी परिस्थितयों से निपटने के लिए बनाई गई है. ऐसी परिस्थितियों में स्वाट की टीम इन कामो को अंजाम देती है, जिसके लिए इन्हें स्पेशल ट्रेनिंग दी जाती है.


-सब्जेक्ट कंट्रोल,
-गोली चलाते वक्त दोनों आंखें खुली रखना,
-टार्गेट की कमजोरी पहचानना और अपनी कमजोरी छुपाना,
-फायर आर्म टैक्टिस,
-डबल टैप (दो बार गोली मारना),
-कवर फायर और घायल साथियों को बचाना,
-हर हाल में मानवाधिकारों को ध्यान में रखना और कानून का पूरा सम्मान करते हुए मिशन पूरा करना



कमांडो नहीं ये फाइटर्स हैं
असीम अरुण बताते हैं इन स्पेशली ट्रेंड पुलिस वालों के लिए कमांडो शब्द का प्रयोग बिलकुल नहीं किया जाएगा. उनके मुताबिक कमांडो शब्द अब हर तरह के पुलिसकर्मियों के लिए प्रयोग होने लगा है. चाहे वे वीआईपी सिक्यूरिटी में हों या कहीं पर रेड मारने के लिए ट्रेंड किए गए हैं. स्वाट के टर्न्ड फाइटर्स केवल हाई रिस्कं ऑपरेशन के लिए तैयार किए गए हैं और इन्हें वीआईपी सिक्यूरिटी में नहीं लगाया जाएगा.


नीचे क्लिक कर वीडियो में देखें कैसे काम करती है फ़ोर्स, यह वीडियो मशहूर फोटोग्राफर प्रवीण तालान ने स्वाट टीम के ऊपर एक स्पेशल कैलेंडर शूट करते समय बनवाया था




Tags:    

  Similar Posts

Share it
Top