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प्रसूता ने अस्‍पताल के बेड पर बिछाया बसपा का बैनर, खूब वायरल हो रही तस्‍वीर

 Abhishek Tripathi |  2017-03-27 08:07:23.0

प्रसूता ने अस्‍पताल के बेड पर बिछाया बसपा का बैनर, खूब वायरल हो रही तस्‍वीर

तहलका न्‍यूज ब्‍यूरो
बस्ती. यूपी सरकार बदल गई है, लेकिन अस्‍पतालों में असुविधा अभी जस की तस बनी हुई है। चिकित्‍सा की क्षेत्र में यूपी काफी पिछड़ा है, लेकिन यहां की सरकार इस तरफ कोई खास ध्यान भी नहीं देती है। यूपी के बस्‍ती जिले में एक मामला सामने आया है, जहां एक महिला को अस्‍पताल में बेड पर चादर ही नहीं मिली। इस बात से नाराज होकर महिला ने बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के बैनर को ही बेड पर बिछा लिया। ये तस्‍वीर सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है।

कुदरहा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में छह बेड हैं। अस्पताल में जेएसवाई (जननी सुरक्षा योजना) वार्ड है। वार्ड में चार महिलाएं भर्ती की गईं थीं। इनमें से तीन को चार-पांच घंटे के अंतराल पर बच्चे हुए थे। एक महिला प्रसव वेदना में थी, लेकिन बेड की हालत खस्ता थी। किसी भी बेड पर अस्पताल की चादर नहीं थी। जो दो बेड खाली थे उनके गद्दे फटे थे। लालगंज से आई एक महिला कमरजहां के बेड पर पार्टी का बैनर बिछा था। पूछने पर बताया कि अस्पताल से चादर नहीं मिली तो घर से यही लेकर आए थे इसलिए बिछा दिया।

पिपरपाती की एक अन्य प्रसूता अनीता ने बताया कि यहां पर दवा से लेकर वीगो व हाथ वाला दस्ताना भी बाहर से खरीदना पड़ा है। दवा खरीदने में एक हजार से बारह सौ रुपये खर्च हो गए। नाश्ते में चार ब्रेड व एक गिलास दूध एक टाइम मिला था। वार्ड का शौचालय तो खुलता ही नहीं। शौच के लिए दूसरे वार्ड में जाना पड़ता है। गंगापुर की बुधना ने बताया कि बेड तो मिला है, पर फटा गद्दा बिछा है। अस्पताल के कर्मचारी से चादर मांगी तो उन्होंने कहा कि सभी गंदी हैं, जब धोबी धुलकर लाएगा तभी मिलेगी।

एएनएम विनोदा सिंह व स्टाफ नर्स सुमन चौधरी ने बताया कि कि दवा नहीं है, वीगो व हाथ दस्ताना उपलब्ध है, अस्पताल से एक ही दस्ताना मिलता है इसलिए जरूरत पड़ने पर मरीज से दस्ताना मंगाना पड़ता है। बीस दिन से धोबी नहीं आ रहा है इसलिए सभी चादर गंदी हो गई हैं। बैनर चादर के रूप में किस मरीज ने इस्तेमाल किया यह पता नहीं है। किसी भी मरीज से किसी भी तरह का पैसा नहीं लिया जाता है।

सीएमओ एसएन वैश्य ने कहा कि अस्पताल पर पर्याप्त संख्या में चादर व गद्दे मौजूद हैं। फार्मासिस्ट की जिम्मेदारी है कि वह मरीजों को चादर उपलब्ध कराएं। मरीज यदि घर से चादर ले कर आ रहे हैं तो यह गंभीर विषय है। संबंधित कर्मचारी व पीएचसी अधीक्षक से इस संबंध में जवाब तलब किया जाएगा।

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