Breaking News
  • Breaking News Will Appear Here

नोटबंदी से अब तक का अपना खाता सार्वजानिक करें राजनीतिक दल

 Sabahat Vijeta |  2016-12-17 16:07:08.0

kala-dhan
तहलका न्यूज़ ब्यूरो


लखनऊ. लोकतंत्र मुक्ति आन्दोलन के संयोजक प्रताप चन्द्रा ने आज जीपीओ पार्क स्थित गांधी प्रतिमा पर धरना देकर राजनीतिक दलों से मांग की कि वह नोटबंदी से अब तक का खाता सार्वजनिक करें. इसकी मांग लगातार कर रहे प्रताप चन्द्रा ने बताया कि इस सम्बन्ध में वह मुख्य चुनाव आयुक्त नसीम जैदी से लिखित मांग भी कर चुके हैं. नसीम जैदी ने खुद इसका संज्ञान लिया और कहा कि सैकड़ों पार्टियाँ कालेधन को सफ़ेद करने के गोरखधंधे में लगी हुई हैं.


लखनऊ के हजरतगंज स्थित गाँधी प्रतिमा पर धरना देकर लोकतंत्र मुक्ति मोर्चा ने मांग की कि स्वच्छ राजनीति का दावा करने वाली सभी पार्टियाँ नोटबंदी से अब तक का बैंक खाता सार्वजनिक करें. धरने पर लोकतंत्र मुक्ति आन्दोलन के संयोजक प्रताप चन्द्रा के साथ समाजसेवी अखिलेश सक्सेना, संजय शर्मा, सौरभ जायसवाल, सरस्वती शर्मा, मनोज कुमार, अजीत नारायण सहित तमाम नागरिक बैठे थे. उन्होंने बताया कि कल 18 दिसंबर को लखनऊ के कैसरबाग स्थित रिफाहे आम क्लब पर होने वाली अरविन्द केजरीवाल की जनसभा में भी धरना दिया जायेगा. स्वच्छ राजनीति का दावा करने वाले अरविन्द केजरीवाल को 2 बार पत्र लिखकर आग्रह किया जा चुका है खाता स्टेटमेंट सार्वजनिक करने के लिए लेकिन अब तक नहीं किया.


खाता सार्वजनिक करनें की मांग को लेकर भाजपा, सपा, कांग्रेस, बसपा पार्टियों के प्रदेश कार्यालय पर धरना दे चुके हैं पर पार्टियाँ नागरिकों से कालाधन ख़त्म करने के प्रयास में सहयोग की उम्मीद करती हैं परन्तु खुद पार्टी का खाता सार्वजनिक नहीं करती, विडम्बना यह है कि आयकर विभाग सबकी जाँच कर सकता है पर पार्टियों की नहीं.


लोकतंत्र में राजनीतिक दलों की नैतिक जिम्मेदारी है सार्वजनिक रूप से पारदर्शी रहना, सभी पार्टिओं को अपना खाता सार्वजनिक करना ही चाहिये जिससे जनता में उनके प्रति सुचिता और विश्वास कायम रह सके परन्तु दुर्भाग्यपूर्ण है कि नोटबंदी से नेताओं और पार्टियों की चांदी हो गयी यानि एडवांस में पैसा आ रहा है, नियम ऐसा कि पार्टियों से नहीं पूछा जाता कि चंदा कहाँ से आया, इस पर नियंत्रण हो जाये तो काफी कालाधन समाप्त हो जायेगा. देश में लगभग 1900 पार्टियाँ हैं जिनमे ज्यादातर कालेधन को अपने खाते में जमा करने में जुटी हैं. प्रधानमंत्री ने सराहनीय कदम उठाते हुए अपनी पार्टी के जनप्रतिनिधियों से नोटबंदी के बाद से अब तक बैंक खाता स्टेटमेंट मंगाया जो अपने जनप्रतिनिधियों को पारदर्शी बताने की कोशिश है, परन्तु कालाधन जमा हो रहा है पार्टियों के खाते में जिसका कई मामले सामने भी आ चुके हैं.

Tags:    

  Similar Posts

Share it
Top