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भाजपा की "परिवर्तन यात्रा" में भी योगी को नहीं मिली तवज्जो

 Tahlka News |  2016-11-02 12:33:11.0

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तहलका न्यूज ब्यूरो

लखनऊ. 6 नवम्बर से शुरू हो रही भाजपा की “परिवर्तन यात्रा” पार्टी का चुनावी आगाज है. पार्टी इस यात्रा के जरिये पुरे सूबे में अपने पक्ष में माहौल बनाने में जुटी हुयी है मगर इन सब के बीच गोरखपुर के सांसद योगी आदित्यनाथ के समर्थको में भरी बेचैनी है.लम्बे समय से योगी आदित्यनाथ को यूपी में सीएम का चेहरा घोषित करने की मांग कर रहे योगी समर्थको की बेचैनी की वजह है परिवर्तन यात्रा के 4 संभावित चेहरों में योगी का न होना.


पार्टी सूत्रों की माने तो इस बार भगवा चेहरे के तौर पर उमा भारती होंगीं. वे राम मंदिर आन्दोलन का बड़ा चेहरा भी रही हैं. साथ ही प्रदेश अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्या भी विश्व हिन्दू परिषद् की पृष्ठभूमि से आते हैं ऐसे में पार्टी योगी जैसे धुर हिन्दुत्ववादी चेहरे से परहेज कर रही है. साथ ही राजनाथ सिंह के जरिये राजपूत वोटरों को प्रभावित किया जायेगा. ऐसे में योगी की हिंदुत्व और राजपूत, दोनों ताकत के लिए भाजपा के पास बेहतर विकल्प मौजूद हैं.

मिली जानकारी के अनुसार, बीजेपी की परिवर्तन यात्रा में राजनाथ सिंह, कलराज मिश्र, उमा भारती और केशव प्रसाद मौर्य रहेंगे. परिवर्तन यात्रा के रथों पर भी इनकी तस्वीरें दिखेंगी. सूत्रों के मुताबिक, इसमें सबसे अहम नाम उमा भारती का है, जिन्हें पार्टी पिछड़ा वर्ग में कल्याण सिंह के विकल्प के तौर पर पेश करने की कोशिश कर रही है.

पहली परिवर्तन यात्रा 5 नवंबर को सहारनपुर से शुरू होगी. जबकि दूसरी यात्रा छह नवंबर को झांसी से. तीसरी यात्रा 8 नवंबर को सोनभद्र से और चौथी 9 नवंबर को बलिया से शुरू होगी. इन यात्राओं के लिए चार रथों को तैयार किया गया है. बीजेपी के झंडे के रंग में रंगे इन रथों पर पीएम मोदी और शाह के दो बड़े चेहरों के बीच चार और चेहरे हैं. गृहमंत्री राजनाथ सिंह और वरिष्ठ नेता कलराज मिश्र राज्य के सबसे बड़े व प्रमुख नेताओं में शुमार हैं. केशव प्रसाद मौर्य प्रदेश अध्यक्ष हैं, लेकिन सबसे चौंकाने वाला नाम उमा भारती का है.

योगी आदित्यनाथ के समर्थक लम्बे समय से उन्हें सीएम् का चेहरा प्रोजेक्ट करने की मांग पर अड़े हैं. समर्थको ने कई बार होर्डिंग्स के जरिये भी दबाव बनाने की मुहीम चलाई मगर पार्टी के आला नेतृत्व ने इसे गलत करार दिया. वहीँ आरएसएस का विश्वास भी योगी पर नहीं है. संघ का कहना है कि योगी अपना सामानांतर संगठन चलते हैं और पहले वे अपनी हिन्दू युवा वाहिनी को ख़त्म करें, मगर योगी इसके लिए कभी तैयार नहीं होंगे क्युकिन उनकी ताकत यही हिन्दू युवा वाहिनी है. ऐसे में 5 बार के सांसद योगी को भाजपा सरकार में केंद्रीय मंत्री पद न मिलना और अब परिवर्तन यात्रा में उनकी उपेक्षा के कारण समर्थको की नाराजगी बढ़ने लगी है.

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