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बरेली के मजदूरों को मिलेगा दस रूपये में भोजन

 Sabahat Vijeta |  2016-05-23 16:02:15.0


  • मुख्यमंत्री ने बरेली में 417 रिक्शा चालकों को निःशुल्क ई-रिक्शा वितरित किए

  • मुख्यमंत्री ने जनपद बरेली में भी मजदूरों को 10 रूपये में भोजन उपलब्ध कराने के लिए कैन्टीन खोलने के लिए जिलाधिकारी को निर्देशित किया

  • आने वाले समय में प्रदेश में 2 लाख लोहिया आवास बनेंगे : मुख्यमंत्री

  • मुख्यमंत्री ने राज मिस्त्रियों को आधुनिक विश्वकर्मा प्रमाण-पत्र वितरित किए

  • मुख्यमंत्री का बरेली भ्रमण


cm-e-rikshawलखनऊ. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने आज बरेली में 417 रिक्शा चालकों को ई-रिक्शा वितरित कर, उन्हें हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने ई-रिक्शा के लाभार्थियां को बधाई देते हुए कहा कि प्रदेश के विभिन्न शहरों के रिक्शा चालकों को ई-रिक्शा मुफ्त में वितरित कर रहे हैं। सरकार की मंशा बड़े पैमाने पर निःशुल्क ई-रिक्शा वितरित करने की है, ताकि अधिक से अधिक संख्या में रिक्शा चालकों को यह ई-रिक्शा उपलब्ध हो सके और वे स्वावलम्बी बन सकें। सरकार का यह प्रयास भी है कि इन ई-रिक्शों का मालिकाना हक भी रिक्शा चालकों को मिल जाए।


मुख्यमंत्री ने लखनऊ की तर्ज पर बरेली में भी मजदूरों को 10 रुपए में भोजन उपलब्ध कराने हेतु कैन्टीन खोलने के निर्देश जिलाधिकारी को दिए। उन्हांने कहा कि जिलाधिकारी इसकी व्यवस्था जल्दी करा लें। राज्य सरकार द्वारा इसके लिए हर सम्भव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। इस योजना के क्रियान्वयन से बरेली के मजदूरों को सस्ते मे अच्छा खाना उपलब्ध होने लगेगा।


ग्रामीण निर्धन परिवारों को अच्छे मकान उपलब्ध कराने के लिए चलाई जा रही लोहिया आवास योजना के विषय में बोलते हुए श्री यादव ने कहा कि इसके तहत प्रत्येक आवास के निर्माण पर 3.05 लाख रुपए की धनराशि खर्च की जा रही है। आने वाले समय में 2 लाख लोहिया आवास बनाए जाएंगे। इन आवासों में विद्युत व्यवस्था के लिए सोलर लाइट भी लगवाई जा रही हैं।


मुख्यमंत्री ने कहा कि बरेली में पिछले चार साल में लगातार बड़े स्तर से विकास एवं निर्माण कराए गए हैं। बरेली-हल्द्वानी, बरेली-बदायूं बाईपास, हाइवे की बाधाएं दूर कर कार्य में तेजी लाने आदि कार्य इसके प्रमाण हैं। उन्होंने पानी की महत्ता पर बोलते हुए कहा कि जल हमारे जीवन के लिए बहुत जरूरी है। इसलिए राज्य सरकार पानी के संरक्षण, संवर्द्धन हेतु तालाबों के सुदृढ़ीकरण का कार्य प्राथमिकता पर करा रही है। इससे सभी के लिए पानी उपलब्ध होगा। उन्होंने पानी की महत्ता को समझने पर बल दिया और कहा कि यह अनमोल है। बुन्देलखण्ड में पानी की दिक्कत को दूर करने के लिए सरकार ने विभिन्न साधनों से पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करायी है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार कौशल विकास मिशन संचालित कर रही है। इसके तहत नौजवानों को रोजगारपरक प्रशिक्षण के साथ-साथ कार्मिकों को दक्ष बनाने के लिए कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इस अवसर पर उन्होंने आधुनिक विश्वकर्मा प्रमाण पत्र वितरित किए। यह प्रमाण पत्र भूकम्परोधी मकान बनाने का प्रशिक्षण पाने वाले राज मिस्त्रियां को प्रदान किए। इस प्रशिक्षण में राज मिस्त्रियों को एक हजार रुपए भत्ता व एक टूल किट भी प्रदान की गई।


इन प्रशिक्षण प्राप्त राज मिस्त्रियां को आधुनिक विश्वकर्मा प्रमाण पत्र प्रदान करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि भूकम्प कभी भी आ सकता है और इसके आने पर जान-माल का बहुत नुकसान होता है, लेकिन सूझ-बूझ से बनाए गए मकानों के निर्माण से इस नुकसान को कम किया जा सकता है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि इन राज मिस्त्रियां द्वारा बनाए गए मकान सुरक्षित होंगे।


कार्यक्रम के दौरान विख्यात शायर वसीम बरेलवी ने खुद को एमएलसी के पद से नवाजे जाने पर मुख्यमंत्री का शुक्रिया अदा किया। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने हमेशा बुद्धिजीवियों और साहित्यकारों को सम्मानित करने का कार्य किया है।


बरेली-बदायूं 4-लेन मार्ग का बदायूं में लोकार्पण करने के उपरान्त मुख्यमंत्री जनपद के रामगंगा तिराहे पर आयोजित इस कार्यक्रम में शिरकत करने के लिए बदायूं से सड़क मार्ग द्वारा निरीक्षण करते हुए कार्यक्रम स्थल पहुंचे। इस अवसर पर सांसद धर्मेन्द्र यादव सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण, शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारीगण सहित भारी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।


उल्लेखनीय है कि ई-रिक्शा योजना के प्रत्येक लाभार्थी को सरकार द्वारा ड्राईविंग लाइसेंस, ई-रिक्शे का रजिस्ट्रेशन, रोड परमिट, बीमा निःशुल्क उपलब्ध कराया जाता है। ये ई-रिक्शे ईको फ्रैन्डली हैं और प्रदूषण से मुक्ति सम्बन्धित मानकों को पूरा करते हैं और एक बार फुल चार्ज करने पर ये कम से कम 80 से 100 किलोमीटर की दूरी तय करते हैं। प्रत्येक ई-रिक्शे की अनुमानित कीमत लगभग 1.85 लाख रुपए है, जो लाभार्थी के लिए निःशुल्क है। इस ई-रिक्शे से प्रति किलोमीटर यात्रा का मूल्य मात्र 30 से 35 पैसे है। इस ई-रिक्शे के माध्यम से चालकों की आमदनी तो बढ़ेगी ही, साथ ही उनका स्वास्थ्य भी अच्छा रहेगा, क्योंकि अब उन्हें साइकिल रिक्शा की तरह हाड़-तोड़ मेहनत नहीं करनी पड़ेगी।

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