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महिला काजी ने कहा- रंग पड़े तो नाराज न हों मुसलमान

 Tahlka News |  2016-03-20 13:16:43.0

a1तहलका न्यूज ब्यूरो
कानपुर, 20 मार्च. प्रदेश की पहली महिला शहर काजी (सुन्नी) मारिया फजल ने कहा है कि होली में रंग का पड़ जाना कोई गुनाह नहीं है। अगर रंग पड़ जाए तो उस पर नाराजगी का इजहार न करें बल्कि उसे माफ कर दें। अल्लाह माफ करने वाले को सबसे ज्यादा पसन्द करता है। ख्याल रखें कि गुस्से में कोई नाजेबा (अप्रिय) हरकत न हो। आप अपने शहर के माहौल को साजगार बनाने में मददगार साबित हों।


ऑल इण्डिया मुस्लिम महिला बोर्ड की चमनगंज में बैठक हुई जिसमें महिला शहर काजी ने खासतौर से अपने ख्यालात का इजहार किया। कहा, वैसे तो खुद इस बात की ऐहतियात करें कि होली के दिन उन इलाकों में न जाएं जहां ज्यादा खेली जाती है। फिर भी अगर रंग पड़ जाता है तो उसे गुनाह की शक्ल में न देखें। अल्लाह माफ करने वालों को बेहद पसन्द करता है।


इस गुलदस्ते में सभी रंग
मोहतरमा फजल ने कहा कि होली के दौरान रंग खेला जाता है। बिरादराने वतन का यह त्योहार है। कुछ लोग रंग को लेकर मुद्दा बना लेते हैं। हमारी उन भाइयों से भी अपील है जो अपने त्योहार में रंग खेलते हैं वह उन लोगों पर रंग न डालें जो इससे परहेज करते हैं। हिन्दुस्तान कई रंग के फूलों का गुलदस्ता है। इसमें तब ही खुशबू महकेगी जब सब एकसाथ रहेंगे। हमारी गुजारिश सिर्फ इतनी है कि कोई किसी के साथ ऐसा न करे जिससे माहौल में कड़ुवाहट हो।


घने मुस्लिम इलाकों होलिका दहन
महिला शहर काजी ने कहा कि घनी मुस्लिम आबादी वाले इलाकों में भी होलिका दहन होता है। किसी को नहीं मालूम कि यह परंपरा कब शुरू हुई थी। फिर भी इलाके के लोग आज भी जिन्दा रखे हुए हैं। वे होलिका दहन के वक्त यहां खड़े भी होते हैं। हिन्दू भाई यहां अपने धार्मिक रीति रिवाज पूरे करते हैं। हमारी शिरकत एकता और भाईचारे के लिए होती है। हर त्योहार खुशगवार हो इसका ख्याल रखा जाता है। हमें अपने मजहब को मानने की आजादी है और उन्हें अपने। ऐसे में माहौल अच्छा रहे और सभी अपने-अपने त्योहार मनाएं तो इससे अच्छा और क्या हो सकता है।

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