Breaking News
  • Breaking News Will Appear Here

सर्जिकल स्ट्राइक के बाद हमारी सेना आखिर वापस क्यों लौटी, उसे तो वहीं तिरंगा फहरा देना चाहिए था

 Sabahat Vijeta |  2016-10-05 12:12:01.0

shahid-manzoor


तहलका न्यूज़ ब्यूरो


लखनऊ. उत्तर प्रदेश के श्रम मंत्री शाहिद मंज़ूर का कहना है कि सर्जिकल स्ट्राइक का यह पहला मामला नहीं है. इससे पहले भी हमारी सेना ने सर्जिकल स्ट्राइक की है. बस फर्क यह है कि उस समय का प्रधानमंत्री बोलता ही नहीं था इसलिए किसी को पता नहीं चल पाया. उन्होंने कहा कि सर्जिकल स्ट्राइक के लिए सेना की प्रशंसा होनी चाहिए लेकिन यह कहना गलत है कि हमारी सेना ने किसी दूसरे देश में जाकर आपरेशन किया. हकीकत तो यह है कि वह भी हमारी ही ज़मीन है बस उस पर पाकिस्तान ने क़ब्ज़ा कर रखा है. शाहिद मंज़ूर ने कहा कि अब सवाल तो यह उठेगा कि जब वहां तक हमारी सेना पहुँच गई थी तो फिर वापस क्यों लौटी. उसे तो वहीं पर जम जाना चाहिए था.


श्रम मंत्री शाहिद मंज़ूर ने आज सचिवालय स्थित अपने कार्यालय में संवाददाताओं यह बातें सर्जिकल स्ट्राइक पर किये गए सवाल के जवाब में कहीं. श्रम मंत्री ने आज यहाँ विभाग की समीक्षा बैठक के बाद प्रेस कांफ्रेंस बुलाई थी. उन्होंने बताया कि श्रम मंत्री बनने के बाद उन्होंने मजदूरों के हक में 14 योजनायें शुरू की हैं. मजदूरों के रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया शुरू की और 31 लाख मजदूरों का रजिस्ट्रेशन किया. रजिस्टर्ड मजदूरों के हक में सरकार ने तमाम योजनायें चलाई. साढ़े पांच लाख मजदूरों को सायकिल उपलब्ध कराई. मजदूरों की काम के दौरान दुर्घटना होने पर विकलांग होने की दशा में दो लाख और मौत पर पांच लाख मुआवज़े की व्यवस्था की. अंत्येष्टि के लिए श्रम विभाग मजदूर के परिवार को 25 हज़ार रुपये अलग से देता है.


उन्होंने बताया कि मजदूर के परिवार में बच्चा पैदा होने पर ज़च्चा और बच्चा दोनों के लिए सरकार ने उनके पोषण के लिए छह-छह हज़ार रुपये की व्यवस्था करती है. मजदूर की लड़की की शादी में 51 हज़ार रुपये का योगदान देती है. अब सरकार ने तय किया है कि बेघर मजदूरों को डेढ़ लाख रूपये घर के लिए अनुदान में दिए जाएँ.


उन्होंने बताया कि श्रम विभाग न्यूनतम मजदूरी तय कराने और असंगठित क्षेत्र के मजदूरों का भी रजिस्ट्रेशन कराने की दिशा में काम कर रहा है. उन्होंने कहा कि हालांकि सरकार ने असंगठित क्षेत्र के मजदूरों के लिए पहले भी काम किया है. मोदीनगर स्थित मोदी फैक्ट्रियों से बेदखल हुए मजदूरों को सरकार ने 8 करोड़ रुपये मुआवजा दिलवाया है.


शाहिद मंज़ूर ने बताया कि मजदूरों के बच्चों को शिक्षा दिलाने के लिए प्रदेश के 12 जिलों में 24 विद्यालय खोले गये हैं. हर विद्यालय में 100 बच्चे शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं. 15 अन्य जिलों में स्कूल खोलने के आदेश दिए जा चुके हैं.


श्रम मंत्री से जब चीन के सामान के विरोध में उठी आवाज़ पर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि जो लोग स्वदेशी के नाम पर सत्ता में आये हैं वह इसे रोकें. मुलायम सिंह यादव ने तो चीन के सामान का हमेशा विरोध किया है. उन्होंने कहा कि विदेशी सामान का हर हाल में विरोध होना चाहिए.

Tags:    

  Similar Posts

Share it
Top