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वाराणसी के घाटों पर दिखेंगे गंगा प्रदूषण के आंकड़े

 Girish Tiwari |  2016-07-09 12:12:53.0

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कोलकाता, 9 जुलाई. गंगा जल की गुणवत्ता पर नजर रखने के लिए यहां गंगा में सेंसर लगाए गए हैं। ये सेंसर हर पंद्रह मिनट पर गंगा जल में प्रदूषण की स्थिति से जुड़े आंकड़े मुहैया कराएंगे। यहां आने वाले लोगों को जल्द ही यह देखने को मिल सकता है, क्योंकि ये घाटों पर प्रदर्शित होते रहेंगे। इस परियोजना से जुड़े एक वैज्ञानिक ने यहां यह जानकारी दी। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान(आईआईटी), खड़गपुर के भूगर्भ विज्ञान एवं भू-भौतिकी के एसोसिएट प्रोफेसर अभिजीत मुखर्जी ने शुक्रवार को कहा, "हमलोग गंगा के 12 घाटों के 16 स्थानों पर पिछले एक साल से नजर रख रहे हैं। इसके अलावा हमारे सहयोगी इंटेल ने अभी-अभी कुछ रियल टाइम सेंसर लगाने का काम खत्म किया है, जो हर 15 मिनट पर नदी के जल की गुणवत्ता की जानकारी देगा।"

मुखर्जी ने कहा, "अभी हमलोग ये आंकड़े पाते रहेंगे, लेकिन अंतत: योजना यह है कि घाटों पर हम इसके प्रदर्शन की व्यवस्था करें, ताकि लोग प्रदूषण का स्तर देख सकें।"

उन्होंने कहा, "ये सेंसर शुक्रवार को लगाए गए और ये अगले दो-तीन दिनों में डाटा जारी करना शुरू कर देंगे।"

उन्होंने कहा, "हमारे संरक्षण में जल संसाधन मंत्रालय के आदेश पर इंटेल यह काम कर रही है।"

वाराणसी में प्रदूषण निगरानी एवं जल संसाधन प्रबंधन का काम संभाल रहे मुखर्जी एवं उनकी टीम शहर के भूजल की स्थिति की भी जांच कर रही है।

उन्होंने कहा, "कुल नौ स्टेशन (सेंसर) हैं, जहां हम भूजल स्तर के आकलन के लिए जलस्तर के उतार-चढ़ाव पर नजर रख रहे हैं। इन सबका विश्लेषण करके हमलोग भौतिकी, रसायन के साथ-साथ वाराणसी में गंगा के लिए जल संसाधन आंकड़े का दस्तावेज तैयार करेंगे।"

वाराणसी की यह पहल मानव संसाधन विकास मंत्रालय द्वारा प्रायोजित संधि परियोजना का हिस्सा है। (आईएएनएस)|

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