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ई है काशी! नाश्ते से लेकर डिनर तक सब कुछ लल्लनटॉप...

 Abhishek Tripathi |  2016-06-14 06:03:58.0

varanasi_foodतहलका न्यूज डेस्क
वाराणसी. विश्व के प्राचीनतम शहरों में से एक काशी गंगा घाटों के अलावा खान-पान के लिए भी विश्व विख्यात है। यहां की कचौड़ी, लौंगलता, जलेबा और भांग वाली ठंडई जैसी तमाम खाने-पीने वाली चीजें लोगों को अपनी ओर आकर्षित करती हैं।


पानः 'खईके पान बनारस वाला, खुल जाए बंद अक्ल का ताला' इस गाने के बोल बनारस के पान की खासियत बताने के लिए काफी है। बनारस का नाम जुबां पर आते ही सबसे पहले 'बनारसी पान' की तस्वीर सामने आ जाती है। विदेशी टूरिस्ट भी एक बार इसका स्वाद जरूर चखते हैं। 'गुलकंद वाला पान' हर किसी की पहली पसंद है।

लस्सीः बनारसी लस्सी भी यहां की पहचान है। इंडिया घूमने आए विदेशी इसका स्वाद जरूर चखते हैं। चौक इलाके की कचौड़ी गली में 'ब्लू लस्सी' के नाम से एक दुकान है। यहां आपको सेब, केला, अनार, आम और रबड़ी समेत हर फ्लेवर की लस्सी मिल जाएगी।

पूड़ी-सब्जी और जलेबीः कद्दू की सब्जी-पूड़ी और साथ में गरमागरम जलेबी बनारस की पहचान है। लंका पर स्थित 'चाची की दुकान' पूड़ी-सब्जी के लिए मशहूर है। इसका स्वाद चखने के लिए लोग सुबह से ही दुकान पर जमा हो जाते हैं। वहीं, चौक की कचौड़ी गली इसी के लिए ही फेमस है। अगर आप काशी आएं तो इसका स्वाद एक बार जरूर चखें।

टमाटर चाटः काशी में आए और टमाटर चाट का स्वाद नहीं चखा, इसका मतलब आप बनारसीपन के एक हिस्से को नहीं जान सके। जी हां, टमाटर चाट बनारस का फेमस स्ट्रीट फूड है। इसे बनारसी चाट भी कहा जाता है। इसका स्वाद बेहद अलग और स्वादिष्ट होता है।

लौंग लताः इसे 'लवंग लतिका' भी कहते हैं। ये बंगाली समाज के त्योहारों पर बनने वाली पारंपरिक मिठाई है। बनारस की हर दुकान पर ये करीने से सजी हुई रखी रहती है। जो काशी आता है, वो एक बार इसका स्वाद जरूर चखता है।


मलइयोः दूध से बनने वाला मलइयो काशी की खास पहचान है। गंगा घाट, चौक और गदौलिया में मिलने वाला मलइयो लोगों को अपनी तरफ खींच ही लेता है। इसे बनाने की विधि भी बेहद खास है। दूध को चीनी के साथ उबालकर आसमान के नीचे ओस में रख दिया जाता है। रात भर ओस में रखने के बाद इसमें दूध मिलाया जाता है। इसके बाद किसी बर्तन में दूध को काफी देर तक फेंटा जाता है। इससे झाग तैयार होता है, जिसे लाजवाब मलइयो कहते हैं।


कुल्हड़ वाली चायः बनारस में कुल्हड़ में चाय पीने का अलग ही मजा है। यहां मिट्टी की सोंधी-सोंधी खुशबू वाले कुल्हड़ में चाय पीने के लिए लोग दूर-दूर से आते हैं। वैसे तो चाय पीने के लिए दुकानों पर हमेशा ही भीड़ लगी रहती है, लेकिन सर्दियों में लोग वहीं पर ही डेरा जमा लेते हैं।


चूड़ा-मटरः काशी में सर्दियों में हर घर में चूड़ा-मटर बनता है। यही नहीं, ये आपको दुकानों पर भी गरमागरम मिल जाएगा। यहां के लोग अक्सर बतकही लगाते और साथ में चूड़ा-मटर खाते दिख जाएंगे।


बाटी-चोखाः इसे 'लिट्टी-चोखा' भी कहते हैं। इसका नाम लेते ही बिहार की याद आ जाती है, क्योंकि बाटी-चोखा वहां की मशहूर डिश है। लेकिन, इसके स्वाद की चर्चा बनारस में भी होती है। यहां हर मौके पर बाटी-चोखा जरूर बनता है।


छोला-समोसाः बनारस में छोला-समोसा भी काफी फेमस है। चाय के साथ लोग इसका स्वाद जरूर चखते हैं।


रबड़ी वाला दूधः वैसे तो आप घर में ही दूध गर्म करके पी लेते होंगे, लेकिन बनारस में बड़ी सी हांडी में घंटों तक दूध पकाया जाता है। इससे दूध का स्वाद बढ़ जाता है। इसके बाद दूध में रबड़ी भी मिलाई जाती है, जो इसके टेस्ट को और भी बढ़ा देती है।


बनारसी चाटः बनारस की चाट काफी मशहूर है। देश-विदेश से लोग आलू-टिक्की चखने के लिए काशी आते हैं। अलग-अलग मसालों से बनी आलू-टिक्की का अलग ही स्वाद होता है। आप जब भी काशी आएं तो ये डिश जरूर खाएं।


सेवपुरीः आलू, टमाटर, प्याज, अलग-अलग मसाले और सेव से बनी सेवपुरी अपने स्वाद के लिए काफी मशहूर है। अगर आप बनारस आने का प्लान बना रहे हैं तो इसे भी एक बार जरूर चखें।


बनारसी मिठाइयां: बनारसी खान-पान में मिठाइयां भी खास स्थान रखती हैं। यहां के रसगुल्ले, गुलाबजामुन, मलाई-गिलौरी, लौंगलता, बेसन के लड्डू, खीर- कदम और न जाने कितनी ही मिठाइयां हैं, जिसका स्वाद आपको एक बार जरूर चखना चाहिए।

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