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प्राथमिक से उच्च शिक्षा के हर स्तर पर ध्यान ज़रूरी : अखिलेश

 Sabahat Vijeta |  2016-09-11 15:19:05.0

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  • वर्तमान काॅम्पटीशन के दौर में सफल होने के लिए शिक्षा व्यवस्था में गुणात्मक बदलाव की जरूरत: मुख्यमंत्री

  • समाजवादी सरकार ने प्रदेश में बेहतर और गुणवत्तापरक शिक्षा के लिए काम किया

  • समाजवादी सरकार रास्ता निकालने में यकीन रखती है

  • शिक्षकों द्वारा की जा रही विभिन्न मांगों पर विचार कर समाधान निकाला जाएगा

  • मुख्यमंत्री ने ‘उच्च शिक्षा: मुद्दे, चुनौतियां, सम्भावनाएं एवं रणनीति’ विषयक राष्ट्रीय सेमिनार में शिरकत की

  • मुमताज़ पीजी काॅलेज एवं लुआक्टा ने संयुक्त रूप से आयोजित किया था सेमिनार

  • निवर्तमान शिक्षकगण को मुख्यमंत्री ने सम्मानित किया

  • लुआक्टा की स्मारिका तथा पुस्तक ‘हिन्दी और भारतीय मुस्लिम साहित्यकार’ का विमोचन किया


लखनऊ. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा है कि वर्तमान काॅम्पटीशन के दौर में सफल होने के लिए शिक्षा व्यवस्था में गुणात्मक बदलाव की जरूरत है। देश में अभी भी विश्वस्तरीय उच्च शिक्षा संस्थान नहीं हैं। बेहतर शिक्षा व्यवस्था के लिए प्राथमिक से लेकर उच्च स्तर तक की शिक्षा पर ध्यान देना होगा। समाजवादी सरकार ने प्रदेश में बेहतर और गुणवत्तापरक शिक्षा के लिए काफी काम किया है।


मुख्यमंत्री आज यहां मुमताज़ पीजी काॅलेज में ‘उच्च शिक्षा: मुद्दे, चुनौतियां, सम्भावनाएं एवं रणनीति’ विषय पर आयोजित राष्ट्रीय सेमिनार के उद्घाटन के पश्चात् अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। संगोष्ठी का आयोजन मुमताज़ पीजी काॅलेज एवं लखनऊ विश्वविद्यालय सहयुक्त महाविद्यालय शिक्षक संघ (लुआक्टा) द्वारा संयुक्त रूप से किया गया था।


इस मौके पर मुख्यमंत्री ने शिक्षा और शिक्षकों की समस्याओं के लिए संघर्ष करने वाले निवर्तमान शिक्षकगण, डाॅ. शक्तिधर (मरणोपरान्त), डाॅ. सुप्रभा वी. सहाय (मरणोपरान्त), डाॅ. संग्राम सिंह चौहान, डाॅ. जे.एन. शुक्ला, डाॅ. लल्लू राम मिश्र, डाॅ. रीना सिंह, डाॅ. हसीन जहां, डाॅ. प्रियलता सिन्हा, डाॅ. अरुणा राजवंशी, डाॅ. एस.पी. त्रिपाठी, इशरत मुर्तुजा सिद्दीकी, डाॅ. अहमद अब्बास, डाॅ. अयोध्या सरन त्रिपाठी, डाॅ. ए.पी. सिंह, डाॅ. नरेन्द्र मणि त्रिपाठी तथा डाॅ. एल.के. अस्थाना को सम्मानित किया। सम्मानित शिक्षकगण को बधाई और शुभकामनाएं देते हुए उन्होंने खुशी जतायी कि उन्हें ऐसे संघर्षशील और प्रतिष्ठित गुरूजनों का सम्मान करने का अवसर मिला।


मुख्यमंत्री ने कहा कि समाजवादी सरकार रास्ता निकालने में यकीन रखती है। समाजवादी सरकार के प्रयासों से ही पुलिस विभाग में बड़े पैमाने पर भर्ती और प्रोन्नति हुई है। पुलिस भर्ती की प्रक्रिया आसान कर दी गयी है, क्योंकि पुलिस में भर्ती के लिए कठिन परीक्षा से अधिक बेहतर ट्रेनिंग की जरूरत है। पीसीएस और पीपीएस अफसरों की भी बड़े पैमाने पर प्रोन्नतियां समाजवादी सरकार द्वारा करायी गयी हैं। आलिम और मोअल्लिम की डिग्री धारकों की भर्ती की भी अनुमति दी गयी। इसी प्रकार शिक्षामित्रों के समायोजन का रास्ता भी निकाला गया है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि शिक्षकों द्वारा की जा रही अधिवर्षता आयु बढ़ाने सहित विभिन्न मांगों पर विचार कर समाधान निकाला जाएगा।


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श्री यादव ने कहा कि समाजवादी सरकार ने सभी क्षेत्रों और वर्गों के लिए बिना किसी भेदभाव के काम किया है। हज हाउस का निर्माण कराया गया है तो भजन स्थल भी बनवाया गया है। कब्रिस्तानों की चहारदीवारियां बनवायी गयी हैं तो अन्त्येष्टि स्थलों की सुरक्षा का इंतजाम भी किया गया है। कब्रिस्तानों की चहारदीवारियां बनने से इन पर होने वाले कब्जे के विवादों में कमी आयी है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि समाजवादी सरकार द्वारा देश के सबसे लम्बे आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे का निर्माण रिकाॅर्ड समय में करवाया जा रहा है। लखनऊ, नोएडा और गाजियाबाद में मेट्रो रेल के निर्माण का कार्य तेजी से चल रहा है। लखनऊ में गोमती, वाराणसी में वरुणा तथा मथुरा में यमुना नदियों की स्वच्छता और सौन्दर्यीकरण का काम तेजी से चल रहा है। कानून-व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए समाजवादी सरकार ऐसी व्यवस्था करने जा रही है, जिससे 108 और 102 एम्बुलेंस सेवाओं की तरह 100 नम्बर पर फोन करने पर जल्द से जल्द पुलिस घटनास्थल तक पहुंचकर पीड़ितों को राहत पहुंचाने का काम करेगी। इस प्रकार की सेवा देश में पहली बार उत्तर प्रदेश में ही शुरू होने जा रही है।


संगोष्ठी को सम्बोधित करते हुए उच्च शिक्षा राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार शारदा प्रताप शुक्ल ने कहा कि सरकार शिक्षकों की मांगों का शीघ्र समाधान करेगी। व्यावसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास राज्य मंत्री अभिषेक मिश्रा ने कहा कि शिक्षक दीर्घकालिक बदलाव की ताकत रखते हैं। समाजवादी सरकार द्वारा संचालित विभिन्न विकास योजनाओं और जनकल्याणकारी कार्यक्रमों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि समाजवादी सभी क्षेत्रों में विकास का काम करके लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने की कोशिश की है। मुमताज पीजी काॅलेज के प्रबन्धक व अपर महाधिवक्ता जफरयाब जीलानी ने कहा कि यह देश हमेशा से सेकुलर रहा है और आगे भी सेकुलर ही रहेगा। उन्होंने भरोसा जताया कि समाजवादी सरकार द्वारा शिक्षकों की समस्याओं का निस्तारण किया जाएगा।


इस मौके पर अपने विचार व्यक्त करते हुए दिल्ली विश्वविद्यालय शिक्षक संघ की अध्यक्ष प्रो. नंदिता नारायण ने कहा कि शिक्षा बंधनों से मुक्ति का जरिया है। यह सवाल पूछने का साहस पैदा करती है, लेकिन पूरी दुनिया में शिक्षा के निजीकरण के द्वारा सामान्यजन को शिक्षा से वंचित करने का प्रयास चल रहा है। लुआक्टा के अध्यक्ष मनोज पाण्डेय ने कहा कि समाजवादियों ने हमेशा शिक्षकों की समस्याओं का समाधान किया है। उन्होंने शिक्षकों की अधिवर्षता आयु बढ़ाने, महाविद्यालयों में प्रोफेसर के पद तक प्रोन्नति तथा शिक्षकों के लिए कैशलेस इलाज की सुविधा की मांग की। कार्यक्रम को मुमताज पीजी काॅलेज के अध्यक्ष चौधरी शरफुद्दीन तथा लुआक्टा की महामंत्री डाॅ. अंशु केडिया ने भी सम्बोधित किया।


इससे पूर्व मुख्यमंत्री ने मुमताज पीजी काॅलेज में निर्मित प्रो. डाॅ. मोहम्मद यूनुस नगरामी कमेटी रूम का उद्घाटन किया। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने लुआक्टा की स्मारिका तथा डाॅ. अब्दुर्रहीम की पुस्तक ‘हिन्दी और भारतीय मुस्लिम साहित्यकार’ का विमोचन भी किया।


इस अवसर पर जनप्रतिनिधिगण, शासन-प्रशासन के अधिकारी, शिक्षकगण, छात्र-छात्राएं एवं अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

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