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महाहड़ताल का दूसरा दिन: पहले दिन 800 करोड़ का नुकसान, आज भी काम रहेगा ठप

 Abhishek Tripathi |  2016-08-11 03:58:00.0

state_employees_strikeतहलका न्यूज ब्यूरो
लखनऊ. यूपी सरकार की वादाखिलाफी के विरोध में गुरुवार को दूसरे दिन भी राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के बैनर तले राज्य कर्मचारियों की महाहड़ताल जारी है। इस महाहड़ताल के पहले दिन यूपी सरकार को करीब 800 करोड़ राजस्व की हानि हुई। अब हड़ताल के जारी रहने के कारण यूपी सरकार को ज्यादा नुकसान उठाना पड़ सकता है।


परिषद के अध्यक्ष हरि किशोर तिवारी ने बताया कि वर्ष 2013 में हुई महा हड़ताल के दौरान उच्च न्यायालय के हस्तक्षेप से सरकार द्वारा मानी गयी चार मुख्य मांगें पूरी ना किए जाने के विरोध में विभिन्न विभागों के करीब 16 लाख राज्यकर्मियों ने बुधवार को कामकाज ठप रखा। मांगे नहीं मानी गईं तो अगले दो दिनों तक यह महाहड़ताल जारी रहेगी।


उन्होंने बताया कि इस तीन दिवसीय हड़ताल के पहले दिन बेसिक शिक्षा निदेशालय, माध्यमिक शिक्षा निदेशालय, उद्यान निदेशालय, समाज कल्याण निदेशालय, लोकनिर्माण विभाग, श्रम विभाग, परिवहन, कोषागार, कृषि तथा लेखा विभाग के कार्यालय बंद रहे। इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग के अस्पतालों में तीन घंटे काम बंद रहा।


तिवारी ने बताया कि दफ्तर बंद करके उनके गेट पर कर्मचारियों ने धरना-प्रदर्शन किया और शाम को राजभवन के सामने पीडब्ल्यूडी गेट पर बड़ी बैठक की गर्इ। उन्होंने कहा कि राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद हड़ताल के तीसरे दिन समीक्षा करके भविष्य की रणनीति तय करेगी। यह हड़ताल अनिश्चितकालीन भी हो सकती है।


हरि किशोर तिवारी ने बताया कि वर्ष 2013 में परिषद के ही बैनर तले हुई महाहड़ताल के दौरान उच्च न्यायालय के हस्तक्षेप पर राज्य सरकार चार मांगे मानने को तैयार हो गई थी। इनमें राज्य कर्मचारियों को ‘कैशलेस’ इलाज की सुविधा, तहसीलदारों की पदोन्नति खत्म ना करने, सफाई कर्मचारियों को ग्राम प्रधानों से असम्बद्ध करके उनकी पदोन्नति की नियमावली बनाने और लिपिकों की समय से पदोन्नति में व्याप्त बाधाएं दूर करना शामिल था। तिवारी ने बताया कि उस समय सरकार ने इन मांगों पर सहमति जता दी थी, लेकिन उन पर अमल नहीं किया गया। अन्य मांगों को लेकर समितियां तो बनाई, लेकिन कोई निर्णय नहीं हुआ।

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