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अब छोटे विमानों से पर्यटक निहार सकेंगे यूपी के दर्शनीय शहर

 Sabahat Vijeta |  2016-06-23 15:15:54.0

small plane




  • प्रभावी एवं व्यावहारिक क्रियान्वयन हेतु इन्ट्रास्टेट वायु सेवा नीति में विभिन्न संशोधन प्रस्तावों को मंजूरी

  • अंतर्प्रदेशीय वायु सेवा संचालन हेतु 18 से 20 सीटर वायुयान का उपयोग किया जाएगा

  • प्रति सीट न्यूनतम किराया का निर्धारण महानिदेशक पर्यटन की अध्यक्षता में गठित समिति करेगी


लखनऊ. उत्तर प्रदेश में पर्यटन को बढ़ावा देने के मकसद से छोटे विमानों के ज़रिये लखनऊ, वाराणसी, आगरा, इलाहाबाद और गोरखपुर को जोड़ने के लिए मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की कोशिशें अब रंग लाने लगी हैं. मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में आज यहां सम्पन्न मंत्रिपरिषद की बैठक में वायु सेवा संचालन नीति के प्रभावी एवं व्यावहारिक क्रियान्वयन के लिए नीति में विभिन्न संशोधन प्रस्तावों को मंजूरी प्रदान कर दी गई है. इससे प्रदेश में आवागमन की बेहतर सुविधा के साथ-साथ पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा.


इन संशोधनों के उपरान्त अंतर्प्रदेशीय वायु सेवा संचालन हेतु 18 से 20 सीटर वायुयान का उपयोग किया जाएगा. अंतर्प्रदेशीय वायु सेवा संचालन हेतु निविदा प्रक्रिया के माध्यम से वायु सेवा प्रदाता का चयन किया जाएगा. चयनित सेवा प्रदाताओं को राज्य सरकार द्वारा वायबिल्टी गैप फण्ड (वीजीएफ) के अंतर्गत 300 घण्टे की उड़ान पर अधिकतम 5.00 करोड़ रुपए की सीमा तक अनुमन्य होगा. चयनित वायु सेवा प्रदाता से प्रारम्भ में एक वर्ष की अवधि हेतु अनुबंध किया जाएगा तथा एक वर्ष की संतोषजनक सेवा के बाद आगामी 2 वर्षों के लिए अनुबंध की अवधि बढ़ायी जा सकेगी. वायु सेवा के लिए प्रति सीट न्यूनतम किराया का निर्धारण महानिदेशक पर्यटन की अध्यक्षता में गठित समिति द्वारा किया जाएगा.


वायु सेवा प्रदाता को प्रथम चरण में प्रतिदिन अनिवार्य रूप से लखनऊ-वाराणसी-आगरा-वाराणसी-लखनऊ. लखनऊ-इलाहाबाद-गोरखपुर- लखनऊ. लखनऊ-गोरखपुर-इलाहाबाद-लखनऊ के लिए वायु सेवा प्रदान करनी होगी.

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