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चोरों को पनाह दे रही यूपी पुलिस, गरीबों पर ढा रही जुल्म

 Tahlka News |  2016-04-30 12:16:27.0

a1तहलका न्यूज ब्यूरो
अंबेडकरनगर. यूपी पुलिस पर एक आरोप हमेशा लगता आया है कि वह केस को दर्ज करने में आनाकानी करती और मामले को टरकाने में ज्यादा विश्वास रखती है। मुख्यमंत्री चाहे जितना कहते रहे लेकिन यूपी पुलिस है कि अपनी कार्यशैली में कोई तब्दीली करती नजर नहीं आ रही है। चोरी की घटनाओं पर परदा डालने को पुलिस का खेल जारी है। पहले तो प्राथमिकी ही दर्ज करने में पुलिस आनाकानी करती है।


पुलिस अपनी छवि कब सुधारेगी? या पुलिस की छवि कब सुधरेगी? यह स्वाभाविक प्रश्न जवान से लेकर बुजुर्ग हर उस इंसान के जहन में कौंधता है, जो अपने जीवन-काल में चौकी और थाने की चौखट देख आया हो या फिर किसी न किसी रूप में खादी वर्दी से उसका वास्ता पड़ा हो। अमूमन ज्यादातर लोग गंभीर घटनाओं और आपराधिक वारदातों से पहले सिर्फ इसलिए वर्दी वालों के दहलीज पर कदम नहीं रखते, क्योंकि वहां आरोपी से ज्यादा सख्ती पीडि़त के साथ दिखाई जाती है। यह मात्र संयोग नहीं बल्कि व्यवस्थागत खामी का एक अहम पहलू है कि अपराधियों के खौफ के साथ-साथ पुलिस की उदासीनता का भय भी लोगों में सिहरन पैदा कर देता है। बात जब उत्तर प्रदेश को लेकर की जाए तो आपराधिक मामलों के साथ ही यहां पुलिस की असहिष्णुता, उदासीनता और खौफनाक चेहरे के कई किस्से आपके जहन में ताजा हो उठेंगे।


ताज़ा मामला उत्तर प्रदेश के अम्बेडकरनगर जनपद से जुड़ा हुआ। अम्बेडकरनगर में थाना सम्मनपुर के अन्तर्गत आने वाला गांव कटघर कमाल निवासी एनुल हसन और नायाब बुधवार की रात अपने परिवार के साथ अम्बेडकरनगर स्थित गदाएं से शादी समारोह में शामिल होने के बाद अपने घर वापस लौट रहे थे और बरियावन-पट्टी मार्ग स्थिति चर्चित स्थान चन्दरवा के पास पिकप सवार बदमाशों ने हमला कर लूटपाट की। पीडि़त घटना की जानकारी के लिए सम्मनपुर थाना से कई बार सम्पर्क किया, लेकिन सम्पर्क नहीं हो पाया। पीडि़त ने सुबह थाने में जाकर अपनी आपबीती सुनाई तो थाने में उसकी बात को अनसुना करके बाद आने की बात कहकर वापस भेज दिया।


मामला यूथ बिग्रेड के प्रदेश अध्यक्ष मोहम्मद एबाद के गांव से जुड़ा होने की वजह से ग्रामीणों ने मोहम्मद एबाद को इस घटना से अवगत कराया तो उनहोंने आश्वास्थ किया की पुलिस उचित कार्रवाई जरूर करेगी लेकिन घटना के तीन दिन तक पुलिस कान में तेल डाले बैठी रही और न ही इस मामले में कोई कार्रवाई की गई। घटना के तीसरे दिन काफी दबाव के बाद किसी तरह प्राथमिकी दर्ज कर तुरंत मामले का खुलासे करने की बात कर रही है। जब घटना की प्राथमिकी दर्ज करने में तीन दिन लगता है तो मामले का खुलासा होने का ख्याल करने की उम्मीद लगाना ही बेवकूफी जैसी बात लग रही है। क्योंकि एक सप्ताह पूर्व क्राइम जोन बने उक्त स्थान के पास ही जलालपुर थाना क्षेत्र के कैथा निवासी गुड्डू की सर कटी लाश मिली थी और घटना की 15 दिन बात तक सम्मनपुर थाना की पुलिस खुलासा तो दूर गिरफ्तारी भी किसी की नहीं कर पायी है।


ऐसे में उत्तर प्रदेश को उत्तम प्रदेश बनाने का सपना संजोए युवा मुख्यमंत्री अखिलेश यादव क़ानून-व्यवस्था की लाख दुहाई दे। पुलिस की तारीफ में कसीदें पढ़े, लेकिन उनके सरकारी मुलाजिम और जनता के रक्षक अपने व्यवहार और उदासीन छवि की वजह से जनता से कोसों दूर हो गए हैं। यह धारणा पुलिस के व्यवहार और उदासीन रवैये से और भी बढ़ रही है, पुलिस स्टेशन में आरोपी दामाद की तरह बैठ जाते हैं और पीडि़त गुनहगार की तरह गिड़गिड़ाता है। पुलिस शिकायतकर्ता को ही खटघरे में खड़ा करके सवालों की झड़ी लगा देती है। एक शब्द मुंह से निकला नहीं की उस पर आंख चढ़ा ली जाती है।

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