19 साल की लड़ाई को योगी सरकार ने दिया मुकाम

 2017-03-21 17:31:42.0

19 साल की लड़ाई को योगी सरकार ने दिया मुकाम


तहलका न्यूज़ ब्यूरो

लखनऊ. उन्नाव के राजेश सिंह चंदेल की 19 साल पहले शुरू हुई कोशिश अब रंग लाने लगी है. भारतीय जनता पार्टी से सभासद रहे राजेश सिंह चंदेल ने 1998 में स्लाटर हॉउस बंद कराने के लिए अभियान शुरू किया था. इसकी लड़ाई उन्होंने पुलिस के ज़रिये भी लड़ी और कोर्ट के ज़रिये भी लड़ी. लड़ते-लड़ते 19 साल गुज़र गये. योगी आदित्यनाथ की सरकार ने अवैध स्लाटर हाउस बंद कराने का काम शुरू किया तो उन्हें अपनी मंजिल मिलती नज़र आने लगी है.

राजेश सिंह चंदेल 1998 में उन्नाव के आवास विकास के पास स्लाटर हाउस का लाइसेंस को भविष्य में होने वाले प्रदूषण के नाम पर जिला प्रशासन से निरस्त कराया था. मिर्ज़ा इन्टरनेशनल ने कच्चे चमड़े का काम शुरू किया तो भी चंदेल ने आवाज़ उठाई. इसके लिए वह हाईकोर्ट तक गए और काम बंद करवा दिया. अगस्त 2014 में उन्होंने 39 ट्रकों में भरकर लाये गए 609 मवेशियों को मुक्त करवाया.

राजेश सिंह चंदेल ने बताया कि स्लाटर हाउस के मामले में दुधारू जानवरों की जानें तो जा ही रही हैं साथ ही पिछले 10 सालों में सरकारी खजाने को भी 350 करोड़ रुपये का नुकसान पहुँचाया गया है. उन्होंने बताया कि पूरे भारत में 103 स्लाटर हाउस हैं. जिनमें 60 फीसदी स्लाटर हाउस अकेले उत्तर प्रदेश में ही हैं. एक स्लाटर हाउस में एक दिन में 3000 जानवर काटने की क्षमता है. उन्होंने बताया कि स्लाटर हाउस में जानवर काटने से पहले एन्टीमार्टम कराने का नियम है. इसमें डाक्टर जानवर की जांच करता है कि उसे कोई बीमारी तो नहीं है. इसके लिये वर्ष 2000 में निदेशक पशुधन विकास ने 45 रुपये प्रति जानवर फीस तय की थी. वर्ष 2007 से एक भी जानवर की फीस सरकारी खजाने में जमा नहीं की गई है.

राजेश सिंह चंदेल ने बताया कि इस घोटाले में पशु विभाग और स्लाटर हाउस की मिलीभगत पूरी तरह से उजागर है. सरकार बसपा की रही तो रूद्र प्रताप निदेशक पशुधन थे वही सपा सरकार में भी बने रहे. उन्हें अदालत के आदेश से हटाया गया. अदालत ने भी उन्हें इस लिए हटाया क्योंकि आरक्षण की वजह से मिले प्रमोशन को अदालत ने रद्द कर दिया तो वह निदेशक नहीं रह गए. हाईकोर्ट ने 24 जुलाई 2014 को आठ विभागों को नोटिस जारी करते हुए सरकार से छह हफ्ते में जवाब देने को कहा लेकिन आज तक सरकार ने अदालत को कोई जवाब नहीं दिया. अब योगी आदित्यनाथ की सरकार ने अवैध स्लाटर हाउस को बंद कराने का काम शुरू किया है तो यह उम्मीद जगी है कि अब शायद बच्चों को पीने के लिए दूध की कमी नहीं होगी.

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