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कानपुर में एसटीएफ ने पकड़ा वन्य जीवों का शिकारी

 shabahat |  2017-02-06 14:40:39.0

कानपुर में एसटीएफ ने पकड़ा वन्य जीवों का शिकारी


तहलका न्यूज़ ब्यूरो

लखनऊ. उत्तर प्रदेश एसटीएफ ने मध्य प्रदेश टाइगर स्ट्राइक फोर्स के साथ संयुक्त अभियान में मध्य प्रदेश से वांछित वन्य जीवों का शिकार करने वाले अपराधी को गिरफ्तार किया है. कानपुर के अनवरगंज थाना क्षेत्र स्थित कुलीबाजार का रहने वाला मोहम्मद शमीम पुत्र स्वर्गीय मोहम्मद शरीफ पिछले कई सालों से मध्य प्रदेश के जंगलों में वन्य जीवों का शिकार कर रहा था.

मध्य प्रदेश टाइगर स्ट्राइक फ़ोर्स पिछले कई वर्षों से वन्य जीव अपराधियों के विरूद्ध अभियान चलाकर बड़ी संख्या में विभिन्न प्रजाति के वन्य जीवों को संरक्षित करने में लगा है. इसी क्रम में नरसिंहगढ़ वनमण्डल, राजगढ़ में पंजीकृत वन्य प्राणी अपराध क्रमांक 25615/1 में वांछित अभियुक्तों में एक शमीम की गिरफ्तारी के लिये मध्य प्रदेश वन विभाग की क्षेत्रीय टाइगर स्ट्राइक फोर्स द्वारा एसटीएफ से सहयोग की अपेक्षा की गयी. इस सम्बन्ध में अमित पाठक, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, एसटीएफ, उ.प्र. लखनऊ द्वारा एसटीएफ में वन्यजीव अपराधियों के विरूद्ध कार्य करने वाले सेल के प्रभारी डॉ. अरविन्द चतुर्वेदी, अपर पुलिस अधीक्षक को निर्देशित किया गया.

डॉ. चतुर्वेदी ने एसटीएफ, मध्य प्रदेश की टीम के साथ समन्वय स्थापित करते हुए वांछित मो. शमीम के सम्बन्ध में अभिसूचना एकत्र करने हेतु में एसटीएफ की कानपुर इकाई को कार्यवाही हेतु निर्देशित किया गया. उप निरीक्षक अनिल कुमार, कानपुर इकाई द्वारा किये जा रहे अभिसूचना संकलन के क्रम में 5 फरवरी को यह ज्ञात हुआ कि शमीम आज अनरवरगंज चौराहे पर किसी से मिलने आने वाला है तथा आज ही कानपुर से कहीं बाहर भागने की फिराक में है. इस सूचना पर उप निरीक्षक अनिल कुमार के नेतृत्व में एसटीएफ टीम मध्य प्रदेश टाइगर स्ट्राइक फोर्स की टीम के साथ अनवरगंज चौराहे पर पहुंच गयी. थोड़े इंतजार के बाद घंटाघर की तरफ से आते हुए एक व्यक्ति को मुखबिर द्वारा पुष्टि किये जाने पर आवश्यक बल प्रयोग के उपरान्त पकड़ लिया गया, जिसने अपना नाम म.0 शमीम बताया.

ज्ञातव्य है कि वर्ष 2001 में एसटीएफ द्वारा मो. शमीम के घर से भारी मात्रा में जंगली जानवरों की खालों व नाखून आदि की बरामदगी की गयी थी किन्तु उस समय यह फरार हो गया था. वर्ष 2013 मे शमीम के भाई शकील को पैंगोलिन की खाल व नाखूनों के साथ कानपुर से गिरफ्तार किया गया था. उल्लेखनीय है कि मो. शमीम मूल रूप से खागा, फतेहपुर का रहने वाला है और उसका सम्बन्ध कुख्यात वन्य जीव तस्करों के परिवार से है. शमीम के भाई शब्बीर हसन कुरैशी और उसके लड़के सरफराज और सरताज तथा शब्बीर के साले मो. अयूब सहित 16 लोगों को डॉ. चतुर्वेदी की टीम ने वर्ष 2007 में करेली, इलाहाबाद में तीन टाइगर स्किन, हड्डी तथा अन्य आपत्तिजनक सामग्री के साथ पकड़ा था, जिसकी विवेचना बाद में सीबाआई द्वारा की गयी और सभी गिरफ्तार मुल्जिमों को वन्य जीव अधिनियम के अन्तर्गत अधिकतम 7 वर्ष की सजा हुयी.

शब्बीर हसन कुरैशी की न्यायिक हिरासत में मृत्यु हो गयी थी. एसटीएफ टीम द्वारा निरन्तर इन दोनों परिवारों पर निगरानी की जाती रही है, जिसके परिणामस्वरूप शमीम की गिरफ्तारी सम्भव हो सकी. अभियुक्त की गिरफ्तारी की सूचना थाना अनवरगंज पर देकर मध्य प्रदेश टाइगर स्ट्राइक फोर्स की टीम द्वारा अभियुक्त को भोपाल जे जाया गया है.

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