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SC ने आजम खान को लगाई फटकार, 8 मार्च को HC में होंगे पेश

 2017-03-07 16:59:36.0

SC ने आजम खान को लगाई फटकार, 8 मार्च को HC में होंगे पेश

तहलका न्यूज़ ब्यूरो
नई दिल्ली. सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को समाजवादी पार्टी के कद्दावर नेता और यूपी के कबीना मंत्री आजम खान को गहरा झटका देते हुए उन्हें इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ के समक्ष बुधवार को पेश होने का आदेश दिया है. शीर्ष अदालत ने कहा कि याचिकाकर्ता अदालत की आंख में धूल नहीं झोंक सकते. आपके पास अदालत के समक्ष उपस्थित न होने का कोई कारण नहीं है. पीठ ने यह भी कहा कि याचिकाकर्ता उच्च न्यायालय के समक्ष अपना पक्ष रखने के लिए स्वच्छंद है. उच्च न्यायालय खान का पक्ष सुनने के बाद ही उचित आदेश सुनाएगा.

बता दें कि आजम की याचिका की सुनवाई कर रही बेंच में चीफ जस्टिस जे. एस. खेहर के साथ जज वाई. चंद्रचूड़ और संजय किशन कौल शामिल थे. यूपी जल निगम से संबंधित एक मामले में आजम खान को समन जारी किया गया था. आजम मामले में जब पेश नहीं हुए तो हाई कोर्ट ने वॉरंट जारी किया था और 6 मार्च को पेश होने को कहा था. इसके बाद आजम खान ने इस वॉरंट से राहत के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था. सपा नेता ने उनके खिलाफ जारी वारंट पर रोक लगाने का शीर्ष अदालत से अनुरोध किया था. लखनऊ पीठ ने पिछली सुनवाई के दौरान जल निगम में इंजीनियर के सेवा संबंधी मामले में मंत्री आज़म खान, जल निगम के प्रबंध निदेशक तथा मुख्य अभियंता को तलब किया था. निवर्तमान प्रबंध निदेशक पी. के. आसुदानी (28 फरवरी 2017 को सेवानिवृत्त) और मुख्य अभियंता आर. पी. सिन्हा पीठ के समक्ष पेश तो हो गये थे, लेकिन खान नहीं आए. इस पर अदालत ने कड़ा रुख अपनाते हुए जल निगम के अध्यक्ष के तौर पर खान के खिलाफ वारण्ट जारी किया था. युगल पीठ ने जल निगम की ओर से दायर याचिका पर यह आदेश जारी किए थे.

गौरतलब है कि जल निगम के अधिशासी अभियन्ता धीरेन्द्र कुमार सिंह के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की गई थी. याचिकाकर्ता धीरेन्द्र ने राज्य सेवा न्यायाधिकरण में याचिका दायर कर कहा था कि उसके खिलाफ विभाग की ओर से जारी किए गए आरोप पत्र में अधिकृत अधिकारी के हस्ताक्षर ही नहीं है. कई अन्य खामियों की भी बात याचिकाकर्ता की वकील सविता जैन ने न्यायाधिकरण के समक्ष रखी थी. इस सुनवाई के बाद न्यायाधिकरण ने याचिका स्वीकार कर ली थी.
न्यायाधिकरण के फैसले के खिलाफ जल निगम ने उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था, जिसने धीरेन्द्र के खिलाफ विभागीय कार्रवाई वाले जल निगम के आदेश को सही ठहराया था और खान एवं अन्य अधिकारियों को तलब किया था.

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