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तो क्या सपा की हार की वजह बना अखिलेश का यह ड्रीम प्रोजेक्‍ट ?

 Girish |  2017-03-16 07:23:56.0

तो क्या सपा की हार की वजह बना अखिलेश का यह ड्रीम प्रोजेक्‍ट ?

तहलका न्‍यूज ब्‍यूरो

लखनऊ: उत्‍तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में बीजेपी को प्रचंड बहुमत मिला है। वहीं, अखिलेश यादव के तमाम प्रयास करने के बाद भी चुनाव में उन्‍हें निराशा ही हाथ लगी। इसके बाद अखिलेश अपने पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ हार की समीक्षा कर रहें हैं। इस दौरान एक बात को लेकर चर्चा गर्म है कि अखिलेश की हार में कहीं मेट्रो का हाथ तो नहीं। बता दें कि लखनऊ मेट्रो अखिलेश यादव का ड्रीम प्रोजेक्‍ट था। इतिहास पर नजर डालें तो इंदिरा गांधी के समय से लेकर अब तक कई राज्यों में जिस भी सीएम ने मेट्रो प्रोजेक्ट का शिलान्यास किया उसे अपनी कुर्सी गंवानी पड़ी है। इसकी शुरुआत कोलकाता से 1972 में हुई थी। माना जा रहा है कि दूसरा मुख्यमंत्रियों की तरह अखिलेश के लिए भी मेट्रो ट्रेन सौभाग्यशाली नहीं रही।



दरअसल राजनीति में अंधविश्वास खूब चलता है और इसी के चलते सीएम अखिलेश कभी नोएडा नहीं गए क्योंकि माना जाता है कि जो सीएम नोएडा गया वो फिर कुर्सी पर नहीं बैठ पाया। ऐसा एक अंधविश्वास अब मेट्रो ट्रेन को लेकर भी पैदा हो चुका है। वैसे इसकी शुरुआत आज नहीं बल्कि सालों पहले हो चुकी थी। लेकिन अखिलेश की हार के बाद इसे ज्यादा महत्व मिलने लगा है।

बता दें कि देश के पहले मेट्रो ट्रेन की शुरुआत कोलकाता में हुई थी। यहां से लेकर दिल्ली, बंगलूरू, मुंबई, चेन्नई, जयपुर और गुड़गांव के मेट्रो ट्रेन प्रोजेक्ट की चर्चा की जा सकती है। इन सभी शहरों में मेट्रो की आधारशिला रखने वाले करने वाले मुख्यमंत्रियों के नाम उद्घाटन के शिलापट्ट पर नहीं अंकित हो पाया है।

गौरतलब है अखिलेश ने लखनऊ में मेट्रो ट्रेन शुरू करने के लिए 27 सितंबर 2014 को इस परियोजना की आधारशिला रखी थी। इसके बाद से ही उनकी कोशिश रही कि उनके कार्यकाल में ही मेट्रो रेल का संचालन शुरू हो जाए, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। उद्घाटन के लिए संभावित तिथि 26 मार्च से करीब 15 दिन पहले ही उन्हें सत्ता से विदा होना पड़ा।

प. बंगाल: कांग्रेस की सरकार में एक जून 1972 को कोलकाता में मेट्रो प्रोजैक्ट तैयार किया गया। तत्कालीन मुख्यमंत्री सिद्धार्थ शंकर ने 29 दिसंबर 1972 को इसका शिलान्यास किया। इसके बाद 30 अप्रैल 1977 में राज्य में राष्ट्रपति शासन लगा। जब 24 अक्तूबर 1984 को मेट्रो प्रोजेक्ट के पूरा होने पर तब प. बंगाल के नए मुख्यमंत्री ज्योति बसु ने इसका उद्घाटन किया।

दिल्ली: दिल्ली में कांग्रेस ने किया मेट्रो का उद्घाटन देश की राजधानी दिल्ली में मेट्रो की प्लानिंग तो 1984 में हुई थी, लेकिन करीब 11 साल तक यह प्लानिंग सिर्फ कागज में ही चलती है। वर्ष 1995 में दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (डीएमआरसी) का गठन किया गया और 1 अक्तूबर 1998 में काम शुरू किया गया। उस समय दिल्ली में मदनलाल खुराना के नेतृत्व में भाजपा की सरकार थी। करीब चार साल जब मेट्रो का पहला चरण पूरा हुआ, तब इसका शुभारंभ कांग्रेस सरकार की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने किया।

कर्नाटक: कर्नाटक में कांग्रेस सरकार के तत्कालीन मुख्यमंत्री एसएम कृष्णा ने वर्ष 2006 में बंगलूरू में मेट्रो शुरू करने का प्लान तैयार कराया तो उनको कुर्सी छोड़नी पड़ी थी। हालांकि उन्हें केन्द्र में मंत्री बनाया गया था। लिहाजा मेट्रो प्रोजेक्ट लटक गया था। बाद में कांग्रेस व जद (एस) की संयुक्त सरकार के मुख्यमंत्री एचडी कुमार स्वामी ने मेट्रो प्रोजेक्ट को 25 अप्रैल 2006 को कैबिनेट की बैठक में मंजूरी देकर काम शुरू कराया, लेकिन उद्घाटन नहीं कर सके। 20 अक्तूबर को भाजपा सरकार के मुख्यमंत्री डीवी सदानंद गौड़ा ने बंगलूरू में मेट्रो रेल चलवाई।

हरियाणा: गुरुग्राम में भूपेंद्र हुड्डा रहे अपवाद मेट्रो रेल परियोजना शुरू कराने से जुड़े तमाम उदाहरणों से इतर हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा का नाम अपवाद के तौर याद किया जा सकता है। करीब आधे दर्जन उदाहरणों में से हुड्डा ही एक ऐसे मुख्यमंत्री रहे, जिन्हें गुरुग्राम में मेट्रो का शिलान्यास और उद्घाटन का मौका मिला है। इनके कार्यकाल में ही गुरुग्राम में 11 अगस्त 2009 को मेट्रो का शिलान्यास हुआ और इन्होंने ही 14 नवंबर 2013 को इसका संचालन शुरू कराया।

जयपुर: राजस्थान में मामला थोड़ा अलग था और यहां की कांग्रेस सरकार मेट्रो के उद्घाटन से पहले नहीं बल्कि बाद में सत्ता से बाहर हुई। जयपुर में मेट्रो का काम 13 नवंबर 2010 को शुरू हुआ तीन साल बाद प्रोजेक्ट पूरा होने पर 18 सितंबर 2013 को कांग्रेस के सीएम अशोक गहलोत ने इसका उद्घाटन भी कर दिया लेकिन कांग्रेस अगला चुनाव हार गई और भाजपा ने सत्ता में वापसी कर ली।

मुंबईः मुंबई में मेट्रो का काम पूर्व मुख्यमंत्री विलासराव देशमुख की सरकार के दौरान फरवरी 2008 में मुंबई मेट्रो का शिलान्यास हुआ। लेकिन 2014 में जब इसका उद्घाटन हुआ तब राज्य में भाजपा की सरकार आ चुकी थी।

बेंगलुरू: बेंगलुरू में नम्मा मेट्रो के नाम से बने इस प्रोजेक्ट का शिलान्यास 2006 में हुआ। वैसे इसे 2005 में शुरू किया जाना था लेकिन सरकार बदलने के चलते फरवरी 2006 में इसका शिलान्यास किया गया। जब 20 अक्टूबर 2011 को इसका उद्घाटन किया गया, उस समय राज्य में भाजपा का शासन था।

हैदराबाद: इसी तरह हैदराबाद में बी मेट्रो रेल का शिलन्यास 2012 में कांग्रेस के तत्‍कालीन मुख्‍यमंत्री एन किरण कुमार रेड्डी के कार्यकाल में हुआ। अगले चुनाव से पहले रेड्डी ने कांग्रेस छोड़ दी और इसी दौरान आंध्र प्रदेश का बंटवारा हो गया। इसके बाद अगले सीएम के रूप में टीआरएस के नेता कल्‍वाकुंतला चंद्रशेखर राव सामने आए।

उत्तर प्रदेशः यूपी में भी अखिलेश सरकार द्वारा लखनऊ मेट्रो का शिलान्यास मार्च 2014 में किया गया था और दिसंबर 2016 को इसका ट्रायल रन भी हो चुका है। लेकिन प्रोजेक्ट को पूरी तरह से मार्च 2017 में पूरा होगा और इससे पहले ही अखिलेस की सरकार चुनाव हार गई। अब भाजपा के मुख्यमंत्री इस प्रोजेक्ट को पूरा करेंगे।

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