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यूपी चुनाव: मायावती ने कहा, नोटबंदी का मुद्दा डुबो रहा बीजेपी की लुटिया

 Avinash |  2017-02-24 15:47:27.0

यूपी चुनाव: मायावती ने कहा, नोटबंदी का मुद्दा डुबो रहा बीजेपी की लुटिया

तहलका न्यूज़ ब्यूरो
लखनऊ. बीएसपी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने बीजेपी व प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर एच-1बी अमेरिकी वीज़ा व वहाँ भारतीय छात्र की हत्या जैसी बड़ी विपदा सहित देश की अन्य ज्वलन्त समस्याओं से आपराधिक तौर पर विमुक्त होकर काम करने की तीखी आलोचना करते हुये कहा कि देशहित को त्यागकर इनके द्वारा 'शमशान व कब्रिस्तान' तथा 'कसाब' आदि की साम्प्रदायिकता व धर्म की राजनीति करके यहाँ उत्तर प्रदेश में हो रहे विधानसभा आमचुनाव को प्रभावित करने का प्रयास घोर अनुचित व अति-निन्दनीय है, जिससे आमजनता को काफी सावधान रहने की ज़रूरत है।

साथ ही, ख़ासकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा 'नोटबन्दी' के अत्यन्त ही जनपीड़ादायी फैसले पर अभी तक लगातार विपक्षी पार्टियों को कोसते रहना यह साबित करता है कि यहाँ उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव में करोड़ों ग़रीबों, मजदूरों, छोटे व्यापारियों व अन्य मेहनतकश आमजनता के बीच यह एक बड़ा मुद्दा है जो बीजेपी की लुटिया डुबो रहा है।

इसके अलावा सौ से अधिक लोंगों की जान लेने वाले व करोड़ों लोगों को बेरोजगार बना देने वाले 'नोटबन्दी' के मामले में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी लोगों को लाख वरगलाने की कोशिश करें लेकिन जनता इनके बहकावे में आने वाली नहीं है। इतना ही नही बल्कि इनका यह अपरिपक्व व बिना पूरी तैयारी के ही लिया गया फैसला देश में 'आर्थिक इमरजेन्सी' लगाने के काले अध्याय के रूप में ही जाना जायेगा।
साथ ही, इस 'नोटबन्दी' की आड़ में अपनी खुद की बीजेपी पार्टी व अपने चहेते धन्नासेठों को भी लाभ पहुँचाने के मामले में देश भर में पूछे जा रहे सवालों पर इनकी गहरी ख़ामोशी इनकी नीति व नीयत दोनों को ही कठघरे में खड़ा करने वाली है।

मायावती ने कहा कि नये अमेरिकी राष्ट्रपति के 'अमेरिका फस्ट' की नीति के अन्र्तगत भारतीय मूल के अमेरिकी निवासी सबसे ज्यादा प्रभावित होने वालो में से हैं तथा आशंका है कि करीब तीन लाख भारतीय लोगों को वापस भारत लौटना पड़ सकता है।
साथ ही, इससे भारत का आई.टी. अर्थात् सूचना प्रौद्योगिकी उद्योग काफी प्रभावित होगा, परन्तु केन्द्र सरकार देश में व्याप्त गरीबी, बेरोजगारी व महँगाई आदि की जनसमस्याओं की तरह ही इस नई आफत के मामले में भी गम्भीर नहीं होकर उदासीन व निष्क्रिय बनी हुई लगती है, और इन समस्याओं पर से लोगों का ध्यान बाँटने के लिये ही बीजेपी व प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एण्ड कम्पनी के लोग नये-नये चुनावी हथकण्डे इस्तेमाल कर रहे हैं और इसी क्रम में अपनी विपक्षी पार्टियों पर खासकर नोटबन्दी के सम्बंध में अभी भी मिथ्या व अनाप-शनाप आरोप लगा रहे हैं, जो अति-निन्दनीय है।

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