Breaking News
  • Breaking News Will Appear Here

फिर जाग उठा भारत का अकेला सक्रिय ज्वालामुखी: NIO

 Girish |  2017-02-18 04:55:51.0

फिर जाग उठा भारत का अकेला सक्रिय ज्वालामुखी: NIO

तहलका न्‍यूज ब्‍यूरो
नई दिल्‍ली: भारत का एकमात्र सक्रिय ज्वालामुखी फिर से लावा उगलने लगा है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह पर स्थित इस ज्वालामुखी से राख निकलनी शुरू हो गई है। यह ज्‍वालामुखी राजधानी पोर्ट ब्लेयर से 140 किलोमीटर दूर उत्तर-पूर्व में है। 150 से अधिक वर्षों तक निष्क्रिय रहने के बाद साल 1991 में यह ज्वालामुखी फिर सक्रिय हो गया था। इसके बाद से इसमें रह-रहकर गतिविधि देखी गई है।

अभय मुधोलकर की अगुवाई में गोवा में स्थित सीएसआईआर राष्ट्रीय समुद्र विज्ञान संस्था (सीएसआईआर-एनआईओ) के वैज्ञानिकों की एक टीम ने जानकारी दी है कि ज्वालामुखी एक बार फिर सक्रिय हो गया है और इसमें से लावा और धुआं निकलने लगा है।

बता दे कि पिछले महीने 23 जनवरी को वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद् (CSIR) और राष्ट्रीय समुद्र विज्ञान संस्था के वैज्ञानिकों की टीम ज्वालामुखी के पास समुद्र तल से नमूने इकट्ठे करने गई थी। इसी दौरान ज्वालामुखी से लावा और धुआं निकलना शुरू हो गया। इसके बाद टीम के सदस्य ज्वालामुखी के करीब गए। उन्होंने पाया कि ज्वालामुखी करीब 10 मिनट तक फूटता रहा। दिन के वक्त इससे सिर्फ राख निकलती देखी गई जबकि सूरज ढलने के बाद लावा भी निकलने लगा। तीन दिन बाद वैज्ञानिकों का एक और दल बैरन द्वीप के पास गया और यही नजारा देखा।

हालांकि ज्वालामुखी द्वीप जाने में जोखिम के कारण वैज्ञानिक द्वीप को 1 किलोमीटर दूर से ही देख पाए. वैज्ञानिकों ने यहां जो सैंपल इकट्ठे किये हैं वो इस ज्वालामुखी के इतिहास पर रोशनी डालने में कारगर साबित होंगे।

बताते चले कि अंडमान बेसिन को भूगर्भीय गतिविधियों के लिए जाना जाता है। इस इलाके में समुद्र की गहराइयों में कई और भी ज्वालामुखी छिपे हैं। बैरन द्वीप में कोई आबादी नहीं है। इसके उत्तरी हिस्से में पेड़-पौधे भी नहीं है। भारत के नागरिक अंडमान-निकोबार के वन विभाग से खास इजाजत लेने के बाद द्वीप का दौरा कर सकते हैं।


Tags:    

  Similar Posts

Share it
Share it
Share it
Top