बीजेपी को यूपी में प्रचंड बहुमत, नए मुख्यमंत्री के सामने है ये प्रमुख चुनौतियाँ

 2017-03-15 12:05:44.0

बीजेपी को यूपी में प्रचंड बहुमत, नए मुख्यमंत्री के सामने है ये प्रमुख चुनौतियाँ

तहलका न्यूज़ ब्यूरो

नई दिल्ली. यूपी की जनता ने बीजेपी के संकल्प पत्र पर विश्वास करते हुए प्रचंड बहुमत दे दिया है. लेकिन यूपी की अर्थव्यवस्था को देखते हुए जनता से किये वादे निभाना बीजेपी सरकार के लिए बड़ी चुनौती है. बीजेपी ने किसनों के कर्ज माफ़ी, लैपटॉप जैसे कई वादे किये है. जिसके लिए राजस्व कहाँ से आएगा यह एक बड़ा प्रश्न है. ऐसे में नए मुख्यमंत्री के सामने होंगी ये प्रमुख चुनौतियाँ..

सातवें वेतन आयोग की संस्तुतियां लागू हो चुकी हैं लेकिन भत्तों का एलान अभी नहीं हुआ है. केंद्र द्वारा भत्ते की घोषणा के बाद बजट का बड़ा हिस्सा भत्ते पर खर्च होने की संभावना है. इसका भुगतान 2017-18 के बजट से ही करना पड़ेगा.


किसान ऋण के लिए रकम का इंतजाम कैसे

बात अगर किसानों के ऋण की करें तो राज्य की ऋणग्रस्तता लगातार बढ़ी है और राजस्व वसूली लक्ष्य के हिसाब से नहीं हो पा रही है. प्रदेश में सितंबर-2016 तक बैंकों में 1,26,889.34 करोड़ रुपये कृषि ऋण बकाया था. इसमें 92,121.85 करोड़ फसली ऋण का है. भाजपा ने लघु व सीमांत किसानों के इसी फसली ऋण को माफ करने का वादा किया है. देखना होगा कि सरकार इस बड़ी रकम का बंदोबस्त कैसे करती है.


लैपटॉप के साथ एक जीबी डेटा मुफ्त

भाजपा ने एक जीबी डेटा के मुफ्त इंटरनेट सेवा का वादा किया है. इस वाडे को पूरा करने में सरकार के कई हजार करोड़ खर्च होंगे.


बेटियों के जन्म पर 50 हजार का वादा

भाजपा ने हर गरीब परिवार में बेटी के जन्म पर 50 हजार का विकास बांड देने का वादा किया है. इसमें कक्षा छह में पहुंचने पर तीन हजार, आठ में पहुंचने पर पांच हजार, दस में पहुंचने पर सात हजार और 12 में पहुंचने पर 8 हजार रुपये देने की बात कही है. बेटी के 21 वर्ष होने पर दो लाख रुपये देने का वादा है. सरकार को इस बांड पर भी बड़ी रकम का बंदोबस्त करना होगा. गरीब बेटी के जन्म लेने पर 5001 रुपये भी देने का वादा किया है. यह रकम भी बजट पर बोझ बढ़ाएगी.

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