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लोकतंत्र का महाकुंभ है चुनाव

 shabahat |  2017-02-13 13:19:47.0

लोकतंत्र का महाकुंभ है चुनाव


लखनऊ. मतदाता जागरूकता अभियान के तहत आज राजभवन आयुर्वेदिक चिकित्सालय में मधुमेह की रोकथाम एवं नियंत्रण के लिये निःशुल्क परामर्श एवं उपचार शिविर का आयोजन किया गया. जिसका शुभारम्भ उत्तर प्रदेश के राज्यपाल राम नाईक ने फीता काटकर किया. इस अवसर पर प्रमुख सचिव राज्यपाल सुश्री जूथिका पाटणकर, सचिव राज्यपाल चन्द्र प्रकाश, अपर जिलाधिकारी लखनऊ श्रीमती निधि श्रीवास्तव सहित राजभवन के सभी अधिकारीगण एवं कर्मचारीगण उपस्थित थे. उद्घाटन के बाद उपस्थित लोगों को राज्यपाल द्वारा मतदान के लिये शपथ भी दिलायी गयी. इस मतदाता जागरूकता अभियान एवं स्वास्थ्य शिविर का संयोजन क्षेत्रीय आयुर्वेदिक अधिकारी लखनऊ एवं राजभवन के आयुर्वेदाचार्य डाॅ. शिवशंकर त्रिपाठी द्वारा किया गया था.

राज्यपाल ने अपने विचार व्यक्त करते हुये कहा कि मतदाताओं में जागरूकता लाने के साथ-साथ मधुमेह की रोकथाम एवं नियंत्रण हेतु जानकारी तथा ब्लड शुगर की जांच हेतु भी यहाँ शिविर का आयोजन किया गया है. राजभवन में कई कार्यक्रम होते हैं लेकिन मतदाता जागरूकता अभियान का यह ऐसा पहला कार्यक्रम है जिसमें मधुमेह की रोकथाम व निवारण के लिय भी परामर्श एवं उपचार कार्यक्रम रखा गया हे. यह इसी प्रकार यथा वन-इन-टू (एक तीर से दो निशाने) कार्यक्रम केवल राजभवन में ही नहीं बल्कि जनपद में 38 आयुर्वेदिक और 7 यूनानी चिकित्सालयों में भी 45 शिविर आज लगाये गये हैं, जिसकी शुरूआत राजभवन में उद्घाटन से हो रही है. शिविर आयोजन के माध्यम से स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता उत्पन्न करना तथा मतदान के लिये प्रेरित करना अच्छी पहल है. स्वास्थ्य और स्वस्थ लोकतांत्रिक व्यवस्था एक-दूसरे के परस्पर पूरक है. मतदान करना मतदाताओं का परम कर्तव्य है. तीसरे चरण में लखनऊ में मतदान होना है. शत-प्रतिशत मतदान के लिये राजभवन में तैनात अधिकारी एवं कर्मचारी और उनके परिजन स्वयं भी मतदान करें और आसपास के लोगों को भी मतदान के लिये प्रेरित करें. सुरक्षा में लगे कर्मी व अन्य कर्मी जो लखनऊ के मतदाता नहीं हैं एवं जिनकी डयूटी चुनाव में लगी है, वे पोस्टल बैलेट के माध्यम से अपने मताधिकार का प्रयोग करें. शत-प्रतिशत मतदान करने वाले केन्द्र को राजभवन में सम्मानित किया जायेगा. उन्होंने कहा कि तीसरे चरण के मतदान में शत-प्रतिशत का संदेश राजभवन से जायेगा तो आगे होने वाले शेष मतदान चरणों के लिये यह एक उत्तम उदाहरण होगा.

श्री नाईक ने कहा कि उत्तर प्रदेश में सात चरणों में चुनाव होना है. पहला चरण 11 फरवरी को हुआ तथा अंतिम चरण 8 मार्च को सम्पन्न होगा. चुनाव वास्तव में लोकतंत्र का महाकुंभ है. प्रत्येक व्यक्ति का दायित्व है कि संविधान द्वारा दिये गये अधिकार का उपयोग करे और जनतंत्र के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभायें. योग्य जनप्रतिनिधि और योग्य सरकार चुनना जनता का मौलिक अधिकार है. पंडित दीनदयाल उपाध्याय ने कहा था कि मतदान केवल कागज का टुकड़ा नहीं बल्कि लोकाज्ञा है. प्रदेश में 2012 के विधानसभा चुनाव में 12.74 करोड़ मतदाता में से केवल 59.05 प्रतिशत मतदाताओं ने तथा 2014 के लोकसभा चुनाव में प्रदेश में 13.88 करोड़ मतदाताओं में से 58.03 प्रतिशत लोगों ने मतदान किया. इस प्रकार करीब 40 प्रतिशत मतदाताओं ने मतदान में भागीदारी नहीं की. प्रदेश में 2017 के विधानसभा चुनाव में 14.13 करोड़ मतदाता हैं, जिनमें 24.53 लाख ऐसे नये मतदाता हैं, जो पहली बार अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे. गत सप्ताह हुये विधान सभा चुनाव में गोवा में 83 प्रतिशत और पंजाब में 79 प्रतिशत मतदान हुआ. उत्तर प्रदेश के पहले चरण में पिछली विधान सभा निर्वाचन के सापेक्ष 5 प्रतिशत वृद्धि के साथ 64 प्रतिशत मतदान हुआ. उन्होंने कहा कि हमें शत-प्रतिशत मतदान का लक्ष्य रखना चाहिए.

अपर जिलाधिकारी एवं नोडल अधिकारी स्वीप, लखनऊ श्रीमती निधि श्रीवास्तव ने बताया कि मतदाता जागरूकता के लिये अनेक कार्यक्रम आयोजित किये गये हैं. लोगों में जागरूकता उत्पन्न करने के लिये स्कूल, कालेज, स्वयंसेवी संस्थाओं एवं मीडिया का भी सहयोग लिया जा रहा है. जनता को प्रेरित करने के लिये अनेक प्रतियोगिताएं भी आयोजित की गई हैं. एक व्यक्ति कम से कम पांच लोगों को मतदान के लिये प्रेरित करे. राजभवन में आयोजित आयुर्वेद एवं यूनानी स्वास्थ्य शिविर की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि लोकतंत्र के स्वास्थ्य को ज्यादा से ज्यादा मतदान करके मजबूत करें.

डा. शिव शंकर त्रिपाठी ने कहा कि मतदाताओं को जागरूक करने के लिये जनपद में सभी आयुर्वेदिक एवं यूनानी चिकित्सालयों में स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन किया गया है जिससे मतदाताओं से सीधे सम्पर्क किया जा सके और उनसे संकल्प पत्र भी भराये जा रहे हैं. उन्होंने बताया कि ओपीडी के पर्चों पर 'वोट हमारा है अनमोल कभी न लेंगे इसका मोल, दिनांक 19 फरवरी, 2017 को विधान सभा निर्वाचन में अपने मत का प्रयोग अवश्य करें' की मोहर लगाकर लोगों को मतदान के लिये प्रेरित किया जा रहा है. उनके द्वारा मतदाताओं को जागरूक करने के लिये 'स्वास्थ्य की हमारी जिम्मेदारी, बढ़ायेगी मतदान की भागीदारी' का नया नारा दिया गया है.

डाॅ. शिवशंकर त्रिपाठी ने जानकारी देते हुये बताया कि मतदाता जागरूकता इस स्वास्थ्य शिविर में 240 व्यक्तियों की बीएमआई एवं ब्लड शुगर की जांच की गयी. मधुमेह से बचने के उपाय से संबंधित पत्रक 'शतायु की ओर' के 16वें अंक के वितरण के साथ मधुमेह के 70 से अधिक रोगियों को औषधियाँ भी प्रदान की गयी.

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