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EC में 'साइकिल' को लेकर अखिलेश गुट दलील पूरी, 3 बजे मुलायम खेमे की होगी सुनवाई

 Girish |  2017-01-13 09:00:08.0

EC में

तहलका न्‍यूज ब्‍यूरोे

नई दिल्‍ली: समाजवादी पार्टी में जारी घमासान के बीच चुनाव चिन्‍ह साइकिल किसकी होगी, इस बात का फैसला शुक्रवार को चुनाव आयोग करेगा। सूत्रों की माने तो चुनाव आयोग में अखिलेश गुट की तरफ से साइकिल सिम्बल को लेकर दी गई दलील पूरी हो गई है। अब 3 बजे मुलायम गुट की सुनवाई होगी।

बता दें कि इससे पहले चुनाव आयोग के सामने बहस की शुरुआत रामगोपाल यादव के हलफनामे से हुई जिसमें आयोग को बताया गया था कि समाजवादी पार्टी के नए अध्यक्ष अखिलेश यादव बने हैं। पार्टी के आधे से ज्यादा सांसद, विधायक और एमएलसी का समर्थन अखिलेश को है। इनके समर्थन वाले हलफनामे आयोग में जमा किए जा चुके हैं।
लिहाजा पार्टी और पार्टी के चुनाव चिन्ह पर उनका हक़ है। लेकिन इसको चुनौती देते हुए मुलायम सिंह के वकील ने कहा कि रामगोपाल के हलफनामें में कहीं भी इस बात का जिक्र नहीं है कि पार्टी का विभाजन हुआ है या बटवारा हुआ है। तो फिर जब पार्टी में कोई विभाजन हुआ ही नहीं तो पार्टी और चुनाव चिन्ह दोनों पर ये दावा कैसे कर सकते हैं।

दूसरी बात मुलायम सिंह यादव 2014 में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बने थे और पार्टी अध्यक्ष का कार्यकाल तीन साल का होता है। ना तो मुलायम सिंह यादव का कार्यकाल पूरा हुआ ना ही पार्टी में विभाजन हुआ ना ही मुलायम ने पार्टी छोड़ी तो ऐसी स्थिति में कोई दूसरा व्यक्ति कैसे पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष बन सकता है कैसे चुनाव चिन्ह पर दावा कर सकता है।

मुलायम के वकील ने ये भी सवाल उठाया कि रामगोपाल गुट हलफनामें में जो दावा कर रहे हैं कि अखिलेश पार्टी के नए राष्ट्रिय अध्यक्ष हैं तो आज खुद चुनाव आयोग में अखिलेश क्यों नहीं आए।
मुलायम के वकील ने ये भी दावा किया कि सारे हलफनामो में खुद अखिलेश का हलफनामा नहीं है।

रामगोपाल यादव को पार्टी से निकाला जा चुका है वो आयोग में अखिलेश की तरफ से दावा करने आए हैं जिसका कोई औचित्य नहीं है।

आयोग के सामने पहले दौर की 2 घंटे की बहस में मुद्दा यही रहा की पार्टी में कोई विभाजन हुआ है या पार्टी में कोई विभाजन नहीं हुआ है। आयोग यही जानना चाह रहा था कि पार्टी में विवाद की स्थिति है या विभाजन हुआ है या नहीं

मुलायम के वकील पूरी बहस के दौरान ये दावा करते रहे की पार्टी में ना तो कोई विवाद है ना ही कोई विभाजन हुआ लिहाजा पार्टी और चुनाव चिन्ह को लेकर भी कोई दावा नहीं कर सकता है।

इससे पहले साइकिल सिंबल पर अपना दावा ठोंकने मुलायम सिंह यादव अपने भाई शिवपाल यादव और चार बड़े वकील के साथ चुनाव आयोग पहुंचे। वहीं, रामगोपाल यादव और उनके वकील कपिल सिब्बल चुनाव आयोग के सामने अखिलेश गुट का पक्ष रख रहे हैं।



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