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अपना दल ने RSS और BJP को बताया दलित विरोधी, कहा-पिछड़ों को सरसंघ संचालक बनाओ

 Avinash |  2017-01-21 14:41:02.0

अपना दल ने RSS और BJP को बताया दलित विरोधी, कहा-पिछड़ों को सरसंघ संचालक बनाओ


तहलका न्यूज़ ब्यूरो
लखनऊ. अपना दल की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष पल्लवी पटेल ने आज केन्द्रीय कार्यालय लखनऊ में पत्रकार वार्ता में कहा कि आरएसएस दलित एवं पिछड़ा आरक्षण की धुर विरोधी है। आरएसएस के प्रवक्ता मनमोहन वैद्य ने जयपुर में दलित और पिछड़ों का आरक्षण खत्म करने की बात कही और इसी प्रकार आरएसएस के सरसंघ संचालक मोहन भागवत द्वारा बिहार चुनाव के पूर्व आरक्षण समाप्त करने की बात कर चुके हैं। आरएसएस से पैदा हुई भारतीय जनता पार्टी के केन्द्रीय मंत्री जनरल वीके सिंह परिवर्तन यात्रा के दौरान अपने बयानों में कहा था कि उत्तर प्रदेश में भाजपा की सरकार बनाओं, हम आरक्षण खत्म कर देंगे। इसी प्रकार केन्द्र सरकार की स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्यमंत्री ने भी आरक्षण की समीक्षा की बात की है। इनकी मंशा साफ नहीं है। भारतीय जनता पार्टी पिछड़ा, दलित आरक्षण की विरोधी है जो आरएसएस का एजेण्डा भारतीय जनता पार्टी को मिलता है वही कार्य भाजपा करती है।

आरएसएस ने भारत रत्न संविधान निर्माता डा. भीमराव अम्बेडकर को भी झूठा साबित करते हुए आरक्षण समाप्त करने की बात कही गई है। ऐसा कहीं भी सबूत नहीं मिलता। डा. अम्बेडकर ने कहा था जब तक सामाजिक गैर बराबरी समाप्त नहीं होती, और शिक्षा में समान भागीदारी नहीं होती। जब तक आर्थिक विपन्नता समाप्त नहीं होगी, तब तक आरक्षण खत्म नहीं किया जा सकता है।

अपना दल स्पष्ट करना चाहता है कि पहले आप अपने यहां आरक्षण लागू करो दलित, पिछड़ों एवं महिलाओं को आरएसएस का सरसंघ संचालक बनाओ फिर आरक्षण खत्म करने की बात करना शोभा देगा। आरक्षण खैरात में नहीं मिला है। इसके पीछे हमारे महापुरूषों का संघर्ष रहा है। संविधान ने पिछड़ों और दलितों के विकास के लिए आरक्षण दिया है। भाजपा की हिम्मत है तो लोकसभा में आरक्षण बिल लाए, और पारित कराये। पिछड़ा, दलित अपने हक की लड़ाई के लिए किसी भी हद तक जा सकता है। आरक्षण में बदलाव करना आसान नहीं है। अपना दल किसी भी हालत में आरक्षण को खत्म नहीं होने देगा। हमारे महापुरूषों राजर्षि छत्रपति शाहूजी महाराज तथा भीमराव अम्बेडकर द्वारा पारित संविधान द्वारा दिया गया अधिकार है, जो हम किसी भी कीमत पर जाने नहीं देंगे।

उत्तर प्रदेश की सरकार ने त्रिस्तरीय फार्मूले का विरोध कर पिछड़ों और दलितों के बच्चों के विकास में बाधा पहंचाने का कार्य किया, पूर्व मुख्यमंत्री बहुजन समाज पार्टी की नेता मायावती ने भी त्रिस्तरीय आरक्षण का विरोध किया था। त्रिस्तरीय फार्मूले से उत्तर प्रदेश का कोटा पूरा किया जा सकता था। पिछड़ों और दलितों की प्रशासन में अच्छी भागीदारी होती। आरक्षण लागू होने के 25 साल व्यतीत होने के बाद भी पिछड़ों एवं दलितों का आरक्षण कोटा बाकी है। अभी हाल ही में केन्द्र सरकार ने क्रिमीलेयर का नया फार्मूला लागू कर पिछड़े समाज के 314 अभ्यर्थियों आइएएस बनने से वंचित कर दिया गया। केन्द्र सरकार की मंशा साफ जाहिर होती है कि वह दलित एवं पिछड़ा विरोधी है।

अपना दल गठबन्धन से चुनाव लड़ेगा या अपने बलबूते पर 150 सीटों पर चिन्हित विधानसभाओं पर चुनाव लड़ेगा। इस पर निर्णय एक-दो दिन में हो जायेगा। पत्रकारवार्ता में दल के प्रवक्ता एवं राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य एडवोकेट आरबी सिंह पटेल, अपना दल संस्थापक सदस्य मान सिंह पटेल उपस्थित रहे।

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