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इस वजह से अखिलेश नहीं बचा सके मुलायम का गढ़, लेकिन शिवपाल जीत गए

 Abhishek Tripathi |  2017-03-12 04:07:00.0

इस वजह से अखिलेश नहीं बचा सके मुलायम का गढ़, लेकिन शिवपाल जीत गए

तहलका न्‍यूज ब्‍यूरो
लखनऊ. यूपी विधानसभा चुनाव 2017 के परिणाम ने समाजवादी पार्टी (सपा) को तगड़ा झटका दिया है। मोदी लहर के कारण सपा अप ने गढ़ में भी कुछ खास कारनामा नहीं कर पाई। इटावा, कन्‍नौज, मैनपुरी और औरेया (सपा का गढ़) में भी सपा ने 13 सीटों में से 7 सीट का गंवा दिया। सूत्रों की मानें तो, यहां मोदी लहर के कारण नहीं बल्कि यादव परिवार में झगड़े के कारण सपा की हार हुई है।

यूपी चुनाव की शुरुआत से पहले अखिलेश यादव ने भले ही शिवपाल यादव को पार्टी से बाहर का रास्‍ता दिखा दिया था, लेकिन फिर भी शिवपाल अपनी जसवंतनगर सीट को 50 हजार वोटों के मार्जिन से जीतने में कामयाब रहे। इसके लिए शिवपाल ने इटावा की आम जनता को धन्‍यवाद भी दिया।

वहीं, परिवार और पार्टी में मनमुटावा के चलते शिवपाल यादव ने जसवतंनगर सीट के अलावा किसी और सीट पर सपा प्रत्‍याशी का प्रचार नहीं किया था। मुलायम सिंह यादव ने भी शिवपाल के अलावा किसी सपा प्रत्‍याशी का प्रचार नहीं किया था। इसका नतीजा ये हुआ कि कन्‍नौज, जहां से अखिलेश यादव की पत्‍नी सांसद हैं, वहां पर सपा को हार का सामना करना पड़ा। कन्‍नौज में सपा को 3 में से दो सीटें गंवानी पड़ी। इसी क्रम में इटावा में भी सपा को दो सीटों और औरेया में भी दो सीटों का नुकसान उठाना पड़ा।

शिवपाल यादव के एक करीबी नेता ने बताया 'ये सच है कि शिवपाल ने किसी प्रत्‍याशी के लिए प्रचार नहीं किया था। पार्टी की ओर से शिवपाल को चुनाव प्रचार के लिए एक बार भी नहीं बुलाया गया। सपा को अपने ही गढ़ में ही भितरघात का सामना करना पड़ा और इसके लिए वे खुद ही जिम्‍मेदार हैं।

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