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... तो चुनाव आयोग के खिलाफ अदालत चला जाएगा लोकतंत्र मुक्ति मोर्चा

 shabahat |  2017-01-17 16:05:03.0

... तो चुनाव आयोग के खिलाफ अदालत चला जाएगा लोकतंत्र मुक्ति मोर्चा

तहलका न्यूज़ ब्यूरो

लखनऊ. लोकतंत्र मुक्ति आन्दोलन के तहत 14 दिनों से चुनाव आयोग से यह मांग की जा रही है कि ईवीएम वोटिंग मशीन पर प्रत्याशियों की लगने वाली फोटो रंगीन कर दी जाये जिससे वोटर अपने प्रत्याशी को पहचान कर वोट डाल सकें और फोटो लगाना भी सार्थक हो सके.

लोकतंत्र मुक्ति मोर्चा के संयोजक प्रताप चन्द्रा ने बताया कि हम आयोग से मांग कर रहे हैं कि फ्री एन्ड फेयर इलेक्शन के सिद्धांत पर चुनाव आयोग पब्लिक फण्ड से सार्वजनिक स्थलों पर बना बसपा का चुनाव-चिन्ह हाथी की मूर्तियों को तत्काल ढकवाये. जैसा कि 2012 के चुनाव में भी मूर्तियों को ढका गया था.

उन्होंने बताया कि इसके अलावा हमने यह मांग भी की है कि इलेक्ट्रोनिक मीडिया पर होने वाली चर्चा में लगने वाले पार्टियों के बैकड्राप को तत्काल रोका जाये. क्योंकि इससे भी पार्टियों का प्रचार होता है.
प्रताप चन्द्रा ने बताया कि उन्होंने आयोग को 5 जनवरी, 10 जनवरी और 13 जनवरी को लिखित रूप यह मांगें दी हैं. उन्होंने कहा कि प्रत्याशियों की लगने वाली फोटो रंगीन लगेगी तभी ईवीएम वोटिंग मशीन पर फोटो लगाने का मकसद सार्थक हो सकेगा वर्ना मात्र औपचारिक बन के रह जायेगा. अवसर की समता सभी प्रत्याशियों को मिले और किसी को बढ़त न मिल जाये यह सुनिश्चित आयोग को करना होता है इसीलिए चुनाव आयोग ने लाफुल डायरेक्शन No.56/4 LET/ECI/FUNC/PP/PPS-II/2015 बनाया था जिसका उल्लंघन इलेक्ट्रोनिक मीडिया पर बैठकर पार्टियाँ करती रहती हैं जबकि अभी चुनाव आचार संहिता भी लगी हुई है.

उन्होंने चुनाव आयोग से कहा है कि अर्जेंसी के मद्देनज़र उक्त मांगों पर विचार कर अगले 2 दिनों में कार्यवाही करें जिससे अवसर की समता के अधिकार का हनन और चुनाव पक्षपातपूर्ण न हो सके, अन्यथा अवसर की समता के हनन और भेदभाव व पक्षपातपूर्ण हो रहे चुनाव की आपत्ति दर्ज कराने के बावजूद अपने ही लाफुल डायरेक्शन का अनुपालन न करने के विरुद्ध न्यायालय जाने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचेगा.

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