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एक बनारसी के लिए एमपी के कटनी शहर ने रचा इतिहास

 Anurag Tiwari |  2017-01-12 14:06:46.0

Gaurav Tiwari, Varanasi, Banaras, Katni, Transfer, Hawala Transaction, SIT, Madhya Pradesh, Shivraj Singh Chauhan

तहलका न्यूज ब्यूरो

वाराणसी.
महादेव की नगरी बनारस अपने बेबाकपन के लिए मशहूर है. यह गुण यहां की ऐसी रवायत है जो हर काशीवासी में दिख जाएगी. ऐसा ही बेबाकपन दिखाया वाराणसी के रहने वाले एक आईपीएस ऑफिसर ने. इस आईपीएस अफसर की ईमानदारी और निर्भीकता से एमपी का कटनी शहर ऐसा दीवाना हुआ कि ट्रान्सफर होते ही पूरा शहर विरोध में सडक पर उतर आया.
कटनी शहर के इतिहास में यह पहली बार हुआ है जब आम इंसान ने एक पुलिस ऑफिसर के ट्रान्सफर पर ऐसा विरोध किया हो.



हालात यह रहे कि पूरा कटनी शहर जिले के एसपी रहे गौरव तिवारी के ट्रान्सफर के विरोध में सड़क पर उतर आया. पूरे शहर में मानो अघोषित कर्फ्यू लगा दिया गया हो. सिर्फ एक आह्वान पर पूरे शहर में सन्नाटा पसर गया. शहर के सभी व्यापारियों ने बंद घोषित कर दिया और अपनी दुकानों के शटर तक नहीं खोले. शहर का दिल कहे जाने वाले सुभाष चौक पर पांच हजार से ज्यादा लोग पहुंचे एसपी गौरव तिवारी का ट्रान्सफर रोके जाने की मांग करने लगे.



लोगों ने बताया कि कटनी शहर का यह बंद अभूतपूर्व था. ऐसा बंद कभी पॉलिटिकल पार्टीज के कहने पर भी नहीं हुआ. ऐसा नहीं है कि इस प्रदर्शन के दौरान पब्लिक ने कहीं भी कानून अपने हाथों में लिया हो या जबरदस्ती दुकान बंद करवाने के उपद्रव की आदि की स्थिति बनी हो.

इस बीच एसपी गौरव तिवारी का ट्रान्सफर रुकवाने के लिए एमपी हाईकोर्ट में एक पब्लिक इंटरेस्ट लिटिगेशन रिट दाखिल की गई है. इस रिट में कहा गया है कि एसपी गौरव तिवारी का ट्रान्सफर रोके जाने के साथ-साथ 500 करोड़ रुपए के हवाला रैकेट की जांच एसआईटी से कराई जाए. बुधवार को एडवोकेट सौरभ शर्मा ने कटनी निवासी कन्हैया तिवारी और राजेश सौरभ नायक की तरफ से पब्लिक इंटरेस्ट लिटिगेशन हाईकोर्ट में फाइल की.



एमपी गवर्नमेंट ने पहले गौरव तिवारी को कटनी से ट्रान्सफर कर पुलिस हेडक्वार्टर भेजने का मन बनाया था. लेकिन एमपी के डीजीपी ऋषि कुमार शुक्ला ने सरकार के सामने साफ़ कह दिया कि हवाल रैकेट का भंडाफोड़ करने वाले इपस अफसर गौरव तिवारी का इस तरह ट्रान्सफर करने से लोगों के बीच गलत मेसेज जाएगा. इसके चलते राज्य सरकार को मजबूरन उन्हें छिंदवाड़ा जिले का चार्ज सौंपना पड़ा. डीजीपी कहना है कि कहा कि फिलहाल इस मामले में कुछ कहा नहीं जा सकता. उन्होंने भरोसा दिलाया कि गौरव तिवारी के साथ पूरा महकमा है. डीजीपी ने कहा कि गौरव तिवारी का तबादला नियम और प्रक्रिया के तहत किया गया है. इसमें किसी तरह का राजनीतिक दखल नहीं है.



वहीं गौरव तिवारी की इस ईमानदारी और कटनी की जनता के सहयोग को देखकर उनके वाराणसी स्थित पैतृक गांव तिवारीपुर में लोगों में ख़ुशी का माहौल है. उनके परिवार के लोग गौरव की इस लोकप्रियता से गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं. गौरव वाराणसी जिले के चौबेपुर के तिवारीपुर गांव के रहने वाले हैं. उन्होंने अपनी आरम्भिक शिक्षा वाराणसी और लखनऊ से पूरी की है. इसके बाद उनका चयन आईआईटी कानपुर में हो गया, जहां से बीटेक की डिग्री लेने के बाद उनका चयन इंडियन पुलिस सर्विसेज में हुआ था. वे 2010 बैच के आईपीएस ऑफिसर हैं.


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