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पुलिस जीप से कूदी 'लेडी डॉन' हार गई जिंदगी की जंग

 Tahlka News |  2016-05-09 16:04:22.0

a1तहलका न्यूज ब्यूरो
कानपुर. दस दिन चली जिंदगी और मौत की जंग में आखिरकार 'लेडी डॉन' जिंदगी हार गई। लेडी डॉन मीरा जाटव की सोमवार सुबह मौत हो गई। मौत की खबर सुनकर फर्रुखाबाद पुलिस के हाथ पैर फूल गए। दोपहर तक सीओ सहित पूरा फोर्स अस्पताल पहुंचा। इसके बाद तीन डॉक्टरों के पैनल ने शव का पोस्टमार्टम करवाया। पोस्टमार्टम की वीडियोग्राफी भी कराई गई। पोस्टमार्टम में सिर में गहरी चोट की पुष्टि हुई है, जिसकी वजह से उसकी मौत हुई है। 30 अप्रैल को जब मीरा को अस्पताल में भर्ती कराया गया था तभी से उसकी हालत काफी नाजुक बनी हुई थी। चार दिन पहले डॉक्टरों ने मीरा को ब्रेनडेड घोषित कर दिया था। वह कोमा में चली गई थी। तब से उसके बचने की उम्मीद काफी कम हो गई थी। सोमवार सुबह मीरा की तबीयत अचानक बिगड़ गई। कुछ ही देर बाद ही उसने दम तोड़ दिया।


सोमवार सुबह करीब 9 बजे डॉक्टरों ने मीरा को मृत घोषित कर दिया। वार्ड के बाहर मौजूद फर्रुखाबाद पुलिसकर्मियों ने इसकी जानकारी अपने आलाधिकारियों को दी। इसके बाद एक के बाद एक लगातार फोन आने लगे। इस बीच मामले में सस्पेंड हो चुके पुलिस अधिकारियों ने भी फोन पर जानकारी ली। सूत्रों की मानें तो, शनिवार रात ही मीरा की तबीयत काफी ज्यादा बिगड़ गई थी। इसके बाद डॉक्टरों ने एम्स में रेफर करने की बात कही थी लेकिन रविवार को कोर्ट बंद होने की वजह से यह कार्रवाई नहीं हो पाई।


बसपा नेता और पुलिसकर्मियों पर दर्ज कराएंगे मुकदमा


मीरा जाटव के माता-पिता ने कहा बेटी की मौत का जिम्मेदार बसपा नेता, उनका लड़का और कमालगंज पुलिसकर्मी हैं। इन सभी के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराएंगे। साथ ही जो पुराने मुकदमे चल रहे हैं उनकी जांच के लिए डीआईजी रेंज और डीजीपी से भी मिलेंगे ताकि न्याय मिल सके।


ये है पूरा मामला
30 अप्रैल को मीरा जाटव डीआईजी रेंज से मिलने कानपुर आई थी। मीरा व उसके पिता ने डीआईजी को एक प्रार्थना पत्र दिया था, जिसमें बसपा नेता के लड़के पर दुष्कर्म का आरोप लगाया था साथ ही उसकी जांच की मांग की गई थी। इस पर डीआईजी रेंज ने सीओ कैंट को जांच की जिम्मेदारी सौंपी थी। कानपुर से जब मीरा जावट वापस कन्नौज के गुरसहायगंज क्षेत्र स्थित मलिकपुर के रवाना हुई तो गांव के पहले ही कमालगंज पुलिस ने रोका और मादक पदार्थ की बरामदगी दिखाकर गिरफ्तार कर उठा ले गई। इसके बाद कमालगंज थानाध्यक्ष सालिगराम वर्मा ने मीरा के परिवारीजनों को फोन कर बताया कि उनकी बेटी जीप से कूद गई थी, जिसके बाद उसे हैलट अस्पताल में भर्ती कराया गया है।


इंस्पेक्टर सहित पांच पुलिसकर्मी हो चुके हैं सस्पेंड
30 अप्रैल की घटना की जांच एएसपी ने एसपी राजेश कृष्ण को सौंपी थी। जिसके बाद एसपी ने कमालगंज इंस्पेक्टर सालिगराम वर्मा, एक दरोगा सहित पांच पुलिस कर्मियों को सस्पेंड कर दिया था।

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