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राज्यपाल ने कहा, न मैं गाता हूँ न कविता लिख सकता हूँ लेकिन श्रोता अच्छा हूँ

 Sabahat Vijeta |  2016-07-09 16:43:51.0

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  • केशरी नाथ त्रिपाठी की कविताओं की सीडी का विमोचन


लखनऊ. यूपी के राज्यपाल राम नाइक ने आज राय उमानाथ बली प्रेक्षाग्रह में पश्चिम बंगाल के राज्यपाल केशरी नाथ त्रिपाठी के काव्य संग्रह (सीडी) का विमोचन करने के कहा कि बाद कहा कि केशरी नाथ त्रिपाठी कविता कहते हैं पर मुझे भी ऐसा ही कुछ आता सोचकर ईर्ष्या होती है। कुछ ही राजनेताओं में यह विशेषता होती है। ऐसे में मुझे पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की याद आती है क्योंकि वे भी एक बहुत अच्छे कवि हैं। मैंने उनको 1952 में पहली बार देखा था जब मैं कामर्स का विद्यार्थी था। उन्हें काव्य पाठ के लिए पुणे बुलाया गया था। उन्होंने अपनी कविता ‘हिन्दू‘ सुनायी थी जो मुझे आज भी याद है। राज्यपाल नाईक ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी से भी उनकी कुछ समानता है। दोनों ही सांसद रह चुके है। वे प्रधानमंत्री थे और मैं उनके मंत्रिमण्डल में मंत्री।

राज्यपाल ने इस मौके पर कहा कि पश्चिम बंगाल के राज्यपाल केशरी नाथ त्रिपाठी ने कविता के जन्म के बारे में बात की। मैं दोनों में फिट नहीं बैठता। न तो मैं गाता हूँ और न ही कविता कह सकता हूँ। मेरा संबंध सिर्फ श्रोता के रूप में है। मैं पश्चिम बंगाल के राज्यपाल केशरी नाथ त्रिपाठी से तुलना करता हूँ तो स्वयं से कुछ समानता पाता हूँ। उनका जन्म 10 नवम्बर, 1934 को हुआ था और मेरा जन्म 16 अप्रैल 1934 में हुआ था यानि दोनों का जन्म एक ही साल में हुआ। मैं 22 जुलाई, 2014 को उत्तर प्रदेश का राज्यपाल बना और वे 24 जुलाई, 2015 को पश्चिम बंगाल के राज्यपाल बने। वे भारतीय जनता पार्टी उत्तर प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष थे और मैं भारतीय जनता पार्टी महाराष्ट्र का प्रदेश अध्यक्ष रहा हूँ। वे भी विधायक रहे हैं और मैं भी विधायक रहा हूँ।


पश्चिम बंगाल के राज्यपाल केशरी नाथ त्रिपाठी ने कहा कि कविता मन की प्रतिक्रिया है। मनुष्य जो भी समाज में देखता एवं सुनता है उससे प्रसन्नता, क्रोध और आराधना की अनुभूति होती है। उन्होंने कहा कि ‘मैं यू ही कुछ पंक्तियाँ लिखता था जो अनायास कविता बन जाती और लोग उसकी प्रशंसा करते। आज वही कवितायें पुस्तकें और सी.डी. के रूप में परिवर्तित हुई है।‘ उन्होंने गायिका श्रीमती विभा तिवारी की प्रशंसा करते हुए कहा कि उनमें बहुत क्षमता है।


कार्यक्रम का आयोजन सहयोग, सामाजिक, शैक्षिक एवं सांस्कृतिक संस्थान लखनऊ द्वारा किया गया था। केशरी नाथ त्रिपाठी की कविताओं को श्रीमती विभा तिवारी ने स्वरबद्ध किया है। इस अवसर पर पश्चिम बंगाल के राज्यपाल केशरी नाथ त्रिपाठी, सुश्री श्रुति सडोलीकर काटकर, श्रीमती विभा तिवारी व अन्य विशिष्ट जन उपस्थित थे।


कुलपति भातखण्डे संगीत संस्थान सुश्री श्रुति सडोलीकर काटकर ने कहा कि कविता मन के उद्गार को समाज में मुखरित करती है। उन्होंने कहा कि गायन, वादन और नृत्य मिलकर संगीत को पूर्ण रूप देते हैं।


कार्यक्रम में श्रीमती विभा तिवारी ने केशरी नाथ त्रिपाठी की कविताओं को गायन के रूप में प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में संस्था द्वारा राज्यपाल राम नाईक को अंग वस्त्र, स्मृति चिन्ह व पुष्प गुच्छ देकर सम्मानित किया गया। श्री नाईक ने इस अवसर पर राज्यपाल केशरी नाथ त्रिपाठी को अंग वस्त्र, पुष्प गुच्छ व अभिनन्दन पत्र देकर सम्मानित किया।

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