Breaking News
  • Breaking News Will Appear Here

यूपी सरकार का यह फैसला फूंक देगा फसलों में जान

 Sabahat Vijeta |  2016-07-27 14:31:39.0

shivpal yadav




  • शिवपाल सिंह यादव ने किया बारानी क्षेत्रो में कृषि उत्पादन एवं वैकल्पिक रोजगार कार्यशाला का उद्घाटन

  • किसानों हेतु आदर्श ग्रामों में की जा रही सामुदाायिक कृषि यंत्रो की स्थापना

  • किसानो को मण्डियों तक पहुॅचाने के लिए ग्रामीण एवं नयी सड़को का किया जा रहा है निर्माण


लखनऊ. स्टेट लेबल नोडल एजेंसी प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना -वाटरशेड विकास (आईडब्लूएमपी) द्वारा आयोजित बारानी क्षेत्रो में कृषि उत्पादन एवं वैकल्पिक रोजगार कार्यशाला का उद्घाटन मुख्य अतिथि शिवपाल सिंह यादव मंत्री सिंचाई एवं जल संसाधन, परती भूमि विकास, लोक निर्माण, सहकारिता एवं राजस्व व लोक प्रबन्धन विभाग,उ.प्र. शासन ने आज स्वर्ण जयन्ती प्रेक्षागृह, भारतीय गन्ना अनुसंधान संस्थान, रायबरेली रोड, लखनऊ में दीप प्रज्जवलित कर किया। कार्यशाला को सम्बोधित करते हुए सिंचाई मंत्री ने कहा कि वर्षा सिंचित क्षेत्रो में फसलो की उत्पादकता कम होने के कारण सिंचित क्षेत्रो की तुलना में यहाॅ के किसानों की माली हालत कमजोर है। इन क्षेत्रो में कृषि आधारित कार्यकलापों एवं सिंचाई के संसाधनों में आवश्यक सुधार लाकर किसानों र्की आिर्थक एवं सामाजिक दशा सुधारने के उद्देश्य से वर्ष 2009-10 से प्रदेश में समेकित वाटरशेड प्रबन्धन कार्यक्रम का क्रियान्वयन प्रारम्भ किया गया है।


उन्होंने कहा कि वर्षा सिंचित क्षेत्रो में आवश्यकतानुसार विभिन्न प्रकार की संरचनाओं का निर्माण कराकर खेत का पानी खेत में और गाॅव का पानी गाॅव में रोकने की व्यवस्था की जा रही है। गत माह फरवरी, 2016 से प्रदेश के लगभग सभी क्षेत्रो में मिशन मोड में जल संग्रहण संरचनाओं का निर्माण प्रारम्भ किया गया, जिसमें लगभग पूरे प्रदेश मे 3000 स्थायी प्रकृति की नई एवं 1500 से अधिक पुरानी जल संग्रहण संरचनाओं का जीर्णोद्धार कराकर उनकी जल धारण क्षमता में वृद्धि की गयी है। विशेषकर सूखा प्रभावित बुन्देलखण्ड क्षेत्रो में इस कार्य को शीर्ष प्राथमिकता प्रदान की गयी, जिसका परिणाम यह रहा कि वर्षा होने के साथ ही इन संरचनाओं में अच्छी मात्रा में जल भराव होने लगा है। उन्होंने कहा कि बुन्देलखण्ड में 450 से अधिक स्थायी प्रकृति की नयी जल संचय संरख्नाओं एवं 395 पुरानी जल संचय परियोजनाओं का सुदृढ़ीकरण का कार्य कराया गयातथा 13 नये डैम भी बनवाये गये।


सिंचाई मंत्री ने कहा कि हमारा देश एवं प्रदेश कृषि प्रधान देश है. उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार ने किसानों के लिए सबसे अधिक कार्य किया है। पूरे प्रदेश मे साल भर नहरों की सिल्ट सफाई एवं किसानों को लगातार पानी उपलब्ध कराया गया हैं श्री यादव ने कहा कि किसानों की फसल को उचित मूल्य दिलाने के लिए नयी मण्डिया बनवायी गयी तथा मण्डियों तक पहुॅचने के लिए नये सम्पर्क मार्गों का भी निर्माण कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने सभी वर्गो का ध्यान रखा है जिसके कारण प्रत्येक व्यक्ति की आय मे लगभग दो गुना से अधिक की बढ़ोत्तरी हुई है। उन्होंने कहा कि नयी सड़को के निर्माण के साथ ही पुरानी सड़कों का पुर्ननिर्माण तथा ग्रामीण सम्पर्क मार्गों को भी मरम्मत तथा पुनर्निर्माण कराया गया है।


श्री यादव ने कहा कि एसएलएनए द्वारा वर्ष 2009-10 एवं 2010-11 में स्वीकृत प्रत्येक परियोजना क्षेत्रो में एक-एक गाॅव आर्दश ग्राम के रूप में विकसित करने का लक्ष्य रखा गया। साथ ही पायलेट आधार पर इन्हीं आदर्श ग्रामों में 20 ग्राम पंचायतो का चयन कर सामुदायिक कृषि यंत्र केन्द्र की स्थापना की गयी, जिसका पूरा लाभ किसानो को प्राप्त हो रहा है, साथ ही व्यापक प्रचार-प्रसार हेतु अनेको महत्वपूर्ण कदम एसएलएनए द्वारा उठाये जा रहे है। वर्षा सिंचित क्षेत्र विशेषकर बुन्देलखण्ड में सूपरफूड की फसल किनवा के सफलतम प्रदर्शन के बाद वर्तमान में एसएलएनए द्वारा चिया की फसल प्रदर्शन कराया जा रहा है। श्री यादव ने कहा कि इस कार्यक्रम में विभिन्न विषयों के विषय विशेषज्ञ ख्याति प्राप्त कृषि वैज्ञानिक अपने विचार प्रस्तुत करेंगे जिसका लाभ निश्चित रूप से कृषको को प्राप्त होगा। श्री यादव ने कार्यक्रम को आयोजित करने के लिए स्टेट लेबल नोडल एजेंसी की सराहना भी की।


इससे पूर्व सिंचाई मंत्री शिवपाल सिंह यादव ने कार्यशाला की सार-संग्रह पुस्तिका का विमोचन भी किया। इसके बाद सिंचाई मंत्री शिवपाल सिंह यादव पैक्ट परिसर में वृक्षारोपण भी किया। इस अवसर पर डॉ. शकुन्तला मिश्रा विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. निशीथ राय, कार्यशाला के मुख्य कार्यकारी अधिकारी आन्जनेय कुमार सिंह, सचिव सिंचाई आर.पी.गोस्वामी, समाजवादी चिंतक दीपक मिश्र आदि ने भी सम्बोधित किया।

Tags:    

  Similar Posts

Share it
Share it
Share it
Top