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यूपी सरकार ने सबकी सेहत का बेहतर प्रबंध किया : आलोक रंजन

 Sabahat Vijeta |  2016-06-10 13:36:02.0

alok ronjonतहलका न्यूज़ ब्यूरो


लखनऊ. उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव आलोक रंजन ने आज एनेक्सी के मीडिया सेंटर में पत्रकारों से कहा कि राज्य सरकार ने सबकी सेहत का बेहतर प्रबन्ध किया है. उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव ने जब सूबे की बागडोर संभाली थी तब प्रदेश में केवल 7 मेडिकल कालेज थे लेकिन अब इनकी संख्या बढ़कर 12 हो गई है. उन्होंने बताया कि वर्ष 2012 में एमबीबीएस की 1140 सीटें थीं जो अब बढ़कर 1840 हो गई है.


आलोक रंजन ने कहा कि अखिलेश सरकार ने यूपी में मेडिकल सुविधाएं बढ़ाने का हर संभव उपाय किया है. उन्होंने बताया कि प्रदेश में डाक्टरों की कमी को देखते हुए एमबीबीएस की सीटें बढ़ाई गईं तो मेडिकल के क्षेत्र में शिक्षकों की कमी को देखते हुए मेडिकल के पोस्ट ग्रेजुएशन की सीटें भी बढ़ाई गईं.


उन्होंने बताया कि सरकार ने उत्तर प्रदेश के नागरिकों के लिए सरकारी अस्पतालों में 100 से अधिक प्रकार की जांचें मुफ्त कर दीं. सभी अस्पतालों में निशुल्क दवाइयों की व्यवस्था की. सरकार ने मरीजों को अस्पताल लाने के लिए 3000 एम्बुलेंस की व्यवस्था की. इस समय प्रदेश के किसी गाँव में भी एम्बुलेंस की ज़रुरत पड़ जाए तो 25 मिनट के भीतर एम्बुलेंस पहुँच जाती है.


उन्होंने बताया कि प्रदेश के कई शहरों की मेडिकल व्यवस्थाओं को बेहतर बनाया जा रहा है. सैफई में सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल बनाया गया है. कानपुर का मेडिकल कालेज तैयार हो चुका है. अम्बेडकरनगर, कन्नौज और सहारनपुर में नए मेडिकल कालेज मंज़ूर हो चुके हैं. फैज़ाबाद, फ़िरोज़ाबाद, शाहजहांपुर, बस्ती और बहराइच के अस्पतालों को उच्चीकृत करने का फैसला लिया जा चुका है. उन्होंने बताया कि अस्पतालों की व्यवस्था बेहतर होने के बाद से सरकारी अस्पतालों की ओपीडी में साढ़े 14 फीसदी लोगों का भरोसा बढ़ा है.


प्रमुख सचिव स्वास्थ्य ने बताया कि इस समय प्रदेश के बांदा, जौनपुर, नजीबाबाद और चंदौली इत्यादी 11 शहरों में मेडिकल कालेज बनाने का काम तेज़ी से चल रहा है. उन्होंने बताया कि बहुत जल्दी गोरखपुर में 500 बेड का अस्पताल शुरू हो जायेगा.


उन्होंने बताया कि मेडिकल क्षेत्र के हर पहलू को बेहतर बनाने का काम किया जा रहा है. नर्सिंग क्षेत्र को भी अपग्रेड किया जा रहा है. उन्होंने बताया कि अगले साल से प्रदेश के हर शहर में सीटी स्कैन और एमआरआई की सुविधा मुहैया हो जायेगी. उन्होंने बताया कि लखनऊ के पीजीआई में भी 150 बेड बढ़ाने की कोशिश चल रही है. संवाददाता सम्मलेन में प्रमुख सचिव सूचना नवनीत सहगल और किंग जार्ज चिकत्सा विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. रविकांत भी मौजूद थे.

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