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बाहुबलियों को इलेक्शन में वॉच करेगा ADR

 Tahlka News |  2016-03-30 14:57:05.0

a1तहलका न्यूज ब्यूरो
लखनऊ, 30 मार्च. एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेडिक रिफार्म (एडीआर), यूपी इलेक्शन वॉच उत्तर प्रदेश के आगामी विधान सभा चुनावों में बाहुबली प्रत्याशियों के बारे में जनता को जागरुक करेगा। उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले विधान सभा चुनावों में इलेक्शन वॉच सक्रिय भूमिका निभाएगा। इसके लिए इलेक्शन वॉच की हर विधानसभा वार कमेटी बनायी जाएगी और हर बूथ पर इसके कार्यकर्ता तैनात रहेंगे।


एडीआर व इलेक्शन वॉच ने राजधानी लखनऊ में आज चुनावी राजनीति में अपराधियों और धनबल की बढ़ती भूमिका पर राजनेताओं, प्रबुद्धजनों और मीडिया के साथ संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया। संवाद की शुरुआत करते हुए जानेमाने स्तंभकार डॉ रहीस सिंह ने वक्ताओं से इलेक्शन वॉच की ओर से पांच खास बिंदुओं पर विचार रखने को कहा। इनमें प्रमुख था प्रत्याशी की क्षेत्र विशेष में पांच साल तक की गयी सेवा, सांप्रदायिक अथवा अपराधिक रिकार्ड न होना, महिला उत्पीडऩ का दोषी न होना, शैक्षिक योग्यता व संपूर्ण आर्थिक विवरण देना।


संवाद की शुरुआत करते हुए समाजवादी पार्टी के डॉ सीपी रॉय ने कहा कि तमाम खामियों के बाद भी भारत में लोकतंत्र उत्तरोत्र मजबूत ही हुआ है। उन्होंने कहा कि हाल के दिनों में यह देखने में आया है कि अपराधी और पूंजीपति चुनावों में हारने लगे हैं। उन्होंने ने इलेक्शन वॉच की ओर से उठाए गए बिंदुओं से सहमति जताते हुए कहा कि आंदोलन करने पर मुकदमा दर्ज होने पर प्रत्याशी को अपराधी न माना जाए। उन्होंने आंदोलनकारियों के लिए विशेष धाराएं बनाए जाने की मांग रखी। रॉय ने कहा कि सार्वजनिक जीवन में कई बार जनसमस्याओं के लिए सडक़ पर उतरना पड़ता है और मुकदमे भी दर्ज होते हैं पर उसे अपराध की संज्ञा नही दी जानी चाहिए।


कांग्रेस के प्रवक्ता सुरेंद्र राजपूत ने इलेक्शन वॉच की ओर से रखे गए बिंदुओं पर तो सहमति जतायी पर न्यूनतम शैक्षिक योग्यता का विरोध किया। उन्होंने कि जिस देश में हर कोई साक्षर नही हो पाया है वहां चुनाव लढऩे के लिए शैक्षिक योग्यता नही रखी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि सांप्रदायिकता फैलाने वालों के चुनाव लडऩे से वंचित किया जाना चाहिए। वहीं, बीजेपी के प्रवक्ता विजय बहादुर पाठक ने राजनैतिक दलों में आंतरिक लोकतंत्र पर बल देते हुए कहा कि स्वच्छ व ईमानदार छवि के लोगों को आगे लाने में यह सहायक है। उनका कहना था कि चुनाव को साफ सुथरा बनाने का जिम्मा अकेले राजनैतिक दलों को ही नही बल्कि पूरे समाज को उठाना होगा। पाठक ने कहा कि चुनाव लडऩे के लिए न्यूनतम शैक्षिक योग्यता का होना जरुरी है। उन्होंने कहा कि लोकसभा व विधान सभा का चुनाव लडऩे के लिए स्नातक होना जरुरी हो।

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