Breaking News
  • Breaking News Will Appear Here

Cabinet Meeting: सीएम अखिलेश यादव ने लिए कई अहम फैसले

 Tahlka News |  2016-03-30 15:48:47.0

a1तहलका न्यूज ब्यूरो
लखनऊ, 30 मार्च. मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के ड्रीम प्रोजेक्ट आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे को बलिया तक विस्तार देने के लिए राज्य सरकार ने 19437.73 हजार करोड़ रुपये की अनुमानित लागत वाले समाजवादी पूर्वांचल एक्सप्रेसवे को अपने संसाधनों से बनवाने का फैसला किया है। सपा अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव के संसदीय क्षेत्र आजमगढ़ होकर लखनऊ से बलिया तक का सफर तय करने वाले इस प्रवेश नियंत्रित ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे का निर्माण इंजीनियरिंग प्रोक्योरमेंट एंड कंस्ट्रक्शन (ईपीसी) पद्धति से कराने के प्रस्ताव आज कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है।


कैबिनेट बैठक के बाद सरकार के इस फैसले की जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि समाजवादी पूर्वांचल एक्सप्रेसवे बन जाने पर देश का सबसे लंबा एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश में होगा। इसका निर्माण पूरा होने पर नोएडा से लेकर बलिया तक का सफर एक्सप्रेसवे से तय किया जा सकेगा। एक्सप्रेसवे की यह श्रृंखला प्रदेश की जीवनरेखा होगी। इससे जहां प्रदेश के विकास को रफ्तार मिलेगी, वहीं पुलिस के तेजी से मौके पर पहुंचने के कारण कानून व्यवस्था में भी सुधार आएगा। सड़क दुर्घटनाएं भी कम होंगी।


गौरतलब है, 165 किलोमीटर लंबा यमुना एक्सप्रेसवे जहां ग्रेटर नोएडा को आगरा से जोड़ता है, वहीं अखिलेश सरकार आगरा से लखनऊ तक 302 किलोमीटर लंबा एक्सप्रेसवे बनवा रही है। अब लखनऊ से बलिया को एक्सप्रेसवे से जोडऩे की तैयारी है। लखनऊ-बलिया एक्सप्रेसवे परियोजना के लिए वित्तीय वर्ष 2016-17 के बजट में 1500 करोड़ रुपये का इंतजाम किया गया है। सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि एक्सप्रेसवे का निर्माण ईपीसी पद्धति से कराने के लिए आवश्यक धनराशि का इंतजाम राज्य सरकार के बजट के अलावा अन्य स्रोतों से किये जाने पर विचार किया जाएगा। एक्सप्रेसवे के प्रस्तावित एलाइनमेंट के आधार पर परियोजना के लिए चार हजार हेक्टेयर जमीन अधिग्रहीत करने की योजना है। एक्सप्रेसवे परियोजना के स्वामित्व व क्रियान्वयन के लिए उप्र एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) को नोडल एजेंसी नामित किया गया है। परियोजना के लिए मेसर्स आइआइडीसी लिमिटेड को कंसल्टेंट चुना गया है।


10 जिलों से गुजरेगा
348.1 किलोमीटर लंबा और 120 मीटर चौड़ा लखनऊ-बलिया एक्सप्रेसवे छह लेन वाला होगा जिसे आठ लेन तक चौड़ा किया जा सकेगा। यह 10 जिलों से होकर गुजरेगा। लखनऊ से शुरू होकर यह एक्सप्रेसवे बाराबंकी, अमेठी, सुलतानपुर, फैजाबाद, अंबेडकरनगर, आजमगढ़, मऊ, गाजीपुर से होता हुआ बलिया में भरौली में खत्म होगा। इस एक्सप्रेसवे को आठ टुकड़ों (पैकेज) में बनाने का प्रस्ताव है।


टोल टैक्स भी लगेगा
समाजवादी पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के इस्तेमाल के लिए टोल चार्ज किया जाएगा। परियोजना के लिए यूपीडा यदि किसी अन्य स्रोत से कर्ज लेता है तो वसूले गए टोल से सबसे पहले ऋण का पुनर्भुगतान किया जाएगा। इसके बाद प्राधिकृत एजेंसी द्वारा टोल-चार्ज वसूल कर सरकारी खजाने में जमा किया जाएगा।


यूपी कैबिनेट के मुख्य फैसले
- लखनऊ से बलिया (वाया आजमगढ़) प्रवेश नियंत्रित एक्सप्रेस-वे ग्रीन फील्ड परियोजना (पूर्वान्चल एक्सप्रेस-वे) का नाम समाजवादी पूर्वान्चल एक्सप्रेस-वे करने के साथ ही ईपीसी पद्धति से विकसित करने का फैसला
- नई उत्तर प्रदेश सूचना प्रौद्योगिकी एवं स्टार्ट अप नीति-2016 को मंजूरी
- 29 संस्कृत माध्यमिक विद्यालयों/ महाविद्यालयों को अनुदान सूची पर लेने का निर्णय


- आपातकालीन अवधि में मीसा/डीआइआर में निरुद्ध राजनैतिक बंदियों/लोकतंत्र सेनानियों की सम्मान राशि 15000 रुपए प्रति माह करने का निर्णय
- उप्र राजकीय महाविद्यालयों में संविदा पर कार्यरत प्रवक्ता विनियमितीकरण नियमावली, 2016 को मंजूरी
- आई-स्पर्श स्मार्ट एवं स्वावलम्बी ग्राम परियोजना के क्रियान्वयन को मंजूरी
- भौरट बांध पुनरीक्षित परियोजना की 599.7194 करोड़ की लागत मंजूर

- कई मार्गों के मरम्मत और चौड़ीकरण के प्रस्तावों को मंजूरी
- सड़क दुर्घटनाओं को नियंत्रित करने के लिए ऑटोमेटेड ड्राइविंग टेस्टिंग ट्रैक की स्थापना का प्रस्ताव अनुमोदित
- वाहनों की फिटनेस की जांच के लिए पीपीपी मॉडल पर वाहन सर्टिफिकेशन एवं इंस्पेक्शन सेण्टर की स्थापना का निर्णय
- डीएमआइसीडीसी के तहत मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक हब तथा मल्टी मॉडल ट्रांसपोर्ट हब परियोजना के क्रियान्वयन के लिए गठित एसपीवी को भूमि के हस्तांतरण में स्टाम्प ड्यूटी से छूट

- राजकीय नलकूपों एवं लघु डाल नहरों को सौर ऊर्जा एवं ग्रिड ऊर्जा के हाईब्रिड मॉडल से संचालित करने का निर्णय
- एकलव्य स्पोर्ट्स स्टेडियम, आगरा के हॉकी मैदान में एस्ट्रोटर्फ लगाने की स्वीकृति
- गुरु गोविन्द सिंह स्पोटर्स कॉलेज, लखनऊ में सिन्थेटिक रनिंग ट्रैक की स्थापना की स्वीकृति
- डॉ. शकुन्तला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय, लखनऊ के परिसर में नि:शक्तजन हेतु विशिष्ट स्टेडियम के निर्माण की अनुमति

Tags:    

  Similar Posts

Share it
Top