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यूपी 100: आप भी याद कर पाएंगे पुलिसकर्मी के नंबर, ये है अनोखा तरीका

 Abhishek Tripathi |  2016-11-18 04:48:13.0

up-100तहलका न्यूज ब्यूरो
लखनऊ. आप राजधानी में हों या फिर प्रदेश के किसी भी दूर दराज के इलाके में अब जल्द ही आपकी एक कॉल पर आपकी शिकायत सुनने के लिए पुलिस आपके दरवाजे पर होगी। 19 नवंबर को मुख्यमंत्री अखिलेश यादव यूपी 100 सर्विस का उद्घाटन करेंगे। इस प्रोजेक्ट के लांच होने के बाद ना सिर्फ पुलिस की एकाउंटिबिल्टी तय होगी बल्कि लोगों को बेहतर पुलिसिंग का एहसास भी होगा। इसके साथ ही यूपी 100 की गाडि़यों के रजिस्ट्रेशन नंबर के चार अंक और गाड़ी में चलने वाले पुलिसकर्मी के सीयूजी मोबाइल फोन और मोबाइल डाटा टर्मिनल के नंबर के आखिरी चार अंक एक जैसे ही होंगे। ऐसा इसलिए ताकि आम जनता पुलिसकर्मी का नंबर आसानी से याद रख सके।


यूनिक सॉफ्टवेयर से पुलिसिंग
इस पूरे प्रोजेक्ट को अपनी देखरेख में पूरा करने वाले एडीजी ट्रैफिक अनिल अग्रवाल ने बताया कि इसे व‌र्ल्ड क्लास का बनाया गया है। इसमें ना सिर्फ यूनिक सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल किया गया है। जिससे ना सिर्फ एक एक गाड़ी पर निगाह रहेगी बल्कि एक क्लिक पर किसी भी शिकायत का स्टेटस जान सकेंगे। पूरा प्रदेश एक सेंट्रलाइजड सिस्टम से हैंडिल होगा। यानी जिस डेस्क पर बलिया से कॉल आयेगी उसी फोन पर नोएडा से भी कॉल आ सकती है।


कॉल टेकर के रूप में मौजूद ग‌र्ल्स हर काल को रिकॉर्ड करेंगी और डिस्क्रिप्शन के साथ काल डिस्पैचर को भेज दिया जाएगा। यदि कोई बड़ी घटना जैसे रेप, हत्या डकैती की कोई सूचना आती है तो उसे स्पेशल कॉल डिस्पैचर ऑफिसर के पास ट्रांसफर कर दी जाएगी। कॉल डिस्पैचर स्क्रीन पर नजर आ रही लोकेशन के हिसाब से सबसे नजदीक मौजूद पुलिस की गाड़ी को घटना स्थल के लिए रवाना किया जाएगा। हर कॉल रिकॉर्डेड होगी। साथ ही कम से कम समय में पुलिस को पहुंचना होगा और एकाउंटिबिल्टी ऑटोमेटिक तय हो जाएगी।


चार मॉनीटर और 600 कंप्यूटर
पूरे प्रदेश को मॉनीटर करने के लिए तीस तीस फुट की चौड़ाई और 15 फुट की ऊंचाई के बड़े- बड़े स्क्रीन मॉनीटर लगाये गये हैं। जो पूरे प्रदेश की गाडि़यों पर नजर रखेगी। इसके लिए 600 कंप्यूटर कॉल टेकर और कॉल डिस्पैच करने का काम करेंगे। इस पूरे सिस्टम को दो भागों में बांटा गया है। इन सबकी मानीटरिंग के लिए यूपी 100 में एक डीआईजी की भी पोस्टिंग की गयी है।


वीडियो और फोटो से भी शिकायत
अनिल कुमार अग्रवाल की मानें तो यहां सिर्फ 100 नंबर पर आने वाली शिकायत ही को नहीं बल्कि वेबसाइट पर आने वाली शिकायतों और विडियो और फोटो के साथ आने वाली शिकायतों को भी इंटरटेन किया जाएगा। यानी किसी घटना का कोई विडियो है तो उसे पुलिस की वेबसाइट पर जाकर अपलोड किया जाएगा। जो हर 24 घंटे में संबंधित थानों को भेजा जाएगा।


टेक्नालॉजी का पूरा इस्तेमाल
- ईंधन की बचत के लिए सभी गाडि़यों को फ्यूल कार्ड, लखनऊ से बैठे होगी निगरानी।
- इसके लिए इंडियन आयल और एचपी के दो कार्ड प्रत्येक गाड़ी को दिये गये हैं। जिसे क्रेडिट कार्ड और डेबिट कार्ड की तरह स्वाइप किया जाएगा। इसका भुगतान भी सेंट्रलाइज किया जाएगा।
- सॉफ्टवेयर के जरिए एक एक गाड़ी का रिकॉर्ड होगा, जिस गाड़ी का एवरेज कम निकल रहा होगा उसे मॉनिटरिंग पर लगाया जाएगा।

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