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SC के आदेश के बावजूद शिक्षक भर्ती से 'थर्ड जेंडर' हुए बाहर

 Abhishek Tripathi |  2016-06-08 14:36:53.0

transgenderतहलका न्यूज ब्यूरो
इलाहाबाद. उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड की भर्ती से थर्ड जेंडर (किन्नर) को बाहर कर दिया गया है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद जेंडर के कॉलम में सिर्फ पुरुष और महिला का जिक्र है। यह भर्तियां एडेड कॉलेजों में शिक्षकों के 9277 पदों पर शुरू की गई हैं।


सुप्रीम कोर्ट ने 15 अप्रैल 2014 को ट्रांसजेंडर को थर्ड जेंडर के रूप में मान्यता देते हुए शिक्षा एवं नौकरी में उन्हें अन्य पिछड़ा वर्ग का लाभ देने के निर्देश दिए थे। शिक्षा व नौकरी में उन्हें पुरुष या महिला लिखने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता। इसके लिए आवेदन फार्म में बकायदा अलग से थर्ड जेंडर का कॉलम होना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के क्रम में ही इलाहाबाद विश्वविद्यालय ने इस साल पहली बार ऑनलाइन आवेदन में थर्ड जेंडर का भी विकल्प दिया था।


सचिव माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड रूबी सिंह ने कहा कि भर्ती फार्म में थर्ड जेंडर का कॉलम होना चाहिए। अभी शिक्षक भर्ती के आवेदन में समय है। इसके लिए सभी से बात कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।


इविवि में प्रवेश को 29 थर्ड जेंडर ने भरा था फार्म
इलाहाबाद विश्वविद्यालय में पढ़ार्ई के लिए 29 थर्ड जेंडर अभ्यर्थियों ने आवेदन किया है। प्रवेश के लिए जो आवेदन मिले थे, उनमें 13 किन्नरों (ट्रांस जेंडर) ने स्नातक व 16 ने परास्नातक कक्षाओं में पढ़ने की इच्छा जताई है।


जिले की मतदाता सूची में 439 ट्रांस जेंडर
विधानसभा चुनाव के लिए तैयार हो रही मतदाता सूची में 439 ट्रांस जेंडर का नाम है। अबकी पहली बार ट्रांस जेंडर का अलग से डाटा तैयार किया जा रहा है।

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