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देखें तस्वीरें: उफ्फ ये गर्मी! फर्श चाटकर प्यास बुझा रही है बाघिन

 Tahlka News |  2016-05-09 11:26:50.0

a1तहलका न्यूज ब्यूरो
नागपुर. महाराष्ट्र में सूखे का कहर बढ़ता ही जा रहा है। सूखे के कहर से इंसान ही नहीं बल्कि जंगली जानवर भी बेहाल हो गए हैं। वन विभाग भी सूखे के आगे बेबस है। ऐसे में बीते दिनों नागपुर में एक दिलचस्प नजारा देखने को मिला।


नागपुर में एक बाघिन को जब पीने का पानी काफी देर तक नहीं मिला तो वह बेहद परेशान और थकान से जूझ रही थी। इसी बीच वो एक हैंडपंप के के इर्द-गिर्द घूम रही थी। बाघिन थोड़ी देर तक घूमती फिर हैंडपंप के पास जाकर बैठ जाती। इस दौरान उसे कई बार सूखी फर्श को चाटते हुए भी देखा गया। ऐसे में इस बात को बड़ी आसानी से समझ लिया गया कि बाघिन प्यासी है और पानी की तलाश में है। बाघिन की हरकतों को मोबाइल के कैमरे में कद कर लिया गया। शायद इस क्लिप को देखकर वन विभाग जंगली जानवरों के प्रति संवेदनशील हो जाए।

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बता दें कि इस वीडियो को एक वन्यजीव प्रेमी प्रज्वल जोसेफ़ ने फ़िल्माया है। मूल रूप से नागपुर के रहने वाले प्रज्वल मुंबई में गायक-संगीतकार हैं और पिंकू जोसेफ़ के नाम से शोज़ भी करते हैं। उन्होंने बताया कि कि नागुपर में 2 मई को शाम 6 बजे नागपुर से क़रीब 46 किलोमीटर दूर उन्हें मोबाइल फ़ोन से ये वीडियो रिकॉर्ड किया। उनके शब्दों में यह घटना कुछ ऐसी थी- 'मैं दो गांवों के बीच से गुज़र रहा था, जो घने जंगल का इलाक़ा है। वन विभाग की ओर से वहां हैंडपंप वाला बोरवेल लगा है और उससे जुड़ा सीमेंट का वॉटर होल भी बना है।' 'मैंने देखा कि उसमें पानी की एक बूंद भी नहीं था। पानी की नमी भी नहीं थी जैसे कई दिनों से उसमें पानी नहीं रहा होगा। मैंने पौधों के पीछे एक बाघिन देखी है जो उठी और हैंडपंप के करीब आ गई।' 'वह हैंडपंप के उस पार थी और मैं अपनी गाड़ी में बैठा था। बाहर निकलने का सवाल ही नहीं था। वह देखती रही मानों कह रही हो कि भैया तुम ही पानी भर दो। मैं उस सीन से बेहद डिस्टर्ब हो गया था।'


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टाइगर लैंड मोटरस्पोर्ट्स एसोसिएशन के सचिव संदीप सुरेका बताते हैं कि 4 मई की शाम घने और सुनसान जंगल में हैंडपंप से पानी निकालते पिंकू से हुई मुलाकात को वो भूल नहीं पाएंगे। हमने गांव वालों से अनुरोध किया है कि वे आते जाते हैं दो-चार बार हैंडपंप पर पानी चला दिया करें। क़रीब के गांव कातलाबोडी के निवासी ज्ञानेश्वर कोवे साफ़ कहते हैं कि इस जंगल में कई बाघ, जंगली सुअर, नील गाय, बंदर और कई तरह के पक्षी हैं। उन्होंने बताया कि ये वॉटर होल क़रीब एक साल पहले बनाया गया। जब कोई बड़े साहब का दौरा हो तो फ़ॉरेस्ट गार्ड हैंडपंप चलाकर वाटर होल भर जाते हैं। नहीं तो यह सूखा ही रहता है।

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