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यूपी: इस गांव के पालतू कुत्ते का नाम है 'सांसद', मोदी से पूछा कहां है 'विकास'

 Sabahat Vijeta |  2016-08-08 04:01:31.0

mahoba_villageतहलका न्यूज ब्यूरो
महोबा. बुंदेलखंड के महोबा जिले में अच्छे दिनों की आस लगाए आदर्श गांव के लोग काफी गुस्से में हैं। गुस्सा इतना बढ़ गया है कि गांव के लोगों ने पालतू कुत्ते का नाम 'सांसद' रख दिया है। इसके साथ ही गांव वालों ने पीएम नरेंद्र मोदी से पूछा है कि 'विकास' कहां है। इस गांव में तो न पीने के लिए पानी है और न ही चलने के लिए सड़क। ऐसे में गांव वालों ने एकसाथ पीएम मोदी से इच्छा मृत्यु की मांग की है। इस बात की सूचना मिले ही जिला प्रशासन काफी सकते में हैं।


ये गांव महोबा के कबरई विकास खंड का है। जिसका नाम पिपरामाफ है। यहां आजादी के 69 साल बाद भी 10 हजार से अधिक आबादी को सड़क, पानी, बिजली, शिक्षा, स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सुविधाएं मुहैया नहीं हो पाई हैं। मूलभूत सुविधाओं की कमी के चलते ग्रामीण गुस्से में हैं। अभाव और असुविधाओं से परेशान ग्रामीणों ने अब इच्छा मृत्यु की इजाजत मांगी है।

बच्चे कीचड़ से होकर जाते हैं स्कूल

स्कूल जाने वाले बच्चों को कीचड़ से होकर जाना पड़ता है। कहने को गांव आदर्श हैं लेकिन गांव में आदर्श गांव की कोई झलक तक नजर नहीं आती है। गांव में गंदगी और बजबजाती नालियां इस गांव के विकास में रोड़ा बनी हुई है। इस मजरे के बाशिंदों ने सैकड़ों बार सांसद पुष्पेंद्र सिंह चंदेल से अपने बदहाल मजरे की बदहाली को लिखित और मौखिक बताया, लेकिन सांसद पिछले दो वर्ष से इस गांव में झांकने तक नहीं आए।

गांव से पलायन कर रहे लोग
बदहाली का दंश झेल रहे गांव के लोग पलायन करने को मजबूर हैं। समस्याओं से निजात न मिलता देख ग्रामीणों ने हस्ताक्षर युक्त पत्र प्रधानमंत्री को भेजा है। जिसमें ग्रामीणों ने इच्छा म्रत्यु की अनुमति का आग्रह किया है। प्रदेश की सीमा पर स्थित पिपरामाफ का पूरा इलाका हमेशा जनप्रतिनिधियों और अफसरों की उपेक्षा का शिकार रहा है।

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