Breaking News
  • Breaking News Will Appear Here

गृह मंत्रालय को मिली इस रिपोर्ट ने ला दिया उसके माथे पर पसीना

 Sabahat Vijeta |  2016-11-16 14:27:35.0

rajnath-singh
तहलका न्यूज़ ब्यूरो


नई दिल्ली. केन्द्र सरकार द्वारा अचानक की गई नोट बंदी के बाद देश में संकट गहराता जा रहा है. इसे लेकर गृह मंत्रालय के पास विभिन्न राज्यों से जिस तरह की खबरें आ रही हैं उसने मंत्रालय में खलबली मचा दी है. इस रिपोर्ट में साफ़ तौर पर कहा गया है कि अगर एक हफ़्ते में हालात में सुधार नहीं हुआ तो इसका सीधा असर क़ानून व्यवस्था पर पड़ सकता है.


वक़्त गुज़रता जा रहा है और बैंकों में लग रही कतारें छोटा होने का नाम नहीं ले रही हैं. लोगों के पास जो पुरानी करेंसी है वह जमा तो होती जा रही है लेकिन नई करेंसी के नाम पर बैंकों के पास 2000 के नोट के सिवाय कुछ है ही नहीं जिसे कोई लेना नहीं चाहता और 500 के नोट इतने छपे नहीं हैं कि पूरे देश तक पहुँच भी पाते.


घंटों-घंटों लाइन में लगे लोगों का दर्द कम करने के लिए प्रधानमंत्री की बुज़ुर्ग माँ भी बैंक की लाइन में लगकर 4000 रूपये निकालने पहुँच गईं लेकिन इससे किसी का दर्द कम नहीं हुआ. उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री आज़म खां ने तो इस मुद्दे पर केन्द्र सरकार को ही कटघरे में खड़ा कर दिया. इतनी बुज़ुर्ग महिला के लाइन में लगकर सवाल उठाने पर आज़म खां ने कहा कि अगर उन्हें पता चल जाता तो वह खुद लाइन में लगकर उनके लिए पैसे निकालते. उनका कहना है केन्द्र के इस फैसले ने बुजुर्गों को भी सांसत में डाल दिया है.


हकीकत से इतर केन्द्र सरकार ने यह ऐलान कर दिया है कि 500 रुपए का नोट मार्केट में आ चुका है लेकिन असलियत तो यह है कि वह इतनी संख्या में छपा ही नहीं है कि वह सर्कुलेशन में दिखाई दे. इसके अलावा शहरों के अधिकाँश एटीएम काम नहीं कर रहे क्योंकि देश में एटीएम जितनी संख्या में हैं उस तुलना में एटीएम को हैंडिल करने वाले कर्मचारी नहीं हैं. इसी वजह से लोगों तक पैसा नहीं पहुंच पा रहा है.


केन्द्रीय गृह मंत्रालय को राज्यों से जो रिपोर्ट मिली है उसके मुताबिक, लोग इतनी मुश्किलों से मिले पैसों को ख़र्च नहीं कर रहे हैं. इससे जमाखोरी बढ़ रही है और 100 रुपए का नोट सर्कुलेशन में नहीं आ पा रहा है. बिहार और उत्तर प्रदेश में हालात सबसे ज्यादा खराब हैं.

Tags:    

  Similar Posts

Share it
Top