नोटबंदी के दौर में कैसे करे वित्तीय कारोबार एवं व्यतिगत भुगतान

 2016-12-18 06:30:41.0

samant-1प्रदीप सामंत

(लेखक साईबर मामलो के जानकार हैं)

बदलते दौर में सुविधाएं भी लगातार बेहतर हो रही हैं। बात किसी को ऑनलाइन पैसे भेजने की हो तो फिर कौन-कौन से तरीके हैं ,तो ये जानना सबसे ज़रूरी है कि फंड ट्रांसफर के और आपकी जरूरत के लिए कौन सा तरीका है सबसे बढ़िया ताकि आपके गाढ़ी कमाई का कोई दुरूपयोग न हो पाए. ऑनलाइन पैसा भेजना है तो सबसे पहले ये जाने कि क्या होता है RTGS, NEFT, IMPS और UPI

RTGS (रियल टाइम ग्रॉस सेटलमेंट):



आरटीजीएस फंड ट्रांसफर की सबसे तेज प्रक्रिया है। इस प्रक्रिया में फंड प्राप्त करने के तत्काल या फिर 30 मिनट के भीतर बैंक को इसे निर्देशित खाते में ट्रांसफर करना होता है। यानी फंड को आगे प्रक्रिया के लिए नहीं टाला जा सकता है। आरटीजीएस का इस्तेमाल बड़े फंड ट्रांसफर के लिए किया जाता है। यहां न्यूनतम दो लाख रुपये का ट्रांसफर किया जा सकता है।

यदि किसी वजह से आपके द्वारा भेजे गए पैसे संबंधित व्यक्ति तक नहीं पहुंच पाते हैं तो पूरी राशि महज दो घंटे में आपके खाते में वापस पहुंच जाएगी। बैंकों में आरटीजीएस का इस्तेमाल कार्यदिवस के दिन सुबह नौ से शाम साढ़े चार बजे तक किया जा सकता है, जबकि शनिवार को यह सुबह नौ बजे से दोपहर 12 बजे तक होता है। आरटीजीएस से दो से पांच लाख रुपये तक के फंड ट्रांसफर पर 30 रुपये तक फीस लगती है। हालांकि ये फीस घटाने का बैंकों को अधिकार है।

NEFT (नेशनल इलेक्ट्रॉनिक फंड ट्रांसफर):


यह भी फंड ट्रांसफर का सरल और अहम तरीका है, लेकिन यह आरटीजीएस की अपेक्षा धीमा है। इसके तहत फंड ट्रांसफर एक निर्धारित समय पर ही होता है। मसलन, कार्यदिवस के दौरान हर एक घंटे पर इसके तहत फंड ट्रांसफर होते हैं। एनईएफटी में न्यूनतम राशि का कोई प्रतिबंध नहीं है। एनईएफटी पर फीस लगती है और 2 लाख रुपये से अधिक के ट्रांसफर पर 25 रुपये तक फीस लगती है। आरटीजीएस/एनईएफटी से पैसे ट्रांसफर करने के लिए आपके पास लाभार्थी के खाते की जानकारी जैसे उसका नाम, बैंक का नाम, खाता संख्‍या और आईएफएससी कोड होना चाहिए।

IMPS-MMID (तत्काल भुगतान सेवा):

मोबाइल बैंकिंग सेवा का प्रयोग कर रहे ग्राहक ही इस सुविधा का लाभ उठा सकते हैं यानी पैसा भेज या प्राप्त कर सकते हैं। इसके आपको अपने मोबाइल नंबर और एक अतिरिक्त 7 अंकों के एमएमआईडी नंबर की आवश्यकता होगी। इस प्रक्रिया में फंड का ट्रांसफर तत्काल होता है। इस सेवा का 24x7 आप लाभ उठा सकते हैं। आईएमपीएस में पैसे ट्रांसफर करने के भी पैसे लगते हैं। स्‍टेट बैंक ऑफ इंडिया इस सुविधा के लिए पांच रुपये प्रति ट्रांजैक्शन चार्ज करती है।

कैसे प्राप्त करें एमएमआईडी नंबर:

IMPS-MMID से पैसे प्राप्त करने के लिए आपको भेजने वाले से अपना मोबाइल नंबर और एमएमआईडी नंबर शेयर करना होगा। वैसे तो बैंक अपने सभी मोबाइल बैंकिंग ग्राहकों को 7 अंकों का एमएमआईडी नंबर खाता खोलने के समय ही दे देता है। लेकिन, यदि आप एमएमआईडी नंबर प्राप्त करना चाहते हैं तो बैंक जाकर इसके लिए आश्वयक फॉर्म भरना होगा। इसके बाद बैंक आपको रजिस्टर्ड मोबइल नंबर पर एसएमएस के जरिए एमएमआईडी उपलब्ध करा देगी।

UPI (यूनीफाइड पेमेंट इंटरफेस):

इसका ऐप गूगल प्लेस्टोर पर मिलेगा जहां से इसे अपने स्मार्टफोन में डाउनलोड किया जा सकता है। यूपीआई के जरिए एक दिन में 50 रुपये से लेकर एक लाख रुपये तक ट्रांसफर किए जा सकते हैं। यूपीआई 24 घंटे और सातों दिन काम करेगा। यूपीआई दरअसल एक वर्चुअल आईडी से दूसरे वर्चुअल आईडी तक फंड ट्रांसफर करता है। यूपीआई में आपको अपनी वर्चुअल आईडी अपने बैंक से मिलेगी। अगर आपका फोन नंबर 9876543210 है और खाता एसबीआई में है तो आपका वर्चुअल आईडी 9876543210@sbi भी हो सकता है।
आपको अपने घर पैसे भेजने हैं। यूपीआई ऐप में अपने परिवार के किसी भी सदस्य की वर्चुअल आईडी डालिए। भेजी जाने वाली राशि भरिए और पे टू का बटन दबा दीजिए। पैसा आपके खाते से उस सदस्य के खाते में पहुंच जाएगा। जरूरत सिर्फ इस बात की है कि पैसा भेजने वाले और पैसा पाने वाले दोनों के फोन में यूपीआई का ऐप हो। इसके जरिए मार्केट में खरीदारी या ऑनलाइन शॉपिंग भी की जा सकती है वो भी पूरी तरह से कैशलैस और कार्डलैस।

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