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पृथ्वी जैसी श्रेष्ठ और कोई जगह नहीं है: श्रीकांत शर्मा

 Sabahat Vijeta |  2016-12-10 14:15:15.0

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तहलका न्यूज़ ब्यूरो


लखनऊ. श्री श्याम परिवार लखनऊ के तत्तवाधान में बीरबल साहनी मार्ग स्थित श्री खाटू श्याम मन्दिर में चल रही सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा के छठे दिन कोलकाता के बाल व्यास पं. श्रीकांत शर्मा ने कहा कि धरती पर जो चीज़ें हैं वह कहीं अन्यत्र नहीं हैं. यहां पर नश्वर होते हुए भी हम शाश्वत को पा सकते हैं. विनाशी होकर अविनाशी को पा सकते हैं. जन्मा होकर भी अजन्मा को पा सकते हैं. इसीलिए पृथ्वी से श्रेष्ठ कोई अन्य जगह नहीं है. नास्तिक और आस्तिक के जीवन में बड़ा अन्तर होता है. नास्तिक के जीवन में यदि कोई घटना होती है. तो ईश्वर को दोष देने लगता है. अपनी तकदीर को दोष देने लगता है. आस्तिक के जीवन में कोई घटना होती है तो उसे भी ईश्वर की कृपा मानकर घृणा करता है. आस्तिक भगवान से यही कहता है कि ‘तेरे फूलों में भी प्यार, तेरे कांटों में भी प्यार, हमको दोनों ही पसंद तेरी धूप और छांव’.


उन्होंने कहा कि लोग जीवन के एक पक्ष को देखने लगते हैं. बच्चों को एक पक्ष की जानकारी देते हैं. ‘खुश रहो और मौज करो’ उन्हें यह समझाना चाहिए कि सुख के साथ दुख भी जुड़ा है. दोनों को ग्रहण करने से बच्चों को इस तरह डरा दिया जाता है कि उन्हें ऐसा लगता है फेल होने के बाद जीवन ही अंधकारमय हो गया. इसी वजह से बच्चे फेल होने पर आत्महत्या तक कर लेते हैं. उन्होंने कहा कि जीवन के दोनों पक्षों की उन्हें शिक्षा दी जाती तो इस तरह की स्थिति नहीं आती. खाली मिठाई खाने भी आदमी बीमार हो जाता है. इस लिए मनुष्य को सुख दुख दोनों का स्वाद लेना सीखना चाहिए.


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कथा व्यास श्रीकांत जी महाराज ने कहा कि प्रेम से बड़ा कुछ भी नहीं है. प्रेम से जीवन सुखी होता है. सब कुछ भगवान की मर्जी से चलता है. मनुष्य को नियति के साथ समझौता करना सीखना चाहिए. जीव जब अकड़कर चलता है तो भूल जाता है कि ईश्वर राजा को रंक और रंक को राजा बना सकता है. भगवान के आधार पर ही सब कुछ टिका हुआ है. इसी लिए हमें यह अनुभव करते रहना चाहिए कि मैं हूं श्री भगवान का मेरे श्री भगवान. मनुष्य के पास ऐसा कुछ भी नही कि जिस पर वह गर्व कर सके भगवान के भक्तों को भगवान के बिना बैकुंठ भी अच्छा नही लगता है. कथा के साथ साथ लोगों ने कोलकाता के भास्कर ग्रुप द्वारा मंचित नृत्य नाटिका का भी आनन्द लिया. नाटिका में मोर नत्य व फूलों की होली खेली गई.


मीडिया प्रभारी भारत भूषण गुप्ता व सुधीश गर्ग ने बताया कि कल कथा सुबह 10 बजे से 12 बजे तक होगी. कल कथा में सुदामा चरित्र एवं शुकदेव विदाई का प्रसंग बाल व्यास जी महाराज सुनायेंगे.

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