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धर्म शास्त्र है उसे शस्त्र नहीं बनना चाहिए : मोरारी बापू

 Sabahat Vijeta |  2016-12-01 11:45:25.0

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तहलका न्यूज़ ब्यूरो


लखनऊ. संत मोरारी बापू ने कहा है कि केन्द्र सरकार ने जिस तरह से एक ही झटके में नोटबंदी कर दी. उसी तरह से उसे एक ही झटके में गोवध पर भी रोक लगा देनी चाहिये. मोरारी बापू महानगर में राजधानी के पत्रकारों से मुखातिब थे. उन्होंने कहा कि सरकार के नैतिकता वाले फैसलों से समाज में बदलाव आयेगा. उन्होंने कहा कि वह परमात्मा से प्रार्थना करेंगे कि नोटबंदी का शुभ परिणाम आये.


बाबा रामदेव के बारे में सवाल उठा तो मोरारी बापू ने कहा कि बाबा ने योग को ग्रंथों से निकालकर लोगों के बीच पहुंचा दिया. योग को मैदान पर लाकर खड़ा कर दिया. जिसका लाभ आम लोगों को मिल रहा है. बाबा की स्वदेशी अपनाने की बात मोरारी बापू को बेहतर लगती है. उन्होंने सीमा पर तनाव के लिए पड़ोसी देशों को जिम्मेदार बताया. उन्होंने यह भी कहा कि भारत के जवान कदम तो उठा ही रहे हैं. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान हमारा पड़ोसी है लेकिन उससे भी वार्ता तो सुकून के माहौल में ही हो सकती है. उन्होंने कहा कि कहीं भी बातचीत गनों के बीच नहीं होती है.


नोटबंदी से उपजी समस्याओं के बीच हो रही शादियों में आ रही दिक्कतों पर बापू ने कहा कि शादी पारिवारिक प्रश्न है. पैसा तो हर संस्कारी काम में भी चाहिए होता है. कथा चल रही है. 50 हज़ार लोग सुनने आ रहे हैं. यहाँ भी पंडाल की ज़रुरत है. खानपान की ज़रुरत है. उन्होंने कहा कि आध्यात्मिक कामों में खर्च की सीमा घटाने की ज़रुरत है.


राम मंदिर पर सवाल उठा तो मोरारी बापू ने कहा कि राम मंदिर मामले में जो सर्व को मान्य हो वह फैसला करना चाहिए. राम सिर्फ हिन्दुओं के नहीं सबके हैं तो फिर फैसला भी सबको मिलकर लेना होगा. उन्होंने कहा कि हिन्दू-मुसलमान नहीं सब हिन्दुस्तानी हैं. सर्वजन हिताय-सर्वजन सुखाय की भावना से काम होना चाहिए.


मोरारी बापू से जब यह पूछा गया कि अपने विचारों को आगे बढ़ाने के लिए किस तरह के शिष्य तैयार कर रहे हैं तो उन्होंने कहा कि मेरा कोई शिष्य नहीं, मैं किसी का गुरु नहीं. मेले में अकेला हूँ. अकेले में मेला हूँ. धर्म को उन्होंने सत्य, प्रेम और करुणा का मिला-जुला रूप बताया. साथ ही मोरारी बापू ने यह भी कहा कि धर्म के निर्वाह के लिए जिस सत्य का निर्वाह किया जाए वह कटु नहीं होना चाहिए.


अहंकार से बचने की सलाह देते हुए बापू ने कहा कि अगर 6 घंटे की पूजा में भी अहंकार बना रहता है तो पूजा किसी काम की नहीं है. उन्होंने कहा कि धर्म शास्त्र है उसे शस्त्र नहीं बनना चाहिए.

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