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कानून-व्यवस्था बनाए रखना यूपी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता

 Sabahat Vijeta |  2016-05-14 16:52:43.0


  • नागरिकों को सुरक्षा देने तथा आपराधिक तत्वों के खिलाफ सख्ती से निपटने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध

  • शान्ति व्यवस्था को प्रभावित करने वाले तत्वों के खिलाफ सख्त कार्यवाही के निर्देश

  • हिस्ट्रीशीटर अपराधियों के मुकदमों को तेजी से निस्तारित कराकर सजा दिलाने के लिए अभियान चलाया जाए

  • मुख्यमंत्री ने ‘अपराधियों को सजा कराओ अभियान’ की समीक्षा की


Lucknow : Uttar Pradesh Chief Minister Akhilesh Yadav while addressing the press conference at CM's office in Lucknow on Thursday. PTI Photo by Nand Kumar (PTI10_16_2014_000050B)

लखनऊ. मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना प्रदेश सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। राज्य सरकार नागरिकों को सुरक्षा देने तथा आपराधिक तत्वों के खिलाफ सख्ती से निपटने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने शान्ति व्यवस्था को प्रभावित करने वाले तत्वों के खिलाफ सख्त कार्यवाही के निर्देश दिए हैं।


मुख्यमंत्री आज यहां अपने सरकारी आवास पर अभियोजन विभाग द्वारा संचालित ‘अपराधियों को सजा कराओ अभियान’ की समीक्षा कर रहे थे। ज्ञातव्य है कि यह अभियान मुख्यमंत्री के निर्देश पर चलाया गया था।


श्री यादव ने कहा कि जनता की रक्षा और अपराधियों को दण्ड दिलाना राज्य का प्रथम कर्तव्य होता है। उन्होंने बड़ी संख्या में मुल्जिमों को सजा कराये जाने पर संतोष जताते हुए इस तरह का अभियान आगे भी जारी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी जनपदों के हिस्ट्रीशीटर अपराधियों के मुकदमों को तेजी से निस्तारित कराकर सजा दिलाने के लिए अभियान चलाया जाए।


बैठक में महानिदेशक अभियोजन डॉ. सूर्य कुमार ने अवगत कराया कि यह अभियान 1 जुलाई, 2015 से 7 मई, 2016 तक चलाया गया। अभियान के दौरान 1 लाख 7  हजार अपराधियों की जमानत निरस्त करायी गई तथा 24 हजार 932 अपराधियों को उनके अपराध की सजा दिलायी गई। 27 अपराधियों को मृत्युदण्ड, 2,167 अपराधियों को आजीवन कारावास, 4,561 अपराधियों को 10 वर्ष या उससे अधिक की सजा, 1,974 हिस्ट्रीशीटर/सक्रिय अपराधियों को सजा करायी गई। इसके अलावा, 23,452 गम्भीर मुकदमे सत्र न्यायालय को सुपुर्द कराकर शुरू कराए गए। साथ ही, 377,192 सम्मन/वारण्ट तामील कराए गए। 2,02,190 गवाहों के बयान भी दर्ज कराए गए।


महानिदेशक अभियोजन ने यह भी बताया कि संगीन अपराधों में ‘बिना डरे, बिना बिके’ गवाही देने वालों को अभियोजन के दौरान विभाग की तरफ से सम्मानित किया गया। ज्यादा संख्या में मुकदमों के निस्तरण के लिए सम्मन/वारण्ट तामील की नियमित मॉनीटरिंग भी की जा रही है।


इस अवसर पर प्रमुख सचिव गृह देबाशीष पण्डा एवं पुलिस महानिदेशक जावीद अहमद मौजूद थे।

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