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अक्टूबर से प्रदेश की विद्युत आपूर्ति व्यवस्था में प्रभावशाली बदलाव आएगा: अखिलेश

 Sabahat Vijeta |  2016-04-12 17:40:14.0


  • ग्रामीण क्षेत्रों में 16, तहसील मुख्यालयों को 20, जिला मुख्यालयों को 22 तथा महानगरों को 24 घण्टे विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित होने लगेगी

  • वर्ष 2015-16 में 41 पारेषण उपकेन्द्र ऊर्जीकृत किए गए, मार्च, 2016 में 9 पारेषण उपकेन्द्र ऊर्जीकृत किए गए


akhi2लखनऊ, 12 अप्रैल. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा है कि माह अक्टूबर, 2016 से प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों को 16 घण्टे तथा महानगरों को 24 घण्टे की सुचारु विद्युत आपूर्ति हर हाल में सुनिश्चित किए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि इससे जहां प्रदेश में उद्योग-धन्धों एवं कृषि कार्य को पर्याप्त बिजली मिलेगी, वहीं राज्य के ग्रामीण एवं नगरीय क्षेत्र रौशन होंगे। उन्होंने कहा कि गुणवत्तापरक विद्युत आपूर्ति के लिए विभाग की संचालित परियोजनाओं को शीघ्र पूरा किया जाए। साथ ही, श्री यादव ने भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए नई परियोजनाओं पर भी काम किए जाने के निर्देश दिए हैं।


यह जानकारी देते हुए शासन के प्रवक्ता ने आज यहां बताया कि माह मुख्यमंत्री के निर्देशों के क्रम में अक्टूबर, 2016 से ग्रामीण क्षेत्रों में 16 घण्टे, तहसील मुख्यालयों को 20 घण्टे, जनपद मुख्यालयों को 22 घण्टे तथा महानगरों को 24 घण्टे विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित होने लगेगी। इसके लिए राज्य सरकार बड़े पैमाने पर विद्युत उत्पादन, पारेषण एवं वितरण क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं का विकास कर रही है।


प्रवक्ता ने बताया कि माह मार्च, 2016 में 09 पारेषण विद्युत उपकेन्द्रों को ऊर्जीकृत किया गया। इनमें ग्रेटर नोएडा, जनपद गौतमबुद्धनगर में 765 के.वी., जनपद बुलन्दशहर के सिकन्दराबाद में 400 के.वी., जनपद लखीमपुर खीरी के निघासन में 220 के.वी., जनपद उन्नाव के मौरावां में 132 के.वी., जनपद जालौन के उरई में 132 के.वी., जनपद औरैया में 132 के.वी., जनपद संतकबीरनगर के नाथनगर में 132 के.वी., जनपद कौशाम्बी के भरवारी में 132 के.वी. तथा जनपद हापुड़ के पिलखुआ में 132 के.वी. के उपकेन्द्र स्थापित किए गए हैं। इससे इन जनपदों के विभिन्न क्षेत्रों की विद्युत व्यवस्था में गुणात्मक बदलाव आएगा।


इन उपकेन्द्रों के ऊर्जीकृत होने से अतिभारिता में कमी आएगी तथा जनपदों में लो-वोल्टेज की समस्या से निदान मिलेगा और विद्युत आपूर्ति में सुधार होगा। गौतमबुद्धनगर के 765 के.वी. ग्रेटर नोएडा उपकेन्द्र के ऊर्जीकृत हो जाने से प्रदेश के पूर्वी भाग में स्थित बारा तापीय परियोजना की उत्पादित ऊर्जा को प्रदेश के पश्चिमी क्षेत्र तक पारेषित करने में मदद मिलेगी।


जनपद बुलन्दशहर के सिकन्दराबाद उपकेन्द्र से प्रदेश के पूर्वी भाग में स्थित बारा तापीय परियोजना से उत्पादित ऊर्जा के प्रदेश के पश्चिमी क्षेत्र तक निम्न विभव पर पारेषण एवं पारेषित ऊर्जा को जनपद बुलन्दशहर की विद्युत आपूर्ति सुदृढ़ करने में सहायता मिलेगी। इसी प्रकार 220 के.वी. निघासन उपकेन्द्र से 220 के.वी. सीतापुर उपकेन्द्र एवं 132 के.वी. लखीमपुर-सीतापुर लाइन की अतिभारिता में कमी आएगी। जनपद लखीमपुर खीरी में खासतौर पर धौरहरा, पलिया इत्यादि क्षेत्रों के वोल्टेज में सुधार आएगा, जिससे सुदृढ़ विद्युत आपूर्ति हो सकेगी।


जनपद उन्नाव के मौरावा पारेषण उपकेन्द्र के ऊर्जीकरण से 132 के.वी. सोनिक एवं 132 के.वी. एसजीपीजीआई की अतिभारिता में कमी आएगी। पुरवा तहसील के मौरावां इत्यादि क्षेत्रों को सुदृढ़ विद्युत आपूर्ति के साथ वोल्टेज में सुधार आएगा। जनपद जालौन के 132 केवी कोंच, उरई उपकेन्द्र के ऊर्जीकरण से अतिभारिता में कमी आएगी और तहसील कोंच की लो-वोल्टेज समस्या के निराकरण में भी सहायता मिलेगी।


इसके अलावा, जनपद औरैया के 132 के.वी. उपकेन्द्र के चालू होने से डिबियापुर उपकेन्द्र की अतिभारिता में कमी आएगी और औरैया जनपद मुख्यालय के वोल्टेज में सुधार भी आएगा। जनपद संतकबीरनगर के 132 के.वी. के नाथनगर उपकेन्द्र के ऊर्जीकृत होने से खलीलाबाद उपकेन्द्र की अतिभारिता में कमी आएगी और तहसील धनघटा को बेहतर विद्युत आपूर्ति हो सकेगी। जिले के 132 के.वी. भरवारी उपकेन्द्र के चालू हो जाने से सिराथू उपकेन्द्र की अतिभारिता में कमी आएगी और जनपद कौशाम्बी के उत्तरी क्षेत्र को सुदृढ़ विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित कराई जा सकेगी। जनपद हापुड़ के 132 के.वी. उपकेन्द्र के ऊर्जीकरण से डासना उपकेन्द्र की अतिभारिता में कमी आएगी और पिलखुआ खासतौर पर औद्योगिक क्षेत्र को बढ़ी हुई आपूर्ति का लाभ मिलेगा।


प्रवक्ता ने कहा कि राज्य सरकार विद्युत विभाग की बुनियादी सुविधाओं से सम्बन्धित परियोजनाओं को तेजी से पूरा कराने के लिए कटिबद्ध है। उन्होंने कहा कि वित्तीय वर्ष 2015-16 में 765 के.वी. का एक, 400 के.वी. के चार, 220 के.वी. के सात एवं 132 के.वी. के 29 उपकेन्द्रों (कुल 41 उपकेन्द्रों) का ऊर्जीकरण सुनिश्चित करवाया जा चुका है।

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