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मोदी सरकार ने तोड़ी 92 साल पुरानी यह परंपरा

 Vikas Tiwari |  2016-09-21 14:06:24.0

 बजट

नई दिल्ली. केंद्र सरकार ने बुधवार को रेल बजट को आम बजट से अलग पेश करने की 92 साल पुरानी परंपरा को समाप्त कर दोनों का एकीकरण कर दिया है। इसके साथ ही योजना और गैर योजना मद में व्यय के अंतर को भी समाप्त कर दिया गया है। इसके साथ ही बजट प्रस्तुत करने का दिन हर साल एक फरवरी को करने का प्रस्ताव है। अब तक बजट फरवरी के अंत में प्रस्तुत किया जाता रहा है।

केंद्रीय वित्तमंत्री अरुण जेटली ने यहां मंत्रिमंडल की बैठक के बाद कहा, "आनेवाले सालों में रेल बजट को आम बजट के साथ ही प्रस्तुत किया जाएगा। अब केवल एक बजट होगा। इसके साथ ही अगले साल से योजनागत व्यय और गैर योजनागत व्यय के अंतर को भी समाप्त कर दिया गया है।"


जेटली ने कहा कि पिछले कई सालों से आम बजट का व्यय रेलवे से अधिक हो गया है और रक्षा मंत्रालय का व्यय भी रेलवे से अधिक है, लेकिन उसे आम बजट के साथ ही पेश किया जाता है।

रेल बजट को आम बजट में मिलाने का प्रस्ताव रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने रखा और नीति आयोग के सदस्य बिवेक देवरॉय ने इसका समर्थन किया। उन्होंने इसके अलावा योजनागत व्यय और गैरयोजनागत व्यय को एक साथ मिलाने का प्रस्ताव दिया।

जेटली और प्रभु दोनों ने ही स्पष्ट किया है कि भारतीय रेलवे की अलग पहचान कायम रखी जाएगी, जिसमें बजटीय साधनों से संसाधन जुटाने की स्वतंत्रता भी शामिल है।

जेटली ने कहा, "रेलवे की कार्यात्मक स्वायत्तता को बरकरार रखा जाएगा। रेलवे की अलग पहचान बनी रहेगी। अतिरिक्त बजटीय संसाधनों का लाभ उठाने का हमारा प्रयास जारी रहेगा।"

वहीं, बजट प्रस्तुत करने की नई तिथियों के बारे में जेटली ने कहा कि इसे पहले ही प्रस्तुत किया जाएगा। सरकार चाहती है कि वित्त विधेयक 31 मार्च से पहले पारित कर दिया जाए। लेकिन बजट की तारीखें विभिन्न राज्यों के चुनाव की तारीखों को देखते हुए निर्धारित की जाएंगी।

गैर योजनागत व्यय में सरकार तथाकथित गैरउत्पादक क्षेत्रों में किए जानेवाले खर्च को शामिल करती है, जिनमें वेतन, सब्सिडी, कर्ज और ब्याज आदि होते हैं। वहीं, योजनागत व्यय में उत्पादक कार्यो के लिए व्यय का प्रबंध किया जाता है, जिसमें विभिन्न मंत्रालयों की परियोजनाएं शामिल होती है।

वित्त मंत्रालय के अधिकारियों ने बताया कि योजना आयोग के उन्मूलन के बाद योजनागत व्यय और गैरयोजनागत व्यय की प्रासंगिकता खो गई है।


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