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..तो मायावती के खिलाफ चुनाव लड़ेंगी स्वाती सिंह !

 Sabahat Vijeta |  2016-08-07 16:52:04.0

लखनऊ स्थित प्रेस क्लब में जमानत पर रिहा होने के बाद पत्रकारों से वार्ता करते दया शंकर सिंह साथ में पत्नी स्वाति सिंह ।

तहलका न्यूज़ ब्यूरो 


लखनऊ. दयाशंकर के बसपा सुप्रीमो मायावती को लेकर दिये गये विवादित बयान के बाद आये सियासी तूफ़ान में खुद मायावती, बसपा नेता नसीमुद्दीन और बसपा कार्यकर्ताओं द्वारा दयाशंकर सिंह की माँ, पत्नी, बहन और बेटी को लेकर दिये गए विवादित बयान के बाद स्वाती सिंह ने मायावती और बसपा के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था. दयाशंकर की रिहाई के बाद आज स्वाती की तरफ से यह एलान भी हो गया कि अगर मायावती विधानसभा चुनाव लड़ेंगी तो स्वाती उनके मुकाबले में उम्मीदवार बनेंगी.


मायावती पर दयाशंकर की विवादित टिप्पड़ी के बाद भाजपा बैकफुट पर आ गई थी. दयाशंकर को उपाध्यक्ष से हटाने के बाद उन्हें पार्टी से भी निकाल दिया गया था लेकिन अगले ही दिन बसपा ने हजरतगंज चौराहे पर जिस तरह के शर्मनाक नारे लगाये और उन नारों के खिलाफ उठी दयाशंकर की पत्नी स्वाती की आवाज़ को मिले जनसमर्थन के बाद भाजपा को जैसे संजीवनी मिल गई. भाजपा ने भी स्वाती के समर्थन में बेटी के सम्मान में भाजपा मैदान में का नारा देकर कमर कस ली.


दयाशंकर बक्सर में गिरफ्तार होने के बाद मऊ जेल भेजे गये थे. मऊ से ज़मानत पर रिहा होने के बाद दयाशंकर सिंह ने आज लखनऊ में यह स्पष्ट कर दिया कि अब लड़ाई उनकी नहीं बल्कि उनकी पत्नी की लड़ाई है. पत्नी ने जिन सवालों को उठाया है वह उसके साथ हैं और साथ में संघर्ष करेंगे. दयाशंकर सिंह ने स्वाती की मौजूदगी में मायावती को चुनौती दी कि यूपी की किसी भी विधानसभा से चुनाव लड़ लें. स्वाती उनके मुकाबले में चुनाव लड़ेंगी.






दयाशंकर बोले, मैं आज फिर से कहता हूं कि मायावती टिकट बेचती हैं। उस दिन भी मैंने यही कहा था लेकिन मेरा उदाहरण गलत था। उसके लिए मैं पहले ही माफी मांग चुका हूं।

मऊ जेल से छूटने के बाद लखनऊ आए दयाशंकर सबसे पहले अपने घर पर अपनी बेटी व मां से मिले। इसके बाद पत्नी स्वाति सिंह के साथ उन्होंने पत्रकार वार्ता की। उन्होंने कहा कि मैंने जो भी बोला, उसके लिए मुझे पहले उपाध्यक्ष पद से हटाया गया। फिर पार्टी से निष्कासित कर दिया गया। मेरे खिलाफ एफआईआर हुई और मैं जेल भी गया।

यह लड़ाई मेरे व मायावती के बीच थी, लेकिन उनके नेता नसीमुद्दीन व रामअचल राजभर ने लाउडस्पीकर से जिस तरह का व्यवहार मेरी नाबालिग बेटी, बूढ़ी मां व पत्नी के साथ किया, उसे सभी ने देखा।






दयाशंकर ने कहा कि राज्य सरकार ने मेरी गिरफ्तारी के लिए इस तरह की व्यवस्था की थी जैसे दाऊद इब्राहिम को पकड़ना हो। मेरी गिरफ्तारी के लिए एसटीएफ भी लगाई गई थी। 15 गाड़ियां व 60 पुलिस वाले थे।





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