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स्वाती सिंह ने पूछा, क्या लोकतंत्र में चेहरा देखकर तय होगा अपराध

 Sabahat Vijeta |  2016-08-03 16:48:32.0

लखनऊ स्थित प्रेस क्लब में पत्रकारों से वार्ता करती स्वाती सिंह

तहलका न्यूज़ ब्यूरो


लखनऊ. भारतीय जनता पार्टी के पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष दयाशंकर सिंह की पत्नी स्वाती सिंह ने आज उत्तर प्रदेश प्रेस क्लब में यह सवाल उठाया कि बाबा साहब डॉ. भीमराव अम्बेडकर ने जब सभी के लिए एक सामान कानून बनाया तो फिर लोकतंत्र में बाज़ार की तरह सबकी कीमत अलग अलग क्यों तय की जा रही है. उन्होंने कहा कि दयाशंकर सिंह के खिलाफ जो कार्यवाही हुई वह कानून सम्मत है तो फिर बसपा नेताओं के खिलाफ वही कार्यवाही क्यूँ नहीं हुई.


उन्होंने कहा कि मायावती के खिलाफ बोले गए शब्द पर उत्तर प्रदेश की पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की और अब दयाशंकर सिंह के परिवार के खिलाफ बोले गए आपतिजनक शब्द पर कार्रवाई नहीं की जा रही है. बसपा नेताओं की गाली-गलौज की शिकार दयाशंकर सिंह की बूढी मां और 12 साल की बेटी भी शामिल हैं. ऐसे में अभियुक्तों के खिलाफ कार्रवाई क्यूँ नहीं की जा रही है. उन्होंने पूछा कि जो पार्टी और नेता सत्ता में आने की बात करते हैं उनकी इतनी घृणित मानसिकता है और शासन और प्रशासन उन पर मौन हैं.


स्वाती सिंह ने कहा कि लोकतंत्र में सरकार न्याय दे या ना दे मैं इस देश की जनता से न्याय मांगती हूँ. हमें देश की जनता से न्याय की उम्मीद है. उन्होंने पूछा कि क्या मायावती मेरी इस न्याय की लड़ाई में मेरा साथ देंगी. मैं अपने इस परिवार की लड़ाई को लोकतंत्र में ऊर्जा देने वाली महान जनता के बीच में रहकर लडूंगी. मायावती से हमें इस बात की उम्मीद नहीं थी कि वह चौराहों पर शर्मिन्दा करेंगी. हमारा परिवार इससे बहुत आहत है, हम स्वयं इस लड़ाई को आप सब के सहारे लड़ रहे हैं और अंतिम समय तक लड़ते रहेंगे.

स्वाती सिंह ने बसपा नेताओं और उसके द्वारा घोषित विधान सभा चुनाव के प्रत्याशियों का सामाजिक बहिष्कार करने की अपील करते हुए कहा कि जब तक मेरी 70 वर्षीय बूढी मां और 12 साल की बेटी को अपमानित करने वालों पर कार्रवाई नही हो जाती और बीएसपी की मुखिया मायावती नैतिकता के आधार पर माफी नहीं मांग लेतीं तब तक हमारा संघर्ष देश की महान जनता के सहयोग से जारी रहेगा. जिस मायावती ने नैतिकता का हवाला देते हुए बीजेपी से कार्रवाई की मांग की अब वही मायावती अपने आपतिजनक बयान देने वाले नेताओं पर कार्रवाई करने के बजाय उनके समर्थन में खडी हैं.

बीएसपी नेता नसीमुद्दीन सिद्दीकी, मेवालाल गौतम समेत कई बसपा नेताओं ने हजरतगंज चौराहे पर जो कृत्य किया वह गंभीर कानून उल्लंघन है वह  राष्ट्रीय सुरक्षा कानून 1980 की धारा 3 (2) के अंतर्गत आता है. क्यूंकि किसी व्यक्ति या समूह के कृत्या द्वारा लोक शांति/लोक व्यवस्था भंग होने की आशंका या लोक शांति भंग होने पर इस कानून के तहत आता है.

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