Breaking News
  • Breaking News Will Appear Here

सर्जिकल स्ट्राइक सरकार का देर में उठाया सही क़दम : मायावती

 Sabahat Vijeta |  2016-09-30 16:14:03.0

mayavati


लखनऊ. बसपा सुप्रीमो और उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने देश की अन्तर्राष्ट्रीय सीमा को हर प्रकार से सुरक्षित बनाने और सेना को आधुनिक उपकरणों से सुसज्जित करने की मांग करते हुये कहा कि देश की एकता और अखण्डता को कभी कोई ख़तरा नहीं पैदा हो, इसके इंतजाम ज़रूरी हैं. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के साथ-साथ हमारे देश को हर पड़ोसी देशों से मिलती हुई सीमा को सुरक्षित किया जाना चाहिए.


मायावती ने आज लखनऊ में जारी बयान में कहा कि पाकिस्तान के साथ नियंत्रण रेखा के भीतर आतंकी कैम्पों पर सेना को कार्रवाई करने की अनुमति देना सही लेकिन देर से उठाया गया क़दम है. उन्होंने कहा कि इस बारे में अपने देश की जनता की आम धारणा तो यही है कि पूर्ववर्ती सरकारों की विफलताओं के मद्देनजर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सरकार को सरहद पार की आतंकी गतिविधियों की रोकथाम के लिये वहाँ स्थापित आतंकी शिविरों को नष्ट करने की कार्रवाई काफी पहले करनी चाहिये थी.


उन्होंने कहा कि जनवरी में जब पंजाब के पठानकोट स्थित वायुसेना के हवाई अड्डे पर आतंकी हमला हुआ था उसके फौरन बाद ही प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सरकार अगर सेना को आतंकी कैम्पों पर हमले की अनुमति दे देती तो बहुत संभव था कि 18 सितम्बर की उरी की अत्यन्त ही दुःखद व दुर्भाग्यपूर्ण घटना घटती ही नहीं और हमारे 18 वीर सैनिक बलिदान होने से बच जाते.


बसपा सुप्रीमो मायावती ने कहा कि भारतीय सेना बधाई की पात्र है कि उसने सरहद पार करके वहाँ चलने वाले आतंकी कैम्पों को नष्ट कर दिया और उन्हें काफी जानी-माली नुकसान भी पहुंचाया और इस प्रकार सेना ने अपना वह वायदा पूरा कर दिया है जो उरी की अत्यन्त ही दुःखद व अप्रिय घटना के बाद देशवासियों से किया था.


परन्तु भाजपा व उसकी केन्द्र की सरकार तथा ख़ासकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सरकार के लिये यह न तो अति-उत्साहित होकर जश्न मनाने का समय है और न ही इस बारे में राजनीतिक व चुनावी लाभ लेने का ग़लत प्रयास करने की जरूरत है, क्योंकि ख़ासकर वर्तमान घटनाक्रम के बाद देश के समक्ष चुनौतियों का ख़तरा काफी ज़्यादा बढ़ गया है. देश की सुरक्षा के साथ-साथ नागरिकों की सुरक्षा के लिये भी काफी सावधान रहना जरूरी है.


इस बारे में ख़ासकर भारत की पाकिस्तान सहित सभी अन्तर्राष्ट्रीय सीमाओं को हर प्रकर से मज़बूत बनाने की तरफ ध्यान देने की तत्काल आवश्यकता है, जिसकी तरफ वर्तमान सरकार ने अपने ढाई साल के कार्यकाल के दौरान बहुत ही कम ध्यान दिया है, जिस कारण ही देश में आतंकी गतिविधियां लगातार जारी रही हैं व आमजनता के साथ-साथ अपने देश के सैनिकों की भी जानें गयी हैं.


उन्होंने कहा कि केन्द्र की वर्तमान सरकार को भारत-पाक के सम्बन्ध में व ख़ासकर सीमा की सुरक्षा के बारे में अब अपनी पुरानी ढुलमुल नीति त्याग कर सेना को देशहित में अपना काम करते रहने की छूट दे देनी चाहिये और उसे कूटनीतिक स्तर पर अपनी जिम्मेदारी और भी ज़्यादा तत्परता से निभाने का प्रयास करते रहना चाहिये.


भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के इस दावे को कि वर्तमान घटनाक्रम के परिप्रेक्ष्य में ’नये भारत का उदय हुआ है’ को राजनीति से प्रेरित जल्दबाज़ी का बयान बताते हुये मायावती ने कहा कि देश की अन्तर्राष्ट्रीय सीमा को पूरी तरह से सुरक्षित बनाने के साथ-साथ अपने सैनिकों व आम नागरिकों को ख़ासकर आतंकी ख़तरों से बचाने के लिये अभी बहुत कुछ ठोस व जरूरी बुनियादी काम करना बाक़ी है. इसलिये स्वयं को ऐसी शाबाशी लेने की जल्दबाज़ी व नादानी भाजपा एण्ड कम्पनी के लोगों को नहीं करनी चाहिये.


मायावती ने कहा कि भाजपा को यह नहीं भूलना चाहिये कि इन्हीं सब कारणों से सीमावर्ती जम्मू-कश्मीर राज्य के ख़ासकर कश्मीर घाटी क्षेत्र में भी हालात लगातार बद-से-बदतर होते चले जा रहे हैं, जो कि अब भी वहाँ लगातार जारी है और देश के लोगों को यह चिन्तित किये हुये हैं.


इसके साथ ही, यह ख़ासकर केन्द्र की भाजपा सरकार व जम्मू-कश्मीर की भाजपा-पी.डी.पी. गठबंधन सरकार की ग़लत सोच व नीतियों का परिणाम नहीं तो और क्या है कि सेना को, भारत-पाक सीमा पर प्रभावी ढंग से तैनात करके व उन्हें हर प्रकार के आधुनिक उपकरणों से सुसज्जित करके आतंकियों की घुसपैठ को नाकाम करने की क्षमता देने के बजाय, सेना को कश्मीर में अपने ही नागरिकों की निगरानी करने के लिए लगा दिया गया, जिस ग़लत फैसले को फिर बाद में बदलना पड़ा था.

Tags:    

  Similar Posts

Share it
Share it
Share it
Top