Breaking News
  • Breaking News Will Appear Here

2000 सीसी और ऊपर की डीजल कारों पर बैन 6 महीने के लिए बढ़ा

 Tahlka News |  2016-03-31 15:03:38.0

a1तहलका न्यूज ब्यूरो
नई दिल्ली, 31 मार्च. राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली में 2000 सीसी इंजन क्षमता तथा इससे ऊपर की डीजल एसयूवी और कारों के रजिस्ट्रेशन पर लगे प्रतिबंध को सुप्रीम कोर्ट छह माह के लिए और बढ़ा दिया। कोर्ट ने प्रतिबंध बढ़ाते हुए संकेत दिया कि ऐसी कारों की खरीद पर एक मुश्त प्रदूषण सेस लगाया जा सकता है जो कार की कीमत का 10 से 15 फीसदी तक हो सकता है।


जस्टिस टीएस ठाकुर की अध्यक्षता वाली विशेष पीठ ने गुरुवार को डीजल कार डीलर्स एसोसिएशन से कहा कि डीजल एक प्रदूषक ईंधन है, इसके बारे में कोई संदेह नहीं है। बड़ी कारों पर बैन हटाने का आग्रह कर रहे एसोसिएशन से कोर्ट ने कहा कि डाक्टर ने नहीं बताया है कि आदमी डीजल की कार में ही चले। क्या इससे ब्लड पे्रशर या शुगर कम हो जाती है। आखिर आपको क्यों दूसरे लोगों के जीवन को कष्टदायक बनाने की अनुमति जाए। यदि आप ऐसा करते हैं तो आपको कुछ तो चुकाना ही चाहिए। एसोसिएशन ने जब बताया कि बड़ी कारें ज्यादा इंधन कुशल हैं तो कोर्ट ने पलट कर सवाल किया कि 50 लाख की कार चलाने वाला व्यक्ति यह कार उसकी ईंधन कुशलता देखकर नहीं खरीदता।


यह कारें सुपररिच और कारपोरेट के लोग खरीदते हैं जिन्हें 50 लाख की कार पर पांच लाख रुपये का प्रदूषण सेस देने में कोई आपत्ति नहीं होगी। आप यह सब मत बताइये, आखिर आप भी जब एसोसिएशन की पैरवी करके बाहर निकलेंगे तो आपको को भी वही हवा का सामना करना पड़ेगा जो दूसरे कर रहे हैं। इसलिए कारों के सैल्समैन मत बनिये वातावरण का भी ध्यान रखिए। कोर्ट ने बैन विस्तारित करने के आदेश केसाथ ही दिल्ली एनसीआर में टैक्सियों को सीएनजी में तब्दील करने के लिए एक माह का समय और दे दिया। अब यह समय सीमा 30 अप्रैल तक होगी। सुप्रीम कोर्ट ने गत 16 दिसंबर को डीजल पीने वाली लक्जरी कारों जिनकी इंजन क्षमता 2000 सीसी या उससे ऊपर है की खरीद पर 31 मार्च तक बैन लगा दिया था। कोर्ट ने दिल्ली में ट्रकों की आवाजाही पर भी रोक लगा दी थी और इनके दिल्ली में घुसने पर सेस लगा दिया था।


कंजेस्चन सेस भी लगाया जा सकता है
कोर्ट ने कहा कि बड़ी कारें पार्किंग में ज्यादा जगह झघेरती हैं और दिल्ली में जगह की कमी है। उन्होंने कहा कि यहां तक कि वकील वड़ी कारों में सुप्रीम कोर्ट आते हैं इसलिए इन पर कंजेस्चन टैक्स लगाया जाना चाहिए। इस मुद्दे पर अगली सुनवाई में वचिार होगा।


प्रदूषण सेस में 152 करोड़ रुपये वसूले


सुनवाई के दौरान कोर्ट को बताया गया कि हरियाणा और यूपी ने मिलकर दिल्ली में आने वाले चार लाख ट्रकों को दूसरे मार्गों पर भेजा है। वहीं जिन्होंने दिल्ली आना चाहा है उनसे फरवरी के अंत तक 152 करोड़ रुपये का प्रदूषण सेस वसूला गया है। इस दौरान यूपी ने 2831 ट्रकों को डाइवर्ट किया है।


शनिवार को की जा सकती है सुनवाई
कोर्ट ने कार डीलर्स एसोसिएशन से कहा कि उनकी सुनवाई की जाएगी और यदि वे चाहे तो उन्हें शनिवार को भी सुना जा सकता है। इस पर सभी ने सहमति जताई। कोर्ट ने उनसे कहा कि वह अपनी आपत्तियों को श्रेणीवार कर लें और उनका एक चार्ट बनाकर दें जिससे सुनवाई में कम समय लगे

Tags:    

  Similar Posts

Share it
Share it
Share it
Top