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ALERT: तीन लाख से अधिक राज्यकर्मी हड़ताल पर, ये सेवाएं रहेंगी प्रभावित

 Abhishek Tripathi |  2016-09-02 02:21:21.0

strike-trade_unionतहलका न्यूज ब्यूरो
लखनऊ. सातवें वेतन आयोग में कर्मचारी विरोधी नीतियों पर एकजुट राज्यकर्मी शुक्रवार को हड़ताल पर रहेंगे। अखिल भारतीय राज्य कर्मचारी महासंघ के आवाहन पर एक दिवसीय हड़ताल को उत्तर प्रदेश राज्य कर्मचारी महासंघ ने समर्थन दिया है।


हड़ताल के दौरान राज्यकर्मी कोई काम नहीं करेंगे। जिससे सरकार को आर्थिक नुकसान झेलना पड़ेगा। गेट सभायें कर मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा जायेगा। अध्यक्ष कमलेश मिश्र और प्रवक्ता सीपी श्रीवास्तव ने बताया कि देश भर में करीब दस लाख से अधिक राज्य कर्मी हड़ताल में शामिल हो रहे हैं। राज्य के करीब तीन लाख से अधिक कर्मचारी केन्द्र व राज्य सरकार की कर्मचारी विरोधी नीतियों के खिलाफ शुक्रवार को कोई काम नहीं करेंगे।


उधर, उत्तर प्रदेश राज्य कर्मचारी महासंघ का दूसरा गुट भी हड़ताल में शामिल हो गया है। अध्यक्ष अजय सिंह ने बताया कि हड़ताल में पांच लाख संविदा व मानदेय आधारित कर्मचारी भी भागीदारी करेंगे। मुख्य रूप से पुरानी पेंशन बहाली, संविदा व मानदेय कर्मचारी को न्युनतम वेतन 18000 रुपए दिये जाने और सरकारी कर्मचारी को न्युनतम वेतन 26 हजार रुपए दिये जाने की मांग की जाएगी।


मुख्य मांगे


1. केंद्र-राज्य कर्मचारियों की पुरानी पेंशन बहाल करने की मांग।


2. सभी कर्मचारियों को न्यूनतम वेतन 18 हजार करने की मांग।


3. केंद्र और राज्य में ठेका प्रथा बंद कर नियमित करने की मांग।


4. केंद्र और राज्य में खाली पदों पर जल्द भर्ती करने की मांग।


5. सातवें वेतन आयोग की विसंगतियों को दूर करने की मांग।


6. केंद्र, राज्य के कर्मचारियों को एक समान वेतन-भत्ते की मांग।


7. महंगाई, खाद्य पदार्थों के वायदा कारोबार पर रोक की मांग।


8. केंद्र से रेल रक्षा बीमा में विदेशी निवेश पर रोक की मांग।


9. श्रम कानूनों को देश में सख्ती से लागू करने की मांग।


अखबारों के हॉकर्स की हड़ताल
लखनऊ में अखबारों के दफ्तरों में कोहराम जारी है। न्यूज पेपर्स प्रबंधन और हॉकर्स एसोसिएशन में वार्ता विफल होने पर लखनऊ में हॉकर्स ने न्यूज पेपर्स को लेकर हड़ताल की है1 हॉकर्स ने प्रति न्यूज पेपर 1.50 रुपए कमीशन मांगा है जबकि न्यूज पेपर्स प्रबंधन बढ़ा हुआ कमीशन देने को राजी नहीं है। बातचीत से रास्ता नहीं निकलने पर शुक्रवार को भी हॉकर्स ने अखबार नहीं बांटा।

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