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मायावती से मेरी पत्नी व बेटी के अपमान का बदला लेगा सर्वसमाज : दयाशंकर

 Sabahat Vijeta |  2016-08-09 13:58:08.0

Dayashankar



विद्या शंकर राय 


लखनऊ| राजनीति में गाली-गलौज वाले युग का सूत्रपात करने के कारण भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से निष्कासित उत्तर प्रदेश इकाई के पूर्व उपाध्यक्ष दयाशंकर सिंह का कहना है कि बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की मुखिया मायावती 'सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय' का ढोंग करती हैं।


उन्होंने मंगलवार को आईएएनएस से विशेष बातचीत में कहा, "सर्वसमाज ने मायावती की असलियत को पहचान लिया है और यह समाज अगले वर्ष होने वाले विधानसभा चुनाव में मेरी पत्नी व बेटी के साथ हुए अपमान का बदला मायावती से जरूर लेगा।"


हाल ही में मऊ जेल से छूटे दयाशंकर ने एक सवाल के जवाब में कहा, "मायावती सर्वजन की बात करती हैं, और उनके नेता मेरी पत्नी और बेटी के खिलाफ ऐसे शब्दों का इस्तेमाल करते हैं, जिन्हें नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। हां, मुझसे गलती हुई। मुझे मायावती के खिलाफ ऐसे शब्दों का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए था।"


पूर्व भाजपा नेता ने कहा कि मायावती बड़ी नेता हैं। उन्हें अपना दिल भी बड़ा रखना चाहिए। उन्होंने कहा, "इस प्रकरण के सामने आने के बाद मैंने तुरंत माफी मांग ली थी। इस मुद्दे को वहीं खत्म कर देना चाहिए था, लेकिन उनके नेताओं व कार्यकर्ताओं ने दो कदम आगे जाकर मेरी पत्नी और बेटी के लिए अपमाजनक शब्दों का प्रयोग किया।"


दयाशंकर सिंह ने कहा, "देखिए, सही मायने में मायावती उप्र में अपना वजूद बचाने के लिए संघर्ष कर रही हैं। मेरे अलावा उनके पास कोई मुद्दा नहीं है। इसीलिए वह इस मामले को लंबा खींचने का प्रयास कर रही हैं। वह इस मुद्दे पर राजनीति करना चाहती हैं।"


सिंह ने कहा, "मायावती जिन शब्दों को लेकर मेरे ऊपर हमला कर रही हैं, वही शब्द उनकी पार्टी के नेता नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने मेरी पत्नी और बेटी के लिए कहे। वह अपने नेता के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं कर रहीं। उप्र में सैकड़ों दलित महिलाओं के साथ अत्याचार हो रहा है। महिलाएं कितनी बार सड़कों पर उतरी हैं? वह दलितों को सिर्फ वोट के लिए भुनाना चाहती हैं।"


यह पूछे जाने पर कि उन्होंने पत्नी स्वाती सिंह के खिलाफ मायावती को चुनाव लड़ने की चुनौती क्यों दी, तो दयाशंकर ने कहा, "मायावती हमेशा कहती हैं कि वह सर्वजन हिताय और सर्वजन सुखाय की बात करती हैं। मैंने तो यही कहा है कि उप्र में 403 विधानसभा सीटों में से कोई भी सामान्य सीट चुन लें और वहां स्वाती सिंह उनके खिलाफ चुनाव लड़ेंगी। अगर सर्वसमाज वाकई में उन्हें पसंद करता है तो उनकी स्वीकार्यता का भी पता चल जाएगा।"


पार्टी में वापसी की संभावनाओं के बारे में पूछे जाने पर दयाशंकर सिंह ने भावुक होकर कहा, "मैं विधायक या सांसद बनने के लिए भाजपा में शामिल नहीं हुआ था। मुझे उसकी विचारधारा से लगाव था, इसीलिए मैं जुड़ा था। 23 वर्षो की तपस्या की वजह से मैं पार्टी में कई अहम पदों पर रहा। अगर पार्टी मेरी वापसी पर विचार करती है, तो यह खुशी की बात होगी।"


ज्ञात हो कि दयाशंकर सिंह ने मायावती के खिलाफ अभद्र टिप्पणी की थी, जिसके बाद भाजपा ने उन्हें 6 वर्ष के लिए पार्टी से बाहर कर दिया था। वहीं दूसरी ओर उनके खिलाफ एससी-एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर मऊ की अदालत में पेश किया था। यहां एक दिन उन्हें जेल में रहना पड़ा। अदालत ने 50-50 हजार रुपये के निजी मुचलके पर उन्हें जमानत दे दी है।

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